प्रेस नोट

13 मार्च 2026

2000 करोड़ की योजना से सुदृढ़ होगा प्रदेश का पेयजल ढांचा : अग्निहोत्री

ऊना, 13 मार्च.उपमुख्यमंत्री एवं जलशक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता सुधारने और जल शुद्धिकरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये की व्यापक योजना लागू की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के बंगाणा में आयोजित जनसभा में इस महत्वाकांक्षी पहल की घोषणा करने के लिए उनका आभार जताया।
अग्निहोत्री ने कहा कि प्रस्तावित योजना के तहत आधुनिक तकनीक आधारित जल शुद्धिकरण प्रणालियां स्थापित की जाएंगी, जिससे प्रदेशवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा तथा जलजनित बीमारियों में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि जलशक्ति विभाग इस योजना को चरणबद्ध ढंग से लागू करेगा।
उपमुख्यमंत्री बंगाणा में मुख्यमंत्री द्वारा लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से लठियाणी और धुंदला क्षेत्र की विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं के संवर्धन कार्य के शिलान्यास के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से बुधान, चमयाड़ी, डियुंगली, लठियाणी और तनोह पंचायतों के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ऊना जिला में पेयजल और सिंचाई से संबंधित लगभग 1000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में लगभग 121 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल, सिंचाई और मल निकासी से जुड़ी 16 योजनाओं के कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे क्षेत्र में जल प्रबंधन व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।
अग्निहोत्री ने बताया कि माता चिंतपूर्णी मंदिर और आसपास की पंचायतों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए भी कार्य किया गया है, जबकि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को उन्नत करने के लिए परियोजना पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र के लिए लगभग 47 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना को भी शीघ्र स्वीकृति दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पंजाब को हिमाचल पर टिप्पणी से पहले अपने हालात देखने चाहिए
पंजाब के वित्त मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार को हिमाचल प्रदेश पर टिप्पणी करने से पहले अपने वित्तीय हालात पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब पर कर्ज बढ़कर लगभग 4.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बीबीएमबी को हिमाचल प्रदेश को 4500 करोड़ रुपये देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन पंजाब ने अब तक यह राशि जारी नहीं की है। इसके अलावा शानन परियोजना और चंडीगढ़ में हिमाचल के 7.16 प्रतिशत हिस्से का मुद्दा भी लंबे समय से लंबित है।
अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को उसके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिमाचल छोटा राज्य जरूर है, लेकिन अपने अधिकारों की रक्षा करना अच्छी तरह जानता है। उन्होंने कहा, “हम पहाड़ी हैं, लेकिन किसी से डरते नहीं। हिमाचल पर उंगली उठाने से पहले पंजाब को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।”
विधायक विवेक शर्मा के प्रयासों की सराहना
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने में विधायक विवेक शर्मा सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और क्षेत्र के लोगों के दुख-सुख में सहभागी बनकर निरंतर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं।

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