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माता श्री चिंतपूर्णी धाम का होगा भव्य कायाकल्प, करीब 250 करोड़ रुपये से विकसित होगा विश्वस्तरीय धार्मिक परिसर

श्री चिंतपूर्णी जी (ऊना), 15 जून. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर विकास एवं विस्तारीकरण परियोजना की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य तुरंत प्रभाव से आरंभ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि माँ चिंतपूर्णी जी के आशीर्वाद से इस दिव्य धाम को और अधिक भव्य, आकर्षक एवं श्रद्धालु-अनुकूल स्वरूप देने की दिशा में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मंदिर के विकास, विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण पर करीब 250 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। परियोजना के तहत मंदिर के गर्भगृह की मूल संरचना एवं पवित्रता को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्वस्तरीय परिसर विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना की ड्राइंग एवं भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं और अब निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विधिवत शिलान्यास भी जल्द किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार देश के कई प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों का आधुनिक सुविधाओं के साथ विस्तार एवं पुनर्विकास किया गया है तथा माता वैष्णो देवी और श्री वृंदावन धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक आधारभूत ढांचे का विकास किया गया है, उसी तर्ज पर माता श्री चिंतपूर्णी धाम का भी सुनियोजित एवं भव्य विकास किया जाएगा। मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिले।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि परियोजना के प्रथम चरण के कार्य को अगले एक वर्ष के भीतर पूरा कर श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी और सभी प्रक्रियाओं को तय समयसीमा में पूरा किया जाएगा।
उन्होंने स्थानीय जनता, मंदिर से जुड़े हितधारकों तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से भी इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि माँ चिंतपूर्णी जी के आशीर्वाद और सभी के सहयोग से यह परियोजना प्रदेश की धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से एक नई पहचान स्थापित करेगी।
इस अवसर पर श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा तथा ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा भी उपमुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे। उपायुक्त जतिन लाल ने उपमुख्यमंत्री को मंदिर विकास एवं विस्तारीकरण परियोजना की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान एसडीएम अंब पारस अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर, उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर प्रशासन की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया।
विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी धाम प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

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उपमुख्यमंत्री ने दिलाई पंचायत प्रधानों-उपप्रधानों को शपथ, विकास का दिया मंत्र

बोले- गांव समृद्ध होंगे तो हिमाचल भी समृद्ध होगा

विकास के लिए मिलकर आगे बढ़ने, नशे और भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान

ऊना, 15 जून. गांवों को विकास, सुशासन और सामाजिक परिवर्तन की सबसे मजबूत इकाई बताते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि गांव मजबूत और समृद्ध होंगे तो हिमाचल भी समृद्ध होगा। उन्होंने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनसेवा, गरीब कल्याण, नशा उन्मूलन और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करने तथा गांवों को विकास की नई दिशा देने का आह्वान किया।
सोमवार को लता मंगेशकर कला केंद्र, समूरकलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उपमुख्यमंत्री ने ऊना जिले की 249 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों को पद-निष्ठा की शपथ दिलाई। समारोह में करीब 500 पंचायत जनप्रतिनिधि और उनके परिजन उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्री अग्निहोत्री ने आह्वान किया कि सभी पंचायत प्रतिनिधि विकास और जनता के सवालों के समाधान के मामलों में राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर एकजुट होकर काम करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि गांवों और ऊना के भविष्य के निर्माता हैं तथा अगले पांच वर्षों में गांवों को क्या दिशा मिलेगी, यह काफी हद तक उनकी कार्यशैली और सोच पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान यदि किसी कारणवश कटुता पैदा हुई है तो उसे पीछे छोड़कर संवाद और सहयोग की नई शुरुआत करनी चाहिए। पंचायतों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए और हर पंचायत को विकास, शिक्षा, स्वच्छता, सामाजिक सरोकार और जनकल्याण के क्षेत्र में आदर्श बनने का प्रयास करना चाहिए। गरीबों की सेवा, युवाओं के भविष्य का निर्माण और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना देश के तेजी से विकसित हो रहे जिलों में शामिल है। जिले में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से देश की महत्वाकांक्षी बल्क ड्रग पार्क परियोजना स्थापित की जा रही है, जिसमें केंद्र और प्रदेश सरकार समान रूप से एक-एक हजार करोड़ रुपये का योगदान दे रही हैं। इसके अतिरिक्त मलाहत में अत्याधुनिक पीजीआई सैटेलाइट सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के समग्र विकास और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदेश सरकार लगभग 250 करोड़ रुपये व्यय करेगी। पहले चरण में इसमें सवा सौ करोड़ रुपये के करीब खर्चा जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि पात्र लोगों को पेंशन, आवास और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। निराश्रित बच्चों, जरूरतमंद परिवारों और कमजोर वर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरती जाए।
उन्होंने कहा कि नशा निवारण को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है और पंचायतें इसमें अग्रणी भूमिका निभाएं। चिट्टे सहित किसी भी प्रकार के नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों का किसी स्तर पर संरक्षण या बचाव न किया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों को नशामुक्त बनाने की जिम्मेदारी पंचायत प्रतिनिधियों को अपने कंधों पर लेनी होगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशासनिक और न्यायिक अधिकार भी प्राप्त होंगे, इसलिए इनका उपयोग पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा पद का दुरुपयोग करने का प्रयास किया जाता है तो ऐसे मामलों को तुरंत संज्ञान लें। पंचायत प्रतिनिधि स्वयं भी अपने अधिकारों का उपयोग पूरी निष्पक्षता और ईमानदारी से करें।
उन्होंने जिला प्रशासन से भी नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय और सहयोग की भावना से कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष का कार्यकाल जनसेवा का एक महत्वपूर्ण अवसर है और इस अवधि में लिए गए संकल्पों को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस शपथ को महज एक औपचारिकता नहीं समझना चाहिए। भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यह है कि पंच से प्रधानमंत्री तक सभी जनप्रतिनिधि जनता के मत से चुनकर आते हैं। लोगों ने जिस विश्वास के साथ पंचायत प्रतिनिधियों को चुनकर भेजा है, उस विश्वास पर खरा उतरना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर विधायक राकेश कालिया, सतपाल सत्ती, सुदर्शन बबलू और विवेक शर्मा, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य विजय डोगरा, हिमाचल प्रदेश जल बोर्ड के सदस्य पवन ठाकुर, हिमाचल पथ परिवहन निगम के सदस्य अशोक ठाकुर, उपायुक्त जतिन लाल, एएसपी सुरेंद्र शर्मा,जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और उनके परिजन उपस्थित रहे।

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