21 August 2024

















Mukesh Agnihotri
21 अगस्त 2024
*ऊना जिले के हरोली में है एक ऐसा अस्पताल जहां 6 महीने पहले ही पता चल जाती है पशुओं की बीमारी*
*नई चिकित्सा क्रांति का केंद्र बना पशु चिकित्सालय ललड़ी*
*पशुधन के लिए इलास्टोग्राफी की सुविधा, बीमारियों का आधुनिक तरीके से होता है इलाज*
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक ऐसा आधुनिक अस्पताल है जहां पशुओं की बीमारी का 6 महीने पहले ही पता चल जाता है। हरोली उपमंडल के ललड़ी में स्थित यह अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय नई चिकित्सा क्रांति का केंद्र बन चुका है। यहां पशुओं की स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और इलाज के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें इलास्टोग्राफी की सुविधा प्रमुख है। इस तकनीक से संभावित बीमारियों का पूर्वानुमान लगाकर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाता है। यह हिमाचल प्रदेश का संभवतः पहला और इकलौता चिकित्सा संस्थान है, जहां पशुधन के लिए इस स्तर की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।पशु चिकित्सालय के वेटनरी ऑफिसर डॉ. मनोज शर्मा के अनुसार, 2017 से क्रियाशील इस अस्पताल में अब तक 1891 बड़ी सर्जरियाँ और 6173 छोटी-बड़ी सर्जरियाँ की जा चुकी हैं। इसके अलावा, 5761 गायनोकॉलॉजिकल मामलों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया है। कुल 24867 मेडिसिन मामलों का इलाज और 24080 पैथोलॉजिकल सैंपल्स की जांच की गई है। अस्पताल में अब तक 151 पशुओं के अल्ट्रासाउंड और 17 हार्ट सर्जरी भी की जा चुकी हैं।
*आधुनिक चिकित्सा मशीनरी से लैस है अस्पताल*
डॉ. शर्मा बताते हैं कि अस्पताल में अप्रैल महीने में 15 लाख रुपये की अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई है, जिससे अब तक सवा सौ से अधिक जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। अब यहां एक्स-रे मशीन भी स्थापित की जा रही है।वे बताते हैं कि उनके साथ यहां डॉ. अनूप रुठवाल, डॉ. नेहा चौहान और डॉ मोनिका ठाकुर सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल में तैनात सर्जरी, मेडिसिन, गायनी, और पैथोलॉजी के इन 4 विशेषज्ञ डॉक्टरों समेत पूरा स्टाफ पशुधन, कुत्तों और अन्य पालतू जानवरों की स्वास्थ्य सेवा में तत्परता से कार्य कर रहा है। विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता के चलते यहां हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब से भी रेफरल मामले आते हैं।
*अस्पताल में हैं ये सुविधाएं*
डॉ. शर्मा बताते हैं कि इलास्टोग्राफी के अलावा, यहां ईको कार्डियोग्राफी की सुविधा भी है, जिससे दिल की बीमारियों का इलाज भी आधुनिक विधियों से किया जाता है। नरम ऊतक सर्जरी, आंख-कान-दांत और आर्थाेपेडिक सर्जरी, वक्ष शल्य चिकित्सा और कठिन प्रसव का इलाज भी यहां किया जाता है। ट्यूमर, कैंसर, बांझपन और गर्भनिरोधक जैसे ऑपरेशन फॉरेन तकनीक से किए जाते हैं। अस्पताल में खून की जांच, क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री और अन्य प्रयोगशाला परीक्षण की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
*2 कनाल भूमि पर 2 करोड़ से बना अस्पताल*
*उपमुख्यमंत्री के प्रयासों का प्रतिफल*
पशुपालन विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. विनय शर्मा ने बताया कि इस अस्पताल का निर्माण करीब 2 कनाल भूमि पर 2 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसमें आधुनिक सेवाएं पशुपालकों के घरद्वार पर उपलब्ध हो रही हैं। यह उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों से ही संभव हुआ है। यहां जटिल बीमारियों का इलाज, कठिन सर्जरी के साथ-साथ पशुओं के प्रजनन और पोषण के बारे में भी पशुपालकों को सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि अपनी विशेषज्ञ सेवाओं, आधुनिक सुविधाओं और उपकरणों के चलते यह अस्पताल न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पंजाब के भी कई जिलों के पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान बन चुका है।
*सीएम और डिप्टी सीएम का आभार*
उल्लेखनीय है कि इस संस्थान को आर्ट ऑफ स्टेट सुविधाओं से सुसज्जित करने में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री की किसानों के लाभ की सोच और प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण रही है। पशुपालक इस सुविधा के लिए सीएम और डिप्टी सीएम का आभार जताते नहीं थकते। लोगों का कहना है कि वर्तमान प्रदेश सरकार के प्रयासों से यह अस्पताल न केवल स्थानीय बल्कि पड़ोसी क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहा है और जानवरों की सेवा और स्वास्थ्य रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस चिकित्सालय की वजह से पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं और उनके पशुओं की सेहत में भी सुधार हो रहा है।.0.



21 अगस्त 2024
*आलू उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए बनेगी सशक्त व्यवस्था : मुकेश अग्निहोत्री*
*बिक्री में धोखाधड़ी से बचाने के होंगे पुख्ता प्रबंध*
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना जिले के आलू उत्पादकों की फसलों की सुरक्षित और चिंतामुक्त बिक्री सुनिश्चित करने के लिए एक सशक्त व्यवस्था बनाई जाएगी। इस कदम से किसानों के हितों की रक्षा होगी और उन्हें किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा। उपमुख्यमंत्री ने यह बात बुधवार को पंडोगा में जनसमस्याओं की सुनवाई के दौरान कही।उपमुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए हिम उन्नति योजना लागू की है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस योजना के तहत 50,000 किसानों को शामिल करने के लिए 2,600 कृषि समूहों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं और मक्की को क्रमशः 40 रुपये और 30 रुपये प्रति किलोग्राम के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा, जो देशभर में सबसे अधिक है। इससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
*हरोली क्षेत्र में सड़कों-पुलों के निर्माण-विस्तार पर खर्चे जाएंगे 70 करोड़*
उपमुख्यमंत्री कहा कि हरोली विधानसभा में विभिन्न सड़कों के सुधार और विस्तार कार्य तथा पुलों के निर्माण पर 70 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इनमें पंडोगा बैरियर से पंजावर तक की 9 किलोमीटर सड़क के सुधार और विस्तार कार्य पर 11.10 करोड़ रुपये, पंजावर-बाथड़ी रोड़ पर भदसाली से बढेड़ा सड़क के कार्य पर 12.25 करोड़, पंजावर-बाथड़ी से सलोह-बढेड़ा के साढे 8 किलोमीटर रोड़ पर 9.46 करोड़, हरोली से पालकवाह तक की 5 किलो सड़क पर 6.50 करोड़, नंगल खुर्द-चांदपुर की साढ़े 5 किलोमीटर लंबी सड़क पर 6.05 करोड़ रुपये खर्चे जाएंगे। इसके अलावा चांदपुर खड्ड पर करीब 4.87 करोड़ और हरोली खड्ड पर 5.75 करोड़ रुपये से दो पुलों का निर्माण किया जाएगा।उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लिए नाबार्ड में 2 सड़कों को मंजूरी मिली है। इनमें लिंक रोड़ श्री गिड़गिड़ा साहिब से टाहलीसाहिब और लिंक रोड़ मेन रोड़ से बाबा भरथरी मंदिर तथा किन्नू मुहल्ला पंजुआणा-बालीवाल सड़क पर 4 करोड रुपये और लिंक रोड़ गोंदपुर बैहली से बाथी गुरपलाह पर 11.77 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।यह परियोजनाएं क्षेत्र की भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है और इससे लोगों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि पंडोगा गांव में 3 करोड़ रुपये की लागत से आम रास्ते और पुलिस चौकी के लिए दो पुलियों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, 2.37 करोड़ रुपये की लागत से पंडोगा में बाढ़ नियंत्रण और बस्ती के साथ सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है, जिससे करीब 100 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने पंडोगा के जैलदार मोहल्ले में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
*विकास परियोजनाओं का निरीक्षण*
इसके बाद, उपमुख्यमंत्री ने पंडोगा, खड्ड और पनेड़ा क्षेत्र में खड्डों और नालों के तटीकरण कार्यों समेत अन्य विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने आठवाईं खड्ड पर 3.35 करोड़ और खड्ड गांव में 6.90 करोड़ से किए जा रहे बाढ़ नियंत्रण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने इन कार्यों को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री ने पनेड़ा में चेक डैम का दौरा करते हुए डैम से सिल्ट हटाने और उसकी मरम्मत की जरूरत को भी प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
*श्री शेष नाग मंदिर में पूजा-अर्चना*
अपने दौरे के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने खड्ड गांव स्थित प्राचीन श्री शेष नाग मंदिर में माथा टेका और जिला एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।इस दौरान, ऊना जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रणजीत राणा, प्रदेश परिवहन निगम के निदेशक मंडल के सदस्य धर्मेंद्र धामी, पंडोगा के पूर्व प्रधान मनीष कंग, उपप्रधान गुरपाल, पूर्व पंचायत समिति सदस्य अमित ठाकुर, ईसपुर ट्रक यूनियन के प्रधान पंकज दत्ता, विभिनन विभागों के अधिकारी तथा पार्टी कार्यकर्ता उनके साथ रहे।
*रामपुर पुल का निरीक्षण*
मंगलवार देर शाम, उपमुख्यमंत्री ने ऊना के समीप रामपुर-संतोषगढ़ सड़क पर भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पुल की जल्द से जल्द मरम्मत के निर्देश दिए, ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके।




