24 January 2025





Mukesh Agnihotri
हिमाचल प्रदेश और IWAI के बीच जल परिवहन को लेकर ऐतिहासिक समझौता: उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जलमार्गों में राज्य की प्रमुख भूमिका पर दिया बल
कोच्चि में आयोजित तीसरी IWDC बैठक में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हुए हस्ताक्षर
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज केरल के कोच्चि में आयोजित ‘अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद’ (IWDC) की तीसरी बैठक में भाग लिया। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने की। भारत के अंतर्देशीय जल परिवहन पर बढ़ते बल के प्रतीक के रूप में, यह बैठक क्रूज पोत “इंपीरियल क्लासिक” पर आयोजित की गई, जिसमें देश के समुद्री और नदी कनेक्टिविटी के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक के दौरान, केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के लिए की जा रही विभिन्न पहलों से परिषद को अवगत कराया। उन्होंने रिवर क्रूज पर्यटन और धार्मिक पर्यटन सर्किट के विकास पर विशेष जोर देते हुए बताया कि रावी नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-84) को रणजीत सागर बांध से गांधियन स्थित चमेरा बांध तक रिवर क्रूज पर्यटन के लिए विकसित किया जा रहा है, जिसकी पहली जेटी (Jetty–1) जनवरी 2026 तक पूरी होने वाली है।केंद्रीय मंत्री ने आगे सूचित किया कि सतलुज नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-98) को एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। यह प्रस्तावित मार्ग हिमाचल प्रदेश के तत्तापानी और नैना देवी मंदिर को पंजाब के आनंदपुर साहिब और कीरतपुर साहिब से जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) वर्तमान में प्रगति पर है।इस अवसर पर, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जो राज्य में अंतर्देशीय जलमार्गों के सहयोगात्मक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह समझौता राज्य के जल-आधारित बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए एक औपचारिक रूपरेखा प्रदान करता है।परिषद को संबोधित करते हुए, मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश में अंतर्देशीय जलमार्गों के त्वरित विकास की पुरजोर वकालत की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि चूंकि देश भर में विकसित किए जा रहे अधिकांश जलमार्गों वाली नदियाँ हिमाचल प्रदेश से निकलती हैं, इसलिए राज्य राष्ट्रीय अंतर्देशीय जलमार्ग ढांचे में एक प्रमुख हितधारक है। उन्होंने भारत सरकार से तकनीकी और वित्तीय सहायता बढ़ाने का आग्रह किया, जिसमें विशेष रूप से ‘हाइड्रो-इलेक्ट्रिक कैटामारन’ जहाजों के प्रावधान की मांग की गई। उन्होंने कहा कि ये जहाज पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ हैं और हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी पारिस्थितिकी के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं।उपमुख्यमंत्री ने अंत में भारत सरकार और IWAI के साथ मिलकर काम करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने रेखांकित किया कि इस साझेदारी का मुख्य लक्ष्य पर्यावरण के अनुकूल जल परिवहन और पर्यटन विकास को बढ़ावा देना है, जिससे अंततः रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के सतत विकास को गति मिलेगी।
Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri today participated in the 3rd Inland Waterways Development Council (IWDC) Meeting held at Kochi in Kerela. The meeting was chaired by Sarbananda Sonowal, Union Minister for Ports, Shipping and Waterways, Government of India. The meeting was held onboard the cruise vessel “Imperial Classic”, symbolising India’s growing emphasis on inland water transport.During the meeting, Sh. Sonowal apprised the Council of various initiatives being undertaken for the development of inland waterways in Himachal Pradesh and Punjab, with special focus on river cruise tourism and religious tourism circuits.The Union Minister informed that the River Ravi (National Waterway–84) was being developed for river cruise tourism from Ranjit Sagar Dam to Chamera Dam at Gandhian, with Jetty–1 scheduled for completion by January 2026. It was also informed that River Sutlej (National Waterway–98) is being explored for developing a religious and tourism circuit connecting Tatapani and Naina Devi Temple in Himachal Pradesh with Anandpur Sahib and Kiratpur Sahib in Punjab and the feasibility study for the same is in progress.On the occasion, a Memorandum of Understanding (MoU) was signed between the Inland Waterways Authority of India (IWAI) and the Government of Himachal Pradesh, marking a significant milestone towards collaborative development of inland waterways in the State.Addressing the Council, Mukesh Agnihotri strongly advocated for accelerated development of inland waterways in Himachal Pradesh, emphasizing that most of the rivers on which inland waterways were being developed across the country originate from Himachal Pradesh, making the State a key stakeholder in the National Inland Waterways Framework.He urged the Government of India to extend enhanced technical and financial support, including the provision of hydro-electric catamaran vessels, which would be environmentally sustainable and ideally suited to the hill ecology of Himachal Pradesh.The Deputy Chief Minister reiterated the State Government’s commitment to work closely with the Government of India and IWAI to promote eco-friendly inland water transport, tourism development, employment generation and sustainable regional growth.–00–




उप-मुख्यमंत्री ने दी पूर्ण राज्यत्व दिवस की शुभकामनाएं
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज हिमाचल प्रदेश के 56वें पूर्ण राज्यत्व दिवस के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। 25 जनवरी, 1971 से राज्य की यात्रा को याद करते हुए, उप-मुख्यमंत्री ने उन दूरदर्शी नेताओं और मेहनती नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने हिमाचल को देश भर के पहाड़ी राज्यों के लिए विकास का एक रोल मॉडल (आदर्श) बना दिया।अपने संदेश में, श्री अग्निहोत्री ने विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, शिक्षा और समाज कल्याण में राज्य द्वारा की गई अपार प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिमाचली लोगों का साहस और लचीलापन ही राज्य के एक साधारण शुरुआत से आधुनिक, जीवंत अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण के पीछे की प्रेरक शक्ति रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि राज्यत्व दिवस भविष्य के नवाचारों के लिए प्रयास करते हुए राज्य की अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाता है।उप-मुख्यमंत्री ने समान विकास सुनिश्चित करने और कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने युवाओं से राज्य के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और हिमाचल प्रदेश को एक आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने सभी निवासियों के लिए शांति, प्रगति और सद्भाव से भरे वर्ष की कामना करते हुए अपनी बात समाप्त की।
Deputy CM extends greetings for Statehood Day.
Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri today extended his heartiest greetings to the people of Himachal Pradesh on the auspicious occasion of the State’s 56th Statehood Day. Reflecting on the state’s journey since January 25, 1971, the Deputy CM paid rich tributes to the visionaries and the hardworking citizens who transformed Himachal into a role model of development for hill states across the country.In his message, Sh. Agnihotri highlighted the immense progress the state has made in various sectors, particularly in infrastructure, education and social welfare. He emphasized that the grit and resilience of the Himachali people have been the driving force behind the state’s transition from a modest beginning to a modern, vibrant economy. He noted that Statehood Day serves as a reminder of the collective responsibility to preserve the state’s unique cultural heritage while striving for future innovations.

शिमला 20 जनवरी, 2026
उप-मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग के विश्राम गृहों के ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का शुभारम्भ किया
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज जल शक्ति विभाग के विश्राम गृहों के लिए ऑनलाइन आरक्षण प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बुकिंग प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, जिससे विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ आम जनता को भी जल शक्ति विभाग के विश्राम गृहों में ठहरने के लिए कमरा बुक करवाने की सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ऑनलाइन व्यवस्था से कमरे की बुकिंग एक क्लिक पर सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता तुरंत बुकिंग कन्फर्मेशन है, जिससे पहले की तरह लंबा इंतजार और असमंजस समाप्त होगा।
उन्होंने कहा कि आवेदन करने के कुछ ही मिनटों में बुकिंग की स्थिति की जानकारी मिल जाएगी, जिससे सभी अतिथियों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जल शक्ति विभाग के सचिव अभिषेक जैन ने इस पहल की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विभाग के पास पूरे प्रदेश में 87 विश्राम गृह हैं, जिनमें कुल 324 कमरे उपलब्ध हैं।
बुकिंग के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट रेअण्ीचण्दपबण्पद या रेअतमेजीवनेमण्ीचण्हवअण्पद पर सीधे लॉग इन कर आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हिमाचली अतिथियों के लिए कमरे का किराया 500 रुपये और गैर-हिमाचली अतिथियों के लिए 1000 रुपये निर्धारित किया गया है। बुकिंग के समय कुल राशि का 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि चेक-आउट के समय जमा की जा सकेगी। इस सुव्यवस्थित प्रणाली से विश्राम गृहों की ऑक्यूपेंसी बढ़ेगी और विभाग की आय में भी वृद्धि होगी।
डिजिटल व्यवस्था के साथ-साथ विभाग ने 50 बिंदुओं की मानक संचालन प्रक्रिया भी लागू की है, जिसमें विश्राम गृहों के रख-रखाव और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत बिस्तरों की साफ-सफाई, शौचालयों की स्वच्छता, बिजली उपकरणों और फिटिंग्स का नियमित रखरखाव तथा परिसरों की समग्र देखरेख सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधा और बेहतर रख-रखाव पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने से हिमाचल प्रदेश आने वाले आगंतुकों को बेहतर बुनियादी ढांचा, पारदर्शी सेवाएं और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रदान करने में सहायता मिलेगी।
प्रमुख अभियन्ता अंजु शर्मा, मुख्य अभियन्ता अनिल मेहता, हेमन्त तनवर, दीपक गर्ग, मुकेश हीरा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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शिमला 20 जनवरी, 2026
नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हिमाचल: मुकेश अग्निहोत्री
एम फिटनेस ऐप किया गया लॉन्च
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां राज्य परिवहन विकास एवं सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता, डिजिटल सुधार, सड़क सुरक्षा, रोजगार सृजन और हरित मोबिलिटी को प्राथमिकता देकर निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि जनवरी 2023 से दिसंबर 2025 की अवधि में परिवहन विभाग ने 2,597.59 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछली सरकार की समान अवधि की तुलना में 1,098 करोड़ रुपये (लगभग 73 प्रतिशत) अधिक है। यह वृद्धि सुदृढ़ प्रवर्तन व्यवस्था और डिजिटल पहलों का प्रत्यक्ष परिणाम है।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स में हिमाचल प्रदेश का अग्रणी राज्यों में शामिल होना राज्य सरकार की हरित परिवहन और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार ‘हरित हिमाचल’ के संकल्प को पूरी दृढ़ता के साथ साकार करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की व्याख्यात्मक ज्ञापन वर्ष 2024-25 के आंकडे़ अनुसार परिवहन विभाग राजस्व/कर अर्जित करने के मामले में राज्य कर एवं आबकारी विभाग के बाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि वाहन फिटनेस प्रणाली को वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने के लिए स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) स्थापित किए जा रहे है। सरकारी क्षेत्र में ऊना के हरोली और हमीरपुर के नादौन में इन केंद्रो का निर्माण किया जाऐगा, जबकि निजी क्षेत्र में कांगड़ा के रानीताल, बिलासपुर, मंडी के कांगू, सोलन के नालागढ़, सिरमौर के पांवटा साहिब में स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से रानीताल एटीएस का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है व शेष में कार्य तीव्रगति से चल रहा है। इसके अतिरिक्त बद्दी में निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसे शीघ्र चालू करने का लक्ष्य है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा वाहन फिटनेस एवं अन्य परिवहन सेवाओं को डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक अनुकूल बनाने के लिए मोबाइल फिटनेस ऐप एवं ऑटो-अप्रूवल मैकेनिज्म लागू किए जाऐंगें। इसके तहत वाणिज्यिक वाहनों का डिजिटल फिटनेस परीक्षण फोटो एवं जीपीएस आधारित साक्ष्यों के साथ किया जाएगा तथा आवश्यक दस्तावेज पूर्ण होने पर परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं स्वतः स्वीकृत होंगी। उन्होंने कहा कि पेपरलेस कार्यप्रणाली से नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चिित होंगी और इससे नागरिकों को आरटीओ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 से सोलन के बनलगी और हमीरपुर के नादौन में दो पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक 1,692 पुराने वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैप किया जा चुका है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है।
इसके अतिरिक्त ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिला ऊना के हरोली में 10.23 करोड़ रुपये की लागत से स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य इस वर्ष पूर्ण होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि पुरानी पेट्रोल/डीज़ल टैक्सियों को ई-टैक्सी में परिवर्तित करने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी तथा 390 नए बस रूटों पर बस खरीद के लिए 30 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। जिसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके अलावा, स्वरोजगार और हरित मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ई-टैक्सी योजना भी लागू की गई है। इसके तहत 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है और अब तक 96 लाभार्थियों को 6.94 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि विभाग मैनुअल प्रर्वतन से डिजिटल प्रवर्तन की ओर कदम बढ़ा रहा है जिसके तहत ई-चालान प्रणाली, ई-पहचान प्रणाली (ई-डिटेक्शन सिस्टम) और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू किए गए हैं, जिनके माध्यम से यातायात प्रवर्तन को फेसलेस एवं डिजिटल बनाया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि छठी से बारहवीं कक्षा तक सड़क सुरक्षा पाठयक्रम लागू किया गया है तथा सभी हितधारक विभाग जैसे लोक निर्माण, पुलिस, शिक्षा एवं स्वास्थय विभाग को कुल 2057.34 लाख रुपये सड़क सुरक्षा गतिविधियों के तहत आवंटित किए गए है, जिसके सकारात्मक परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में 10 प्रतिशत, मृत्यु दर में नौ प्रतिशत तथा गंभीर रूप से घायलों की संख्या में छह प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में 1,061 स्टेज कैरिज बस रूट निजी क्षेत्र को स्वीकृत किए गए हैं तथा 39,000 से अधिक टैक्सी/मैक्सी परमिट जारी किए गए हैं, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
इस अवसर पर उन्होंने विभाग की एम फिटनेस ऐप का भी शुभारम्भ किया। यह ऐप डिजिटल फिटनेस निरीक्षण, फोटो और जीपीएस साक्ष्य, फर्जी प्रमाण-पत्रों की रोकथाम, कागज-रहित प्रक्रिया तथा रियल-टाइम डेटा समन्वयन को सुविधाजनक बनाता है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में परिवहन विभाग परिसर, शिमला में सौर ऊर्जा आधारित ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है। राज्य में 129 स्थानों को ईवी चार्जिंग स्टेशन हेतु चिन्हित किया गया है, जिनमें से 30 स्टेशन वर्तमान में संचालित किए जा हैं।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नज़ीम, हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक निपुण जिन्दल, परिवहन आयुक्त नीरज कुमार, आईजी ट्रैफिक गौरव सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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SHIMLA 20 January, 2026
Himachal Pradesh among the leading states in the NITI Aayog’s India Electric Mobility Index: Mukesh Agnihotri
• Launches m-Fitness App
• 30 percent subsidy is being given for the purchase of buses on 390 new bus routes,
Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri, while presiding over the fifth meeting of HP State Transport Development and Road Safety Council here today, said that the State Government is continuously working with priority on transparency, digital reforms, road safety, employment generation, and green mobility in the transport sector.
He stated that during the period from January 2023 to December 2025, the Transport Department generated revenue of Rs. 2,597.59 crore, which was Rs 1,098 crore (approximately 73 percent) more than the corresponding period of the previous government. This increase is a direct result of a strengthened enforcement system and digital initiatives.
The Deputy Chief Minister said that Himachal Pradesh being included among the leading states in the NITI Aayog’s India Electric Mobility Index reflects the State Government’s commitment to green transport and sustainable development. The government will continue to work with full determination to realize the vision of a “Green Himachal.”
He said that as per the Explanatory Memorandum of the Finance Department for the year 2024-25, the Transport Department ranks second in the state in terms of revenue/tax collection, after the State Taxes and Excise Department.
He further said that to make the vehicle fitness system scientific and transparent, Automated Testing Stations (ATS) are being established. In the government sector, these centers will be set up at Haroli in Una and Nadaun in Hamirpur, while in the private sector, ATS have been approved at Ranital in Kangra, Bilaspur, Kangu in Mandi, Nalagarh in Solan, and Paonta Sahib in Sirmaur. Construction of the Ranital ATS has been completed and work at the remaining centers is progressing rapidly. In addition, 95 percent of the construction work of the Inspection and Certification Centre at Baddi has been completed, which is targeted to be made operational soon.
The Transport Minister said that to make vehicle fitness and other transport services digital, transparent, and citizen-friendly a mobile fitness app and an auto-approval mechanism will be implemented. Under this system, digital fitness testing of commercial vehicles will be conducted with photo and GPS-based evidence and services such as permits, driving licenses, and fitness certificates will be automatically approved once all required documents are complete. He said that the paperless working system will ensure timely services to citizens and will save them from making repeated visits to RTO offices.
He informed that since February 2025, two registered vehicle scrapping centers are operational at Banalgi in Solan and Nadaun in Hamirpur, where 1,692 old vehicles have so far been scrapped scientifically, thereby promoting environmental protection.
Additionally to make the driving test process transparent, an Automated Driving Test Track and Traffic Park is being constructed at Haroli in Una district at a cost of Rs 10.23 crore. The construction work is expected to be completed within this year.
He said that a 40 percent subsidy is being provided for converting old petrol/diesel taxis into e-taxis, and up to 30 percent subsidy is being given for the purchase of buses on 390 new bus routes, for which applications have been invited. Moreover, to promote self-employment and green mobility, the E-Taxi Scheme has also been implemented under the Rajiv Gandhi Self Employment Scheme. Under this scheme, a 50 percent subsidy is being provided, and so far 96 beneficiaries have been given assistance amounting to Rs. 6.94 crore.
The Transport Minister said that the department is moving from manual enforcement to digital enforcement, under which the e-challan system, e-identification system (e-detection system), and Integrated Traffic Management System (ITMS) have been implemented, making traffic enforcement faceless and digital.
Emphasizing road safety, he said that a road safety curriculum has been implemented from classes 6 to 12, and a total of Rs. 2,057.34 lakh has been allocated to all stakeholder departments such as Public Works, Police, Education, and Health under road safety activities. As a positive result, road accidents have reduced by 10 percent, the death rate by 9 percent, and the number of seriously injured persons by 6 percent.
The Transport Minister said that in the field of employment generation, 1,061 stage carriage bus routes have been approved for the private sector, and more than 39,000 taxi/maxi permits have been issued, providing employment and self-employment opportunities to thousands of youths.
He also launched the m-Fitness App of the Transport department facilitating digital fitness inspection, photo and GPS evidence, prevention of fake certificates, paperless process and real time data Synchronization.
In the direction of environmental protection, a solar energy–based EV charging station has been installed at the Transport Department complex in Shimla. Across the state, 129 locations have been identified for EV charging stations, out of which 30 stations are currently operational.
Additional Chief Secretary, R.D. Nazeem, Managing Director HRTC Nipun Jindal, Commissioner Transport Neeraj Kumar, IG Traffic Gaurav Singh besides others senior officers of the department.
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उपमुख्यमंत्री ने किया श्री गुरु रविदास मंदिर भदसाली के नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण
बोले…हरोली को देश का ‘नंबर-1’ हलका बनाने की दिशा में अग्रसर
ऊना, 18 जनवरी. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत श्री गुरु रविदास मंदिर, भदसाली में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री ने 71 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाई थी। इसके अतिरिक्त शेष राशि स्थानीय जनता द्वारा सामुदायिक सहयोग एवं दान के माध्यम से एकत्र की गई, जिसके फलस्वरूप यह भव्य भवन निर्मित हो सका।
उपमुख्यमंत्री ने मंदिर समिति द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह भवन आने वाले समय में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
उन्होंने यहां मंदिर परिसर में श्री गुरु रविदास जी की सुंदर मूर्ति स्थापना के लिए 10 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। इसके अलावा, गुरु श्री रविदास सत्संग सभा सलोह के सामुदायिक भवन हेतु अतिरिक्त 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। उल्लेखनीय है कि सलोह के लिए 25 लाख रुपये की राशि पहले ही प्रदान की जा चुकी है।
हरोली को देश का ‘नंबर-1’ हलका बनाने को मिशन मोड में काम
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वे हरोली को देश का ‘नंबर-1’ हलका बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर हैं और इसके लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरोली में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं मजबूती सुनिश्चित करने के उपरांत अब विकास कार्यों को ‘भविष्य की हरोली’ की परिकल्पना के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुराने समय में इस क्षेत्र ने अनेक कठिनाइयां झेली हैं, लेकिन सरकार का लक्ष्य यह है कि आने वाली पीढ़ी को सर्वोत्तम वातावरण, आधुनिक सुविधाएं तथा समृद्ध भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
विकास की गवाह है मूलभूत ढांचे की मजबूती
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल तथा सड़कों-पुलों के क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों के माध्यम से मूलभूत ढांचे को सुदृढ़ किया गया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधोसंरचना को भी मजबूती प्रदान करते हुए इसका क्रम पूर्ण किया गया है।
उन्होंने कहा कि आज हरोली में एसडीएम व डीएसपी कार्यालय के साथ-साथ बिजली, जल शक्ति एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय भी कार्यरत हैं। क्षेत्र में 2 पुलिस थाने तथा 1 पुलिस चौकी स्थापित की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए सिविल अस्पताल, हरोली के अतिरिक्त दुलैहड़, भदसाली, कुंगड़त तथा बीटन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा पंजावर, पालकवाह, सलोह, बढ़ेड़ा, कुठारबीत, बालीवाल, बाथड़ी एवं खड्ड में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
उन्होंने बताया कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में करीब 40 डॉक्टर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
समयबद्ध कार्य पूर्ण कराएं मंदिर समितियां
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में मंदिरों के निर्माण, सौंदर्यकरण तथा सुधार कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने मंदिर समितियों से आग्रह किया कि वे उपलब्ध धनराशि का सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करें, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने बताया कि शीतला माता मंदिर, ईसपुर में भव्य मंदिर का निर्माण 6.88 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गुरु श्री रविदास सत्संग सभा सलोह, श्री बाबा सिद्ध जालंधरी मंदिर गोंदपुर, श्री बाबा नैना मंदिर कांगड़, संता बाबा डांगू वाले बीटन, बीटन में कुटिया निर्माण, सलोह में कुटिया निर्माण, राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां, बनौड़े महादेव बहडाला, गुरु रविदास मंदिर दुलैहड़ तथा ललड़ी के लिए 25-25 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संत गुरु रविदास मंदिर हरोली एवं सलोह में कुटिया निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये, जबकि संत गुरु रविदास मंदिर धनुपर, पंजावर, बालीवाल तथा श्री चाणो मंदिर बढ़ेड़ा के लिए 15-15 लाख रुपये की राशि मंदिरों के सौंदर्यकरण, बेहतर रख-रखाव तथा आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु प्रदान की गई है।
20 करोड़ से ‘टोबों’ की रीचार्जिंग और सौंदर्यकरण का कार्य
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के प्राचीन तालाबों (टोबों) को पुनर्जीवित कर उन्हें आधुनिक, सुंदर और बहुउद्देशीय सरोवरों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिस पर लगभग 20 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
इस दौरान बाबा संतोष दास बिट्टू, श्री गुरु रविदास मंदिर समिति भदसाली के प्रधान भगत राम, हरोली के एससी सेल के अध्यक्ष जसपाल जस्सा समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संत समाज के प्रतिनिधियों और जनता ने सामुदायिक भवन के साथ साथ क्षेत्र में विकास के करोड़ों के कार्यों के लिए उपमुख्यमंत्री का आभार जताया।
इस मौके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, विनोद बिट्टू, अशोक ठाकुर, जिला परिषद सदस्य नरेश कुमारी, नागनोली पंचायत प्रधान मेहताब ठाकुर, धर्मपुर की प्रधान सुभद्रा चौधरी, बाथू की प्रधान सुरेखा राणा, दुलैहड़ के प्रधान नंदलाल, छेत्रां के प्रधान विवेक राणा, पंचायत समिति सदस्य
पुष्पा देवी, हिमकैप्स के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह,
संदीप अग्निहोत्री, पण्डोगा के पूर्व में प्रधान रहे राम प्रसाद,
कांग्रेस के ओबीसी सेल के प्रधान प्रमोद कुमार,एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, डीएसपी हरोली मोहन रावत,
बीडीओ हरोली मुकेश ठाकुर, रजनीश शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।







