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*विकास के हर मोर्चे पर बदली हरोली की तस्वीर : उपमुख्यमंत्री*

ऊना, 28 दिसंबर.

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जिस हरोली ने कभी पानी, बिजली और सड़कों की कमी का लंबा दौर देखा, वही हरोली आज विकास के निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई और बुनियादी ढांचे में हुए ठोस कार्यों से हर मोर्चे पर क्षेत्र की तस्वीर बदली है और आज हरोली के बच्चे सुरक्षित एवं सुविधासंपन्न वातावरण में आगे बढ़ रहे हैं। यह परिवर्तन जन-आशीर्वाद और निरंतर सहयोग का प्रतिफल है।उपमुख्यमंत्री रविवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ललड़ी के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होते हुए बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अकादमिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। उपमुख्यमंत्री ने डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री फाउंडेशन की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 31 हजार रुपये देने की घोषणा की।उपमुख्यमंत्री ने स्कूल में 1.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित साइंस लैब को विद्यालय को हैंडओवर करने से संबंधित औपचारिकताएं अविलंब पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और स्कूल प्रधानाचार्य आपसी समन्वय से इस विषय का शीघ्र समाधान करें, ताकि भवन का उपयोग जल्द से जल्द विद्यार्थियों के हित में हो सके।

*नई पहचान, नई हरोली*

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने वाला यह क्षेत्र आज शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, सड़क और अधोसंरचना के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि आज जो हरोली आकार ले रही है, वह केवल वर्तमान की आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से विकसित की जा रही है।

*ललड़ी में 25 लाख से होगा श्री गुरु रविदास जी का मंदिर निर्माण* धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण व संरक्षण को प्राथमिकता

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ललड़ी में श्री गुरु रविदास जी के मंदिर निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। उन्होंने स्थानीय लोगों से आपसी सामंजस्य और सहयोग के साथ मंदिर निर्माण कार्य को पूर्ण करने का आग्रह किया।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ईसपुर में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से शीतला माता मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त बदसाली में श्री गुरु रविदास जी के मंदिर के लिए 75 लाख रुपये तथा सलोह में 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि बीटन कुटिया और सिद्ध बाबा जलंधरी मंदिर के लिए भी 25-25 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाई गई है।उन्होंने आगे बताया कि श्री गिड़गिड़ा साहिब में ट्यूबवेल तथा अमराली में श्री राधा स्वामी सत्संग भवन के लिए पानी के टैंक निर्माण को लेकर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को विशेष प्राथमिकता दे रही है।

*राजनीति से ऊपर है विकास की प्रतिबद्धता*

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकास ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें राजनीति से ऊपर उठकर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर हरोलीवासी के कार्य हों, यही उनकी प्रतिबद्धता है और इसी सोच के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।

*सड़कों और पुलों के निर्माण को मिली नई गति*

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जेजों मोड़ से टाहलीवाल चौक वाया भाई का मोड़ लिंक रोड के स्तरोन्नयन के लिए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि के तहत लगभग 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इस परियोजना के अंतर्गत 17.50 किलोमीटर सड़क का उन्नयन तथा पालकवाह, कांगड़ और बढ़ेड़ा में तीन पुलों का निर्माण किया जाएगा।इसके अतिरिक्त ललड़ी और चंदपुर में लगभग 5.50 करोड़ रुपये की लागत से पुलों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।*पेयजल व सिंचाई योजनाओं से बदली तस्वीर*उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाबद्ध प्रयासों के चलते कभी जल संकट से जूझने वाला बीत क्षेत्र आज पेयजल और सिंचाई दोनों सुविधाओं से संपन्न होकर नकदी फसलों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।उन्होंने बताया कि पोलियां में 50 लाख लीटर और दुलैहड़ में 25 लाख लीटर क्षमता के जल भंडारण टैंक तैयार किए गए हैं। अमराली में 25 मीटर ऊंचाई पर 25 लाख लीटर क्षमता का टैंक निर्माणाधीन है, जिसके नीचे कॉफी हाउस जैसी सुविधा विकसित की जाएगी। यह 24 करोड़ रुपये की परियोजना है।इसके अतिरिक्त 75 करोड़ रुपये की लागत से ‘बीत एरिया फेज-2’ उठाऊ पेयजल योजना पर कार्य जारी है, जिसके तहत स्वां नदी से पानी उठाकर बीत एवं पालकवाह क्षेत्र के 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से हरोली को 2027 तक शतप्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा से संपन्न बनाने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है।

*शिक्षा की लौ से जगमगा रहा हरोली*

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त और भविष्योन्मुखी ढांचागत विकास किया गया है। वर्तमान में क्षेत्र में 33 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, 3 सरकारी कॉलेज, 2 आईटीआई, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, ट्रिपल आईटीआई और केंद्रीय विद्यालय जैसी संस्थाएं कार्यरत हैं।उन्होंने बताया कि 150 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आईआईआईटी आज एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान के रूप में उभर चुका है, जबकि सलोह स्थित केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा रहती है। क्षेत्र में आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि कभी शिक्षा के लिहाज से पिछड़ा माना जाने वाला हरोली क्षेत्र आज शैक्षणिक उत्कृष्टता का उदाहरण बन चुका है और यहां की बेटियां डॉक्टर, वकील, न्यायाधीश और प्रशासनिक सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में स्थापित आधुनिक अस्पताल से क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं और यहां 15 चिकित्सकों की तैनाती की गई है। वहीं ललड़ी में बना अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय न केवल स्थानीय बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।*शिक्षक का सम्मान आवश्यक, तभी जीवन में सफलता*उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षकों के सम्मान का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन से ही जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से भी शिक्षकों के प्रति सम्मान रखने और छोटी-मोटी बातों या अनावश्यक शिकायतों में न उलझने की अपील की।उन्होंने समाज से बच्चों को नशे से दूर रखने का आह्वान करते हुए कहा कि नशे में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।विद्यालय के प्रधानाचार्य रिपुजीत सिंह ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए स्कूल की शैक्षणिक, खेल एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और नशा-निवारण गतिविधियों की जानकारी दी।कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद बिट्टू, कांग्रेस नेता अशोक ठाकुर, एसडीएम विशाल शर्मा, एसएमसी प्रधान शशिपाल, अन्य अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी, अभिभावकगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।.०.

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*सहकारिता एक भरोसा, टूटने नहीं देंगे – मुकेश अग्निहोत्री*

नाबार्ड द्वारा आज शिमला में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के सहकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें उप-मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुकेश अग्निहोत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता एक भरोसा है जिसको हम टूटने नहीं दे सकते। सरकार और सहकार मिलकर काम करेंगे और सहकारिता को हम कैसे आगे बढ़ाये इसके बारे में मंथन करने की ज़रूरत है। इसके अतिरिक्त, नई पीढ़ी को सहकारिता से कैसे जोड़ा जा सकता है इस विषय पर भी मंथन करना ज़रूरी है।उन्होंने कहा कि देश में जब-जब भी सहकारी की बात की जाएगी, तब-तब हिमाचल का नाम हमेशा लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि सहकारी के चैंपियन चाहे कोई भी राज्य बनने की कोशिश करें, लेकिन यह हकीकत है कि सहकारी का अलख हिमाचल प्रदेश ने जगाया है। हिमाचल प्रदेश में पहली सहकारी सोसाइटी बढेड़ा में पंजीकृत हुई थी। उन्होंने बताया की सहकारी का साम्राज्य बहुत बड़ा साम्राज्य है, जो लगभग सरकार के बराबर का है जिसका बजट भी सरकार के बजट के लगभग ही है।

*सहकारी बैंक है लोगों के विश्वास की पूंजी*

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा हमारे जितने भी सहकारी बैंक है उनका सोसाइटी के प्रति व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि हम कैसे अपनी सोसाइटी को आगे बढ़ा सके। यहाँ पर जो पूंजी है वो लोगों के विश्वास की पूंजी है, लोग अगर सोसाइटी पर पैसा लगाते है तो एक विश्वास पर पैसा लगाते है और किसी भी स्थिति में यह विश्वास हमारा हमेशा कायम रहना चाहिए। हिमाचल ने सहकारिता के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। भुट्टिको की बात करें तो उसके उत्पाद आज देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। देश के प्रधानमंत्री भी कुल्लवी टोपी पहनते हैं और जब प्रधानमंत्री विदेश में राष्ट्र अध्यक्षों को सम्मानित करते हैं तो नाम हिमाचल का होता है। भुट्टिको ब्रांड की विश्वसनीयता कायम हो चुकी है।

*शिक्षा के क्षेत्र में भी सहकारिता का योगदान अतुलनीय*

उन्होंने बताया कि सहकारिता का शिक्षा के क्षेत्र में भी अतुलनीय योगदान है। शिक्षा के क्षेत्र में ऊना जिला में हिम कैप्स ने सहकारी जगत का पहला लॉ कॉलेज खोला है। उन्होंने बताया कि सहकारी का कोई मालिक नहीं, लेकिन समिति इस संस्था को बहुत सफलतापूर्वक तरीके से चला रही है, जिससे निकले वकील और जज आज सुप्रीम कोर्ट तथा हाई कोर्ट में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह एक बहुत बड़ी सफलता है। इसी संस्था ने नर्सिंग का संस्थान भी खोला है, जिससे निकली नर्स आज देश के कोने-कोने में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

*धारा 118 के तहत हिमाचलियों को छूट देने के लिए सेलेक्ट समिति के पास गया है बिल*

उन्होंने बताया कि डिजिटल दुनिया में हम प्रवेश कर रहे है और नाबार्ड उसका हमारा साथी है और इनके सहयोग से हमारी सारी सोसाइटी डिजिटल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि धारा 118 के तहत जिस सोसाइटी के पास जमीन नहीं है वहां पर वो प्रोजेक्ट नहीं आ सकते हैं। इसके लिए हमने कानून तैयार कर लिया था, जो विधान सभा में पेश भी हुआ था, जिसमें हमने कहा था कि जिस सोसाइटी के सारे निदेशक हिमाचली है उनको इससे छूट दी जाये ताकि जो मूल रूप से हिमाचली है उनको दिक्कत न आये और उनको अनुमति के लिए इधर-उधर न जाना पड़े, लेकिन वो बिल सेलेक्ट समिति को चला गया है, जिसका बजट सेशन तक कोई न कोई रास्ता निकल जाएगा।

*समितियों को पुनः सक्रिय करने की जरूरत* उन्होंने बताया कि काँगड़ा की चाय की सोसाइटी, लाहौल की आलू सोसाइटी, कुल्लू की हिम बुनकर सोसाइटी को पुनः सक्रिय करना समय की जरुरत है, जिसके लिए नाबार्ड को सोचना होगा कि इनको कैसे पुनर्जीवित किया जा सकता है। सरकार और सहकार कैसे इन्हे पुनः सक्रिय कर सकते हैं इस पर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल के नेटवर्क को आगे बढ़ाने में नाबार्ड प्रदेश सरकार का सहयोग कर रहा है, जिसके तहत लगभग 110 करोड़ रुपए की पूंजी जारी करने का फैसला किया है। इसके अतिरिक्त, दूध के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हुआ है। दूध की समितियां भी बनाई जा रही है जिसके तहत 900 समितियों का गठन किया जा चुका है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत लोग आना चाहते हैं जिसके तहत अगर कोई हिमाचली प्लांट लगाना चाहता है तो उसको 100 वाट तक स्वीकृति दी जा सकती है जिस पर सब्सिडी का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड का सड़कों, ट्रांसपोर्ट, सहकारिता, पानी आदि क्षेत्रों में पूरा सहयोग मिल रहा है जिसके लिए वह उनके आभारी हैं। *समय पर करें कोआपरेटिव बैंक से लिए हुए ऋण की अदायगी*उन्होंने कहा कि बहुत कुछ हुआ है हिमाचल प्रदेश में और बहुत कुछ करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि 20 लाख लोग सहकारिता क्षेत्र से जुड़े हैं और यह 50 हजार करोड़ रुपए का साम्राज्य है। इसको कैसे संभाल कर रखना है इस बारे में विचार करने की ज़रूरत है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि समय पर कोआपरेटिव बैंक से लिए हुए ऋण की अदायगी करें। सचिव सहकारिता विभाग सी. पालरासु ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन इस वर्ष किया गया, जिसमें मंथन शिविर, पौधरोपण, मैराथन और सहकारिता सम्मलेन इस कड़ी में समापन समारोह के रूप में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक है कि हम नकल न करें और क्षेत्र की जरूरत के अनुसार ही योजनाएं बनाये और उन्हें क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में युवाओं को जोड़ना जरूरी है ताकि आत्मनिर्भर भारत बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। इस दौरान क्षेत्रीय निदेशक, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया अनुपम किशोर ने भी अपने विचार साझा किये। मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डॉ विवेक पठानिया ने स्वागत सम्बोधन प्रस्तुत किया और नाबार्ड द्वारा क्रियान्वित की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर हिमफैड के अध्यक्ष महेश्वर चौहान, जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसाइटी डीसी नेगी, हिमाचल प्रदेश राज्य बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। -०-

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2027 तक देश का पहला शत-प्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा से संपन्न विधानसभा क्षेत्र होगा हरोली : उपमुख्यमंत्री

ऊना, 25 दिसंबर. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि साल 2027 तक हरोली देश का पहला ऐसा विधानसभा क्षेत्र बनेगा जहां हर घर-आंगन और हर खेत को पानी उपलब्ध होगा और पूरा क्षेत्र 100 प्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा से संपन्न होगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्षेत्र में योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध ढंग से निर्णायक कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समग्र और भविष्योन्मुखी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।
वे गुरुवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के सलोह स्थित बन बिहारी नंद ब्रह्मचारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने अकादमिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 31 हजार रुपये देने की घोषणा की।

शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य के समग्र विकास पर बल
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध ढंग से सीबीएसई पैटर्न पर विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही राजीव गांधी आदर्श राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल योजना के तहत आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल अधोसंरचना का समन्वय ही युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है। हरोली स्कूल को
राजीव गांधी आदर्श राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

रोड़ा में 10 करोड़ से बनेगा सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में हरोली विधानसभा क्षेत्र के रोड़ा गांव में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। यह ट्रैक क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को तराशने में सहायक होगा।

शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत आधार
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त और भविष्योन्मुखी ढांचागत विकास किया गया है। आज क्षेत्र में 32 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के अलावा 3 सरकारी कॉलेज, 2 आईटीआई, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, ट्रिपल आईटीआई तथा केंद्रीय विद्यालय जैसी संस्थाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री पीजी डिग्री कॉलेज हरोली कॉलेज के भवन का निर्माण 12 करोड़ रुपये की लागत से शीघ्र पूरा किया जाएगा, जबकि खड्ड कॉलेज में 13 करोड़ रुपये की लागत से इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य जारी है। खड्ड में डे-नाइट सुविधा युक्त फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण की दिशा में भी कार्य प्रगति पर है।

कभी पानी की किल्लत, आज पानी वाला हलका बना हरोली
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 75 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना बीत एरिया फेज-2 पर कार्य तीव्र गति से जारी है। इसके तहत स्वां नदी से पानी उठाकर पालकवाह में 11 लाख लीटर क्षमता के टैंक तक पहुंचाया जाएगा, जहां से 43 किलोमीटर मुख्य पाइपलाइन और 80 किलोमीटर वितरण प्रणाली के माध्यम से 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि फेज-1 के तहत 44 करोड़ रुपये की लागत से 18 नलकूपों के माध्यम से किसानों तक पानी पहुंचाने का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, जिससे बीत क्षेत्र आज नकदी फसलों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
इसके अलावा एमसीएडी कंपोनेंट के तहत 100 करोड़ रुपये की नई सिंचाई योजना स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत टाहलीवाल, हरोली और खड्ड, तीन क्लस्टरों में आधुनिक तकनीक से सिंचाई तंत्र को सशक्त किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 24 करोड़ रुपये की लागत से पूबोवाल, बालीवाल, हरोली और नगनोली में जल शक्ति विभाग की योजनाएं पूरी की गई हैं।

करोड़ों के विकास कार्य प्रगति पर
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हरोली के रोड़ा में 5 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटिक वाहन परीक्षण केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 8 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैफिक पार्क, 7 करोड़ रुपये से विश्राम गृह का निर्माण कार्य प्रगति पर है। रोड़ा में 13 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि हरोली में बस डिपो भी शीघ्र खोला जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर फोकस
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाए गए हैं। हरोली अस्पताल में 15 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए गए हैं। बीटन, कुंगड़त और दुलैहड़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा कुठार और बालीवाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में पूरे क्षेत्र में 35 डॉक्टर जनता की सेवा में कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि पीएचसी सलोह के निर्माण का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। इसके अलावा मलाहत में पीजीआई चंडीगढ़ का सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को उन्नत एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगी।

पूरी हरोली सीसीटीवी कवर्ड
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र प्रदेश का पहला ऐसा क्षेत्र बनेगा, जो पूरी तरह सीसीटीवी कवर्ड होगा। सभी प्रवेश द्वारों, मुख्य मार्गों, चौराहों, बाजारों और महत्वपूर्ण स्थलों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार चिट्टे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है। इसमें संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है और जन-जागरूकता के प्रयास भी निरंतर जारी हैं।

part-२

निराश्रित बच्चों के लिए सरकार ही परिवार
उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं या जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, उनके लिए राज्य सरकार माता-पिता की भूमिका निभा रही है। योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को 4000 रुपये मासिक पॉकेट मनी, कपड़ों का भत्ता और त्योहार भत्ता प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जिसने अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का कानूनी दर्जा दिया है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विक्रम बहादुर ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का विवरण दिया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक एवं देशभक्ति प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष रणजीत राणा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद बिट्टू, अशोक ठाकुर, एसएमसी प्रधान राजकुमार, ग्राम पंचायत सलोह की प्रधान अनीता जसवाल, सुभद्रा चौधरी, सुरेखा राणा, प्रमोद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इसके अलावा स्कूल स्टाफ, अभिभावकगण, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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24 December 2025

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