28 June 2025





































































Mukesh Agnihotri
श्रीमद् भागवत कथा में बही आध्यात्मिक-सामाजिक समरसता की रसधार, स्वामी राजेंद्र दास बोले…दस पुत्रों के समान होती है एक कन्या
*नारी सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का दिया पावन संदेश*
ऊना, 28 जून। हरोली उपमंडल के गोंदपुर क्षेत्र में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के छठे दिवस पर भक्तिमय वातावरण में धर्म, भक्ति एवं अध्यात्म की वर्षा हुई। यह सात दिवसीय कथा हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की पुण्य स्मृति में आयोजित की जा रही है।कथाव्यास जगतगुरु स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण, श्री राधारानी एवं बाल सखाओं की लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए जीवन मूल्यों एवं सामाजिक सरोकारों की ओर ध्यान आकर्षित किया।स्वामी जी ने कहा कि शास्त्रों में “दश पुत्र सम कन्या” कहा गया है, अर्थात् एक कन्या दस पुत्रों के समान होती है। वर्तमान समय में भी कई परिवारों में पुत्र-पुत्री के बीच भेदभाव देखा जाता है, जबकि बेटियां न केवल शिक्षा में आगे हैं, बल्कि माता-पिता की सेवा-संवेदना में भी अग्रणी रहती हैं।उन्होंने कहा कि एक वृक्ष की तुलना दस कन्याओं के समान पुण्यदायी मानी गई है। तालाबों व जलस्रोतों के किनारे पीपल, वट, आम जैसे वृक्ष लगाने से न केवल पर्यावरण संतुलित होता है, बल्कि यह असंख्य प्राणियों को आश्रय भी प्रदान करता है।स्वामी जी ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले पेयजल की भारी समस्या थी, जिसके चलते यहां विवाह संबंधों में भी संकोच होता था। लेकिन आज क्षेत्र के कर्मठ नेतृत्व श्री मुकेश आअग्निहोत्री व उनके योजनाबद्ध प्रयासों से यह क्षेत्र जल समृद्ध हो गया है, और अनेक तालाबों का निर्माण कर उनमें जल संचयन सुनिश्चित किया गया है।उन्होंने कहा कि जलाशयों के चारों ओर वृक्षारोपण से जल स्तर में वृद्धि हुई है और यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।स्वामी जी ने उपमुख्यमंत्री श मुकेश अग्निहोत्री से आग्रह किया कि श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर एक वट वृक्ष का रोपण स्वर्गीय सिम्मी अग्निहोत्री जी की स्मृति में किसी सार्वजनिक स्थान पर किया जाए, जिससे यह कथा युगों तक स्मरणीय बनी रहे। साथ ही, उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से भी कम से कम एक वृक्ष लगाने का संकल्प लेने का अनुरोध किया।स्वामी जी ने कहा कि हर व्यक्ति को परिश्रमी होना चाहिए, और समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं सबको समान रूप से मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति स्वयं मेहनत नहीं करता, उसे मुफ्त में सहायता देना राष्ट्र के विकास में बाधा उत्पन्न करता है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, उनकी सुपुत्री डॉ. आस्था अग्निहोत्री, विधायक सतपाल सत्ती, कुलदीप राठौर, विवेक शर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी, राकेश कालिया, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप शर्मा, हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान सहित अनेक विशिष्ट अतिथि एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे और कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।


