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उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कुंगड़त पंचायत सामुदायिक केन्द्र का किया लोकार्पण, बीटन पंचायत सामुदायिक केन्द की रखी आधारशिला

कहा….ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला, इन्हें सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता

ऊना, 26 फरवरी

ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं और पंचायत सामुदायिक केन्द्र ग्रामीण विकास गतिविधियों के सशक्त केंद्र के रूप में कार्य करते हैं। यह बात उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरवार को हरोली विधानसभा की ग्राम पंचायत कुंगड़त में 33 लाख रुपये की लागत से निर्मित नए पंचायत सामुदायिक केन्द्र भवन के लोकार्पण अवसर पर कही। इस सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री द्वारा कुल 1.14 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई थी, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 33 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है, जबकि दूसरे तल का निर्माण कार्य दूसरे चरण में किया जाएगा।इससे पहले उन्होंने लगभग 1.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बीटन पंचायत सामुदायिक केन्द्र, भवन की आधारशिला भी रखी। इस भवन में पंचायत प्रधान कक्ष के अतिरिक्त आधुनिक मीटिंग हॉल, ग्रामसभा सभागार, लोकमित्र केन्द्र तथा पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे पंचायत कार्यों को और अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा।उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को अधिक संसाधन, आधुनिक सुविधाएं और प्रशासनिक मजबूती प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं और पंचायत घर ग्रामीण विकास गतिविधियों के सशक्त केंद्र के रूप में कार्य करते हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। पंचायत सामुदायिक केन्द्रों के निर्माण से जहां जनप्रतिनिधियों को कार्य निष्पादन में सुविधा मिलेगी, वहीं आम नागरिकों को भी विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर सुलभ हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है तथा सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।

विकास का केंद्र बनकर उभर रहा हरोली विस का बीत क्षेत्र

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली का बीत क्षेत्र तीव्र गति से विकास के केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां ट्रैफिक पार्क, 5 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर, 13.50 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट तथा 10 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक रनिंग ट्रैक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर रोड़ा क्षेत्र एक आधुनिक एवं विकसित नगर के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।

हरोली क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल व्यवस्था सुदृढ़

श्री अग्निहोत्री ने कहा कि लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत से ‘बीत एरिया फेज-2’ उठाऊ पेयजल योजना पर कार्य प्रगति पर है। इस योजना के अंतर्गत स्वां नदी से जल उठाकर बीत एवं पालकवाह क्षेत्र के 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से वर्ष 2027 तक हरोली क्षेत्र को शत-प्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा से संपन्न करने की दिशा में ठोस उपलब्धियां हासिल होंगी। इसके अतिरिक्त भवौर साहिब से भी पानी उठाने की योजना का कार्य प्रगति पर है। इसके निर्मित होने पर इस क्षेत्र में कृषि गतिविधियों के विकास को तेजी मिलेगी।

शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में आए व्यापक परिवर्तन का सर्वाधिक लाभ नारी शक्ति को मिला है। बढ़ेड़ा में हिमकैप्स लॉ कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के बाद अब आयुर्वेद कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है। ट्रिप्पल आई टी और कई स्कूलों को अपग्रेड कर वरिष्ठ माध्यमिक बनाया गया है। जिसकी वजह से आज यहां की बेटियां जज, वकील, नर्स और डॉक्टर बनकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। यह शिक्षा क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण है।

परमिट अवधि 12 से 15 वर्ष करने पर टैक्सी ऑपरेटरों ने जताया आभार

इस मौके पर वाहन के परमिट अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष किए जाने के निर्णय पर हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष रामरतन शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भेंट कर इस कार्य के लिए आभार जताया।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एसोसिएशन की मांग पर इस विषय को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया गया था। सरकार बनने के बाद जब मामले की समीक्षा की गई तो पाया गया कि यह विषय राज्य सरकार के बजाय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस विसंगति को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने गंभीरता से प्रयास करते हुए मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया और प्रभावी पैरवी की। परिणामस्वरूप न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे देश के टैक्सी ऑपरेटरों को इसका लाभ मिला। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही राष्ट्रीय स्तर की विसंगति को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ट्रांसपोर्ट विभाग की उल्लेखनीय उपलब्धि

उपमुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य ट्रांसपोर्ट विभाग ने वित्तीय प्रबंधन में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि विभाग ने विभिन्न माध्यमों से लगभग एक हजार करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार द्वारा 93 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है।उन्होंने बताया कि विभाग ने केवल ‘मनचाहा वाहन नंबर’ (चॉइस नंबर) की प्रक्रिया के माध्यम से ही लगभग 100 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है, जो विभाग की पारदर्शी और प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार परिवहन क्षेत्र को सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे निर्णय लिए जाते रहेंगे, जिससे आम जनता और परिवहन से जुड़े हितधारकों को सीधा लाभ मिल सके।कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने विभिन्न मांगें एवं समस्याएं उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिनके शीघ्र समाधान का उन्होंने आश्वासन दिया।

ये रहे उपस्थित पूर्व विधायक बिलासपुर सदर बंबर ठाकुर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत सिंह राणा, ब्लॉक कांग्रेस हरोली के अध्यक्ष विनोद बिट्टू, प्रमोद कुमार, बीटन के प्रधान सोमनाथ सहित अन्य मौजूद रहे।

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चिट्टा मुक्त हिमाचल के संकल्प को मिला जनसमर्थन

नए सुकेती पुल पर 100 फुट लंबा हस्ताक्षर बैनर, उपमुख्यमंत्री ने लिखकर दिया संदेश

16 फरवरी 2026

अंतरार्ष्टारीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान चिट्टा मुक्त अभियान के तहत नए सुकेती पुल पर 100 फुट लंबा हस्ताक्षर बैनर लगाया गया, जिस पर कोई भी नागरिक अपने हस्ताक्षर कर इस जनअभियान से जुड़ सकता है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्वयं दीवार पर संदेश लिखकर अभियान का शुभारंभ किया तथा बैनर पर हस्ताक्षर कर हिमाचल को चिट्टा मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने लोगों, विशेषकर युवाओं से इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी की अपील की।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिट्टा सहित अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री व उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठा रही है, ताकि भावी पीढ़ी को इसके चंगुल से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने में जन जागरूकता एक महत्वपूर्ण कारक है। स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के सामाजिक अभियान नशामुक्त हिमाचल की संकल्पना को साकार करने में अपनी सार्थक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज की भागीदारी से ही इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस अभियान से जुड़कर नशे जैसी बुराई को समाज से दूर भगाने में अपना सक्रिय सहयोग दें।हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चिट्टा के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान की कड़ी में जिला प्रशासन मंडी ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के साथ मिलकर यह हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया। अभियान के तहत लगाए गए 100 फुट लंबे बैनर पर लोगों ने नशामुक्त समाज बनाने का संदेश लिखते हुए हस्ताक्षर किए।इस अवसर पर विधायक चंद्रशेखर, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, चंपा ठाकुर, उपायुक्त मंडी, पुलिस अधीक्षक मंडी तथा अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने भी हस्ताक्षर कर अभियान में भागीदारी निभाई।-0-

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टारना मंदिर में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने लिया कमरूनाग और माता श्यामाकाली का आशीर्वाद

मंडी, 16 फरवरी। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने टारना मंदिर पहुंचकर मंडी जनपद के आराध्य देव कमरूनाग का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने माता श्यामाकाली की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

इसके उपरांत उन्होंने बाबा भूतनाथ मंदिर तथा भीमाकाली मंदिर में भी पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी शिवरात्रि महोत्सव में पधारे सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद समस्त प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे तथा प्रदेश निरंतर उन्नति और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़ता रहे।

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मंडी का सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव शुरू,
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने महोत्सव का किया विधिवत शुभारम्भ,
श्री राज माधो राय की प्रथम जलेब में हुए शामिल, प्रदर्शनियों का किया शुभारम्भ और स्मारिका का किया विमोचन
मंडी, 16 फरवरी। श्री राज माधोराय की अगवानी में निकली प्रथम जलेब एवं ऐतिहासिक पड्डल मैदान में ध्वजारोहण के साथ विश्व विख्यात सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी-2026 का आज औपचारिक शुभारम्भ हुआ। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और इस अवसर पर मंडी नगर के 500 वर्ष पूर्ण होने पर तैयार विशेष लोगो जारी किया, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया तथा मेला समिति की स्मारिका का विमोचन भी किया।
उप-मुख्यमंत्री मंडी जनपद के अधिष्ठाता श्री राज माधो राय की पारंपरिक प्रथम जलेब में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने श्री राज माधो राय मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर से पड्डल मैदान तक निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में अपने स्थानीय देवी-देवताओं के साथ नृत्य करते हुए शामिल हुए। इस बार 200 से अधिक देवी-देवताओं की महोत्सव में शामिल होने के लिए मंडी पहुंच चुके हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने परंपरानुसार पगड़ी समारोह में भी भाग लिया और पड्डल में आयोजित शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रदेशवासियों तथा जिला के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मंडी का पांच सौ साल का इतिहास यहां की समृद्ध विरासत का प्रतीक है और अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव केवल उत्सव नहीं बल्कि देव संस्कृति, लोक आस्था और सामूहिक पहचान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा मंडी शिवरात्रि और कुल्लू दशहरा मेले को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने से इन मेलों की प्रतिष्ठा विश्व स्तर तक पहुंची और आज यह हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान बन चुके है। विदेशी कलाकार यहां आ रहे हैं और मंडी के लोगों ने इस देवसमागम की परंपरा को सदियों से सहेज कर रखा है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान और जीएसटी क्षतिपूर्ति बंद किया जाना उचित नहीं है और यह संघीय ढांचे के विपरीत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर हिमाचल का अधिकार बहाल करवाने का आग्रह किया और आश्वस्त किया कि किसी का वेतन, पेंशन या ओपीएस बंद नहीं होगी तथा विकास कार्य जारी रहेंगे।

इससे पहले उपायुक्त एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि इस वर्ष पहली बार पैगोडा शैली में देवी-देवताओं के लिए विशेष देव स्थल तैयार किए गए हैं, जिससे देव परंपरा की गरिमा और बेहतर रूप में दिखाई दे सके। उन्होंने शिवरात्रि महोत्सव में आयोजित किए जा रहे अन्य कार्यक्रमों का भी ब्यौरा दिया।
उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर विधायक एवं अध्यक्ष महाशिवरात्रि महोत्सव आम सभा चन्द्रशेखर, पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह, रंगीला राम राव और प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, अनुसूचित जाति जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चम्पा ठाकुर, निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह, एचपीएमसी निदेशक मंडल सदस्य जोगिन्द्र गुलेरिया, धर्मेंद्र धामी, केशव नायक, पूर्व प्रत्याशी पवन ठाकुर, जीवन ठाकुर व नरेश चौहान, जगदीश रेड्डी, मेयर विरेन्द्र भट्ट, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, सर्वदेवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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उपमुख्यमंत्री ने दिलवां में शिव रूद्रा पेट्रोल पंप का किया उद्घाटन

बोले…सेवा, सहयोग और समन्वय से ही क्षेत्रीय विकास को मिलती है गति

श्री चिंतपूर्णी मंदिर विकास के लिए प्रथम चरण में 130 करोड़ उपलब्ध*

ऊना, 5 फरवरी.

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गुरुवार को अंब उपमंडल के दिलवां में इंडियन ऑयल के सौजन्य से नवस्थापित शिव रूद्रा पेट्रोल पंप का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पेट्रोल पंप के प्रबंधक प्रवीन शर्मा एवं उनके परिवार को शुभकामनाएं देते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा बताया।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवीन शर्मा मूलतः समाजसेवी एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। उनके प्रयासों से क्षेत्रवासियों को एक आवश्यक सुविधा उपलब्ध हुई है। उन्होंने सहकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और विकास को गति देते हैं।

*130 करोड़ से माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर विकास को मिलेगी नई गति*

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी से पूरे प्रदेश की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और इस प्रमुख आस्था केंद्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए मंदिर के भव्य भवन निर्माण, परिसर के सौंदर्यीकरण तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए पहले चरण में लगभग 130 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।उन्होंने बताया कि इसमें 75 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि शेष राशि स्वदेश दर्शन योजना के माध्यम से प्राप्त हुई है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश में महाकाल, वैष्णो देवी और वृंदावन जैसे धार्मिक स्थलों का भव्य विकास संभव है, तो माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विकास में देरी का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने स्थानीय विधायक सुदर्शन बबलू से आग्रह किया कि माता रानी के आशीर्वाद से स्वीकृत राशि का समयबद्ध एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करते हुए सभी हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को गति दी जाए।

*सिंचाई व पेयजल योजनाओं पर खर्च हो रहे हैं सवा सौ करोड़ रुपये*

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं पर लगभग सवा सौ करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। स्थानीय विधायक की मांग पर क्षेत्र में विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं के मरम्मत कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये प्रदान करने की भी घोषणा की गई।उन्होंने कहा कि ऊना जिले में ‘हर घर, हर खेत पानी’ के लक्ष्य को मिशन मोड में प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि श्री चिंतपूर्णी मंदिर एवं आसपास की 16 पंचायतों की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए 13 करोड़ रुपये की योजना पूर्ण हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में जल संकट समाप्त होगा।

*विधायक ने गिनाईं विकास उपलब्धियां*

इस अवसर पर विधायक सुदर्शन बबलू ने प्रवीन शर्मा के उद्यमी, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान की सराहना की। उन्होंने ऊना के सुप्रसिद्ध सदाशिव मंदिर समिति के अध्यक्ष तथा उत्तर भारत के प्रसिद्ध बाबा डेरा रूद्रानंद के निकट सहयोगी के रूप में उनके योगदान को भी उल्लेखनीय बताया।विधायक ने उपमुख्यमंत्री से 13 करोड़ रुपये से पूर्ण हुई श्री चिंतपूर्णी पेयजल योजना के शीघ्र लोकार्पण का आग्रह करते हुए कहा कि क्षेत्र में क्षेत्र में जलशक्ति विभाग की अनेक विकास योजनाओं पर कार्य तीव्र गति से चल रहा है। उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकार का 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य आगामी छह महीनों में पूर्ण कर जनता को समर्पित कर दिए जाएंगे।

*सेवा भावना से किया गया यह प्रयास : प्रवीन शर्मा*

पेट्रोल पंप के प्रबंधक प्रवीन शर्मा ने उपमुख्यमंत्री एवं सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रयास सेवा और जनहित की भावना से किया गया है। उन्होंने कहा कि माता रानी एवं भोले बाबा के आशीर्वाद से यह सुविधा क्षेत्रवासियों को समर्पित की गई है। इस अवसर पर उनकी माता कमला देवी, धर्मपत्नी सोनू शर्मा, भाई अशोक शर्मा, अश्विनी शर्मा, विवेक शर्मा सहित अन्य परिजनों ने भी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर हिमाचल के महाधिवक्ता अनूप रत्न, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रणजीत राणा एवं राजेश पराशर, प्रदेश कांग्रेस सचिव अशोक ठाकुर, प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष अखिल अग्निहोत्री, पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं समाजसेवी सतीश शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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16वें वित्त आयोग से हिमाचल को हर वर्ष 10 हजार करोड़ का नुकसान : उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री

जीएसटी पहले से नुकसानदेह, अब आरडीजी समाप्त कर केंद्र ने दिया दोहरा आघात…यह स्वीकार्य नहीं

शिमला, 2 फरवरी

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इन फैसलों के चलते हिमाचल प्रदेश को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का सीधा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कोई अस्थायी घाटा नहीं, बल्कि प्रदेश की वित्तीय संरचना को कमजोर करने वाला दीर्घकालिक संकट है, जो हिमाचल के लिए किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था पहले ही हिमाचल जैसे पर्वतीय और सीमित राजस्व संसाधनों वाले राज्यों के लिए नुकसानदेह सिद्ध हो चुकी है। जीएसटी क्षतिपूर्ति समाप्त होने से प्रदेश को पहले बड़ा आर्थिक झटका लगा और अब राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को समाप्त कर केंद्र सरकार ने दूसरा गंभीर आघात दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि यह निर्णय स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का कुल बजट लगभग 58 हजार करोड़ रुपये का है, जिसमें राजस्व व्यय का बड़ा हिस्सा वेतन, पेंशन और अन्य अनिवार्य मदों पर खर्च हो जाता है। ऐसे में केंद्रीय सहायता में किसी भी प्रकार की कटौती का सीधा असर प्रदेश के विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं पर पड़ना स्वाभाविक है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में हिमाचल प्रदेश को लगभग 38 हजार करोड़ रुपये आरडीजी के रूप में प्राप्त हुए थे। वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह स्वाभाविक अपेक्षा थी कि यह सहायता बढ़कर 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचेगी, लेकिन इसके विपरीत आरडीजी को ही समाप्त कर दिया गया, जिससे प्रदेश के सामने गंभीर वित्तीय चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।श्री अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गठन के समय ही यह स्पष्ट था कि विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह राज्य आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो सकता। प्रदेश का गठन यहां के लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं और दुर्गम भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया था। उसी समय राष्ट्रीय स्तर पर यह सहमति बनी थी कि केंद्र सरकार हिमाचल को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र पर निर्भरता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व का हिस्सा है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 से लेकर अब तक केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को विशेष वित्तीय सहायता देने की परंपरा रही है। राजस्व घाटा अनुदान उसी परंपरा का संस्थागत स्वरूप था। इसे समाप्त करना प्रदेश के साथ नीतिगत अन्याय है।श्री अग्निहोत्री ने कहा कि यह निर्णय संघीय ढांचे की भावना के भी विरुद्ध है। बड़े राज्यों के पास पर्याप्त संसाधन और राजस्व के साधन उपलब्ध हैं, जबकि आरडीजी समाप्त होने से पर्वतीय राज्यों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और विशेष परिस्थितियों वाले प्रदेशों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा।उप मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के सातों सांसदों तथा नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सवाल किया कि वे इस मुद्दे पर स्पष्ट करें कि वे केंद्र के फैसलों के साथ हैं या हिमाचल प्रदेश के साथ। उन्होंने कहा कि 10 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक नुकसान जैसे गंभीर विषय पर मौन रहना प्रदेश के हितों से सीधा समझौता है, जिसे प्रदेश की जनता माफ नहीं करेगी।

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**उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली हल्के में आयोजित हुए धार्मिक आयोजनों में की शिरकत **

**बोले…विकास और जनकल्याण ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता **

ऊना, 1 फरवरी। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज(रविवार) को हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गोन्दपुर, दुलेहड़, बीटन, बाथड़ी, बालीवाल, ललड़ी, भदसाली और सलोह गांवों में श्री गुरु रविदास जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित हुए धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मंदिरों में माथा टेका तथा प्रबंधक समितियों को कार्यक्रम आयोजन के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संत गुरु रविदास जी का जीवन समाज में समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश देता है। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने बिना किसी भेदभाव के मानवता, कर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

धार्मिक स्थलों के संरक्षण, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक आस्था के केंद्रों के संरक्षण, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में मंदिरों के विकास पर करोड़ों रुपये व्यय किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें और धार्मिक स्थलों की गरिमा बनी रहे।

उन्होंने बताया कि गुरु रविदास मंदिर कमेटी बालीवाल, ललड़ी, सलोह तथा दुलेहड़ को मंदिरों के सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 25-25 लाख रुपये, पंजवार और हरोली गुरु रविदास मंदिर कमेटी को 15-15 लाख रुपये तथा भदसाली गुरु रविदास मंदिर कमेटी को 71 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में मंदिरों के समग्र विकास को प्राथमिकता दे रही है और हरोली क्षेत्र में धार्मिक स्थलों के विकास को और गति देने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

**हरोली में शिक्षा के क्षेत्र में हुआ व्यापक बदलाव **
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास हुआ है। इससे सबसे ज़्यादा फ़ायदा हरोली की बच्चियों को मिला है। ग्रामीण बेटियों ने शिक्षा के माध्यम से देश और प्रदेश में हरोली का नाम रोशन किया है। नर्सिंग तथा लॉ कॉलेजों से शिक्षा प्राप्त कर चुके विद्यार्थी आज विभिन्न उच्च पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। वर्तमान समय में हरोली हल्का शिक्षा के क्षेत्र में आए बदलाव का सशक्त उदाहरण है।

उन्होंने बताया कि जिले में सिंचाई और पेयजल योजनाओं पर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं हरोली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत से बीत सिंचाई योजना-दो का निर्माण किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और कृषि को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि हरोली में 7 करोड़ से पेयजल योजना और 10 करोड़ से रेस्ट हाउस का निर्माण किया जा रहा है जिसे जल्द ही पूर्ण करके जनता को समर्पित किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने पंचायतों से जुड़े विषय पर कहा कि पंचायत प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के उपरांत संबंधित क्षेत्रों में विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए बीडीओ और पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो।

**टाहलीवाल में आयोजित हुए रक्तदान शिविर में की शिरकत **

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने टाहलीवाल में स्वर्गीय कंवर हरि सिंह की 87 वीं जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में भी भाग लिया। यह शिविर प्रेस क्लब हरोली, ओद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल और बीडीसी ब्लड सेंटर नवाशहर, पंजाब के संयुक्त तत्वावधान से आयोजित किया गया।उन्होंने कहा कि मानवता, करुणा और निःस्वार्थ सेवा को समर्पित जीवन जीने वाले हिमोत्कर्ष परिषद के संस्थापक एवं महान समाजसेवी स्वर्गीय कंवर हरि सिंह ने सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय काम किया है । उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और रक्त का कोई विकल्प नहीं होता। समय पर उपलब्ध रक्त अनेक जिंदगियों को बचाने में अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने युवाओं एवं समाज के सभी वर्गों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने का आह्वान किया तथा कहा कि ऐसे शिविर सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ सेवा भावना और आपसी सहयोग को भी सुदृढ़ करते हैं। उप मुख्यमंत्री ने रक्तदान शिविर के आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने टाहलीवाल क्षेत्र में सड़कों एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क और रास्तों के मजबूत होने से आम जनता को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी तथा विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

साथ ही, प्रेस क्लब हरोली को प्रेस एवं मीडिया गतिविधियों के लिए 51 हजार रुपये देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है और प्रेस संस्थानों को सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है।

**ये रहे मौजूद **
इस अवसर पर एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, नगर पंचायत टालीवाल के अध्यक्ष प्रकाश चंद, उपाध्यक्ष गुरनाम सिंह, प्रेस क्लब हरोली के मुख्य संरक्षण दिनेश गौतम, प्रेस क्लब के अध्यक्ष नारायण प्रभाकर, प्रैस क्लब ऊना के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, हिमोत्कर्ष परिषद के प्रदेशाध्यक्ष जतिंद्र कंवर, हरोली ब्लॉक औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल, महासचिव रोहित, प्रेस क्लब हरोली के महासचिव नवीन महे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्विनी प्रभाकर, उपाध्यक्ष नितेश शर्मा, मुख्य सलाहकार राजन चब्बा, सलाहकार एम आर पाठक, कोषाध्यक्ष राजीव राणा, कार्यालय सचिव सुरेंद्र चोपड़ा, प्रेस सचिव पंकज चोपड़ा, संगठन सचिव नरेश सिंघा, कार्यकारिणी सदस्य पी डी पाठक, सदस्य विकास कौंडल, श्री गुरु रविदास प्रबंधक समितियों के पधादिकारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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केंद्र का बजट हिमाचल के हितों के साथ धोखा : उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने कहा कि बजट में हिमाचल प्रदेश के साथ अन्याय किया गया है तथा पहाड़ी राज्यों की विशेष भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का यह रवैया संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है, जिसका सीधा और गंभीर असर राज्य के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय स्थिरता पर पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से लगभग 38 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ था, लेकिन अब इस महत्वपूर्ण सहायता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। जबकि राज्य को यह उम्मीद थी कि उसकी विषम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए इस अनुदान में वृद्धि की जाएगी।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों को दिए जाने वाले विशेष अनुदानों को समाप्त करना न केवल राज्य के विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा, बल्कि जनहित से जुड़ी योजनाओं और वित्तीय संतुलन के समक्ष भी गंभीर चुनौतियां खड़ी करेगा।

उप मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से बजट प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को उसके संवैधानिक अधिकारों और वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायसंगत बजटीय सहयोग दिया जाना चाहिए।
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नगनोली में 38वें मेजर छज्जू राम लॉ मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य समापन

फुटबॉल टूर्नामेंट में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की बतौर मुख्यातिथि शिरकत

*ऊना, 1 फ़रवरी।

नगनोली में आयोजित 38वें मेजर छज्जू राम लॉ मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट का आज(रविवार) को पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ समापन हुआ। समापन अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। यह फुटबॉल टूर्नामेंट 29 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित किया गया, जिसमें कुल 16 टीमों ने भाग लिया।

इस टूर्नामेंट में नगनोली फुटबॉल क्लब ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बाबा बालक नाथ क्लब नगनोली उपविजेता रहा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विजेता टीम को 45 हजार रुपये की पुरस्कार राशि व ट्रॉफी तथा उपविजेता टीम को 35 हजार रुपये की पुरस्कार राशि व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

इस दौरान नगनोली फुटबॉल क्लब और 5911 क्लब के बीच रस्साकशी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें नगनोली फुटबॉल क्लब ने जीत हासिल की। दोनों टीमों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त बैटन मैच का आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहा।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इस तरह के खेल आयोजन युवाओं को नशे से दूर रखने में सहायक होते हैं और उन्हें अनुशासन, टीम भावना व सकारात्मक सोच की दिशा में प्रेरित करते हैं।

उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं क्षेत्र में खेल संस्कृति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच प्रदान करती हैं।उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने खेल मैदान के समग्र विकास के लिए 50 लाख रुपये तथा मैदान में फ्लड लाइट्स लगाने के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए आयोजक समिति को एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की।इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, अशोक ठाकुर, विनोद बिट्टू, वीरेंद्र मनकोटिया, नग्नोली पंचायत के प्रधान मेहताब ठाकुर, जसपाल जस्सा, राकेश जसवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।-०-

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हिमाचल प्रदेश और IWAI के बीच जल परिवहन को लेकर ऐतिहासिक समझौता: उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जलमार्गों में राज्य की प्रमुख भूमिका पर दिया बल

कोच्चि में आयोजित तीसरी IWDC बैठक में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हुए हस्ताक्षर

हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज केरल के कोच्चि में आयोजित ‘अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद’ (IWDC) की तीसरी बैठक में भाग लिया। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने की। भारत के अंतर्देशीय जल परिवहन पर बढ़ते बल के प्रतीक के रूप में, यह बैठक क्रूज पोत “इंपीरियल क्लासिक” पर आयोजित की गई, जिसमें देश के समुद्री और नदी कनेक्टिविटी के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक के दौरान, केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के लिए की जा रही विभिन्न पहलों से परिषद को अवगत कराया। उन्होंने रिवर क्रूज पर्यटन और धार्मिक पर्यटन सर्किट के विकास पर विशेष जोर देते हुए बताया कि रावी नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-84) को रणजीत सागर बांध से गांधियन स्थित चमेरा बांध तक रिवर क्रूज पर्यटन के लिए विकसित किया जा रहा है, जिसकी पहली जेटी (Jetty–1) जनवरी 2026 तक पूरी होने वाली है।केंद्रीय मंत्री ने आगे सूचित किया कि सतलुज नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-98) को एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। यह प्रस्तावित मार्ग हिमाचल प्रदेश के तत्तापानी और नैना देवी मंदिर को पंजाब के आनंदपुर साहिब और कीरतपुर साहिब से जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) वर्तमान में प्रगति पर है।इस अवसर पर, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जो राज्य में अंतर्देशीय जलमार्गों के सहयोगात्मक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह समझौता राज्य के जल-आधारित बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए एक औपचारिक रूपरेखा प्रदान करता है।परिषद को संबोधित करते हुए, मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश में अंतर्देशीय जलमार्गों के त्वरित विकास की पुरजोर वकालत की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि चूंकि देश भर में विकसित किए जा रहे अधिकांश जलमार्गों वाली नदियाँ हिमाचल प्रदेश से निकलती हैं, इसलिए राज्य राष्ट्रीय अंतर्देशीय जलमार्ग ढांचे में एक प्रमुख हितधारक है। उन्होंने भारत सरकार से तकनीकी और वित्तीय सहायता बढ़ाने का आग्रह किया, जिसमें विशेष रूप से ‘हाइड्रो-इलेक्ट्रिक कैटामारन’ जहाजों के प्रावधान की मांग की गई। उन्होंने कहा कि ये जहाज पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ हैं और हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी पारिस्थितिकी के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं।उपमुख्यमंत्री ने अंत में भारत सरकार और IWAI के साथ मिलकर काम करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने रेखांकित किया कि इस साझेदारी का मुख्य लक्ष्य पर्यावरण के अनुकूल जल परिवहन और पर्यटन विकास को बढ़ावा देना है, जिससे अंततः रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के सतत विकास को गति मिलेगी।

English

Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri today participated in the 3rd Inland Waterways Development Council (IWDC) Meeting held at Kochi in Kerela. The meeting was chaired by Sarbananda Sonowal, Union Minister for Ports, Shipping and Waterways, Government of India. The meeting was held onboard the cruise vessel “Imperial Classic”, symbolising India’s growing emphasis on inland water transport.During the meeting, Sh. Sonowal apprised the Council of various initiatives being undertaken for the development of inland waterways in Himachal Pradesh and Punjab, with special focus on river cruise tourism and religious tourism circuits.The Union Minister informed that the River Ravi (National Waterway–84) was being developed for river cruise tourism from Ranjit Sagar Dam to Chamera Dam at Gandhian, with Jetty–1 scheduled for completion by January 2026. It was also informed that River Sutlej (National Waterway–98) is being explored for developing a religious and tourism circuit connecting Tatapani and Naina Devi Temple in Himachal Pradesh with Anandpur Sahib and Kiratpur Sahib in Punjab and the feasibility study for the same is in progress.On the occasion, a Memorandum of Understanding (MoU) was signed between the Inland Waterways Authority of India (IWAI) and the Government of Himachal Pradesh, marking a significant milestone towards collaborative development of inland waterways in the State.Addressing the Council, Mukesh Agnihotri strongly advocated for accelerated development of inland waterways in Himachal Pradesh, emphasizing that most of the rivers on which inland waterways were being developed across the country originate from Himachal Pradesh, making the State a key stakeholder in the National Inland Waterways Framework.He urged the Government of India to extend enhanced technical and financial support, including the provision of hydro-electric catamaran vessels, which would be environmentally sustainable and ideally suited to the hill ecology of Himachal Pradesh.The Deputy Chief Minister reiterated the State Government’s commitment to work closely with the Government of India and IWAI to promote eco-friendly inland water transport, tourism development, employment generation and sustainable regional growth.–00–

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