11 December 2024









Mukesh Agnihotri
जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास के पथ पर अग्रसर प्रदेश सरकारः मुकेश अग्निहोत्री
कहा दो वर्ष सरकार गिराने की नाकाम कोशिश में लगा रहा विपक्ष
हिमाचल प्रदेश सरकार के दो वर्ष के सफल कार्यकाल के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बुधवार को उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बिलासपुर के लुहणू मेला मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र का समान विकास सुनिश्चित किया है। राज्य सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में निरन्तर आगे बढ़ रही है। इसी ध्येय और सोच के साथ सरकार द्वारा जनकल्याणकारी नीतियां बनाई जा रही हैं और उन्हें सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जा रहा है।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही पहलों से आज राज्य में संसाधनों का सदुपयोग सुनिश्चित हो रहा है। इससे राज्य की आर्थिक खुशहाली का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के वंचित और गरीब वर्गों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से प्रयास कर रही है। सरकार ने राज्य के समावेशी विकास के लिए नीतियों और कार्यक्रमों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्यान्वित किया है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछले दो वर्षों से सरकार गिराने की कोशिश कर रहा हैंे, लेकिन जनता का विश्वास हमारी सरकार के साथ अडिग है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि हम 40 थे और 40 हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष जितने भी प्रयास करे वह सरकार को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचा सकता क्योंकि प्रदेश सरकार गरीब के हित और सभी के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार प्रदेश के विकास के लिए कृतसंकल्प है और पारदर्शिता तथा ईमानदारी के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हिमाचल भवन प्रदेश की महत्वपूर्ण संपत्ति है, और सरकार ने इसके लिए 64 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, ताकि इसका उचित रखरखाव सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी है। रोजाना 5 लाख लोग एचआरटीसी की बसों में सफर कर रहे हैं। एचआरटीसी आम आदमी की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दृष्टिकोण के साथ घाटे वाले रूट भी संचालित किए जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में एचआरटीसी के बेड़े में 1,000 नई बसें शामिल की जाएंगी, जिनमें 327 इलेक्ट्रिक बसें, 250 डीजल बसें और 100 टेम्पो ट्रैवलर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि निगम कर्मचारियों को समय पर वेतन दिया जा रहा है।
शिमला में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह रोपवे भारत का सबसे लंबा और एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा, जो शिमला की पहचान बनेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। कार्य में तेजी लाने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकियां बन चुकी हैं और विद्युत से संबंधित कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सहकारी संस्थाओं में आरक्षण देने पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही यह प्रस्ताव मंत्रिमंडल में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों का कम्प्यूटरीकरण कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार द्वारा इस क्षेत्र को सशक्त करने के लिए अनेक नवीन पहल की गई हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी दल प्रदेश को बदनाम करने में जुटा है, जबकि वर्तमान सरकार जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और निरन्तर इस पथ पर अग्रसर रहेगी।
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09 दिसंबर 2024
उप-मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से भेंट की विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्तीय राशि जारी करने का किया आग्रह।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से भेंट की और जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के जल शक्ति विभाग को राशि जारी करने का आग्रह किया।उन्होंने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री को अवगत करवाया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत हिमाचल को वर्तमान वित्त वर्ष के लिए 916.53 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें से अब तक प्रदेश को केवल 137.48 करोड़ रुपये की राशि ही जारी की गई है और पूरी राशि न मिलने के कारण प्रदेश में चल रही परियोजनाओं का कार्य प्रभावित हो रहा है।मुकेश अग्निहोत्री ने सीआर पाटिल से जल जीवन मिशन के तहत पहली किश्त का पहला व दूसरा ट्रेंच जारी करने का आग्रह किया ताकि प्रदेश में चल रही योजनाओं का कार्य समयबद्ध सुनिश्चित किया जा सके।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह इस स्थिति से भली-भांति अवगत हैं और शीघ्र ही हिमाचल को धनराशि जारी की जाएगी।उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके दृष्टिगत उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से उदार वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से 517.16 करोड़ रुपये की लागत वाली 67 शीतकालीन जल आपूर्ति योजनाओं (जिसमें वाइब्रेंट विलेज योजना भी शामिल हैं) को निष्पादित करने की अनुमति के मामले पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की और इन योजनाओं को मंजूरी देने का आग्रह किया ताकि जनजातीय क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।मुकेश अग्निहोत्री ने पीएमकेएसवाई के तहत वित्त पोषण के लिए फिन्ना सिंह परियोजना को शामिल करने के लिए केन्द्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया और इस वित्त वर्ष के लिए 135 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से 120.79 करोड़ रुपये की लागत की बीत और कुटलेहड़ परियोजनाओं को मंजूरी देने का आग्रह किया।सीआर पाटिल ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर धनराशि आवंटित की जाएगी।उप-मुख्यमंत्री ने पीएमकेएसवाई के तहत चल रही अन्य सिंचाई परियोजनाओं के लिए केन्द्रीय सहायता जारी करने पर भी चर्चा की। इसके अलावा, एसएमआई परियोजना लबरंग, गार्डन कॉलोनी जिला किन्नौर, एलआईएस बरोटी मंडप जिला मंडी और एलआईएस संधोल जिला मंडी के लिए 3.26 करोड़ रुपये की शेष केन्द्रीय सहायता जारी करने का भी आग्रह किया।मुकेश अग्निहोत्री ने नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत पांच मल निकासी योजनाओं (जिला शिमला के चिड़गांव, रोहड़ू और सरस्वती नगर, जिला सोलन के सोलन और कंडाघाट, जिला सिरमौर के ददाहू और राजगढ़ शहर) के लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत करने का आग्रह किया।केंद्रीय मंत्री ने उप-मुख्यमंत्री को प्रदेश की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। .0.
English
DEPUTY CHIEF MINISTER SEEKS FUNDS UNDER PMKSY/JJM FOR IRRIGATION PROJECTS AND WATER SUPPLY
Sh. Mukesh Agnihotri Deputy Chief Minister met Sh.C.R. Patil , Jal Shakti Minister today at New Delhi. The meeting revolved around urgent release of funds to Jal Shakti Department under Jal Jeevan Mission. He apprised Sh. Patil that though an amount of Rs. 916.53 cr. has been allocated by Government of India under Jal Jeevan Mission for current financial year, but till date only an amount Rs.137.48 Cr. has been released to the State Government resulting in hampering the progress of ongoing work. Sh. Mukesh Agnihotri stressed that 1st and 2nd tranche of 1st instalment of Jal Jeevan Mission be released so as to ensure that the completion of ongoing schemes. Sh. C.R. Patil assured that he is aware of the situation and funds would be released very soon so as to ensure the completion of ongoing schemes.
Sh. Mukesh Agnihotri stressed that State Government is making all out effort to provide improved Irrigation facilities to the habitants of Himachal Pradesh and exhorted the Union Minister for liberal grants. The Matter regarding permission to execute the 67 winter waters supply schemes amounting to Rs. 517.16 Cr. (including vibrant village schemes) was also discussed and request was made to approve these schemes so as to ensure regular water supply in the Tribal areas. Sh. C.R. Patil assured that he would look into the matter sympathetically
Sh. Mukesh Agnihotri thanked the Union Minister for inclusion of Phina Singh project for funding under PMKSY and requested that the funds to the tune of Rs.135 Crore may kindly be released for the current Financial year in order to expedite the execution of the project. Approval of 2 more projects namely Beet Area and Kuthlehar Constituency amounting to Rs. 120.79 crore was also requested. Sh.C.R. Patial,stated that the sanction letter of these schemes would be issued forthwith and allocation of funds would also be made in due course very soon.
In addition to these projects matter regarding release of Central Assistance for ongoing irrigation projects under PMKSY was also discussed. In addition to this request was made for release of balance Central Assistance for 3 projects namely SMI scheme Labrang Garden Colony Distirct KInnaur, LIS Barorti Mandap district Mandi and LIS Sandhole in District Mandi amounting to Rs. 3.26 Cr. Sh. C.R. Patil directed the authorities to look into the matter.
Sh.. Mukesh Agnihotri requested for the approval of 5 Sewerage project under Namami Gange (namely Sewerage system in the catchment of river Pabar at Chirgaon, Rohru and Sarswait Nagar in District Shimla, providing sewerage scheme to Solan District Solan , providing sewerage scheme to Kandaghat District Solan, providing sewerage scheme to Dadhau Distrit Sirmaur and providing scheme to Rajgarh Town.) Sh. C.R. Patil assured that he would look in to the matter sympathetically.

06 December 2024


04 दिसम्बर 2024
सहकारिता क्षेत्र का होगा सुदृढ़ीकरण – उप मुख्यमंत्री
ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है सहकारी समितियां
प्रदेश का पहला राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन आयोजित
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की बतौर मुख्यातिथि शिरकत
प्रदेश सहकारी समितियों और हिमकोफेड के संयुक्त तत्वाधान से राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान मशोबरा में “सहकारिता सभी के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण करती है” पर राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जिस तरह हमारी सरकार ने परिवहन और एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नए कदम उठाए हैं, उसी प्रकार सहकारिता विभाग को भी अधिक कार्यशील बनाना है। आज एचआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें और नई डीजल बसों को शामिल किया जा रहा है। उसी तरह सहकारिता विभाग में नए कदम उठाए जाएंगे।
इस दो दिवसीय सम्मेलन में जिन मुद्दों और सुझावों पर चर्चा होगी, उन्हीं के मुताबिक नए कानून और रणनीतियां बनेगी। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए नए कानून प्रस्तावों को विधानसभा में पारित करवाया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार सहकारी समितियां है। इसी तरह आत्मनिर्भर हिमाचल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोगों का सपना कॉरपोरेटर बनना होता था, क्योंकि उस समय सहकारी समितियों का रुतबा काफी बड़ा होता था। आज प्रदेश का लगभग 4500 करोड़ रुपए सहकारी क्षेत्र में जमा है।
उन्होंने कहा कि देश में सहकारिता आंदोलन का जनक हिमाचल प्रदेश है। ऊना जिला के रहने वाले हीरा सिंह ने पहली सहकारी समिति 1892 में बनाई थी। उन्होंने कहा कि हीरा सिंह की दूरदर्शिता और नेतृत्व को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उनके कार्य को देश ने नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश भर में हर पांच में से एक व्यक्ति सहकारी समिति से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां इस बात का ध्यान रखे कि उनके पास जमा पैसा आम जनता का है, वह किसी सचिव या सोसायटी का पैसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में हिम फेड, वूल फेड, मिल्क फेड जैसी फेडरेशन न आना चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन फेडरेशन पर शिकंजा कसा जाए। इसके साथ ही निजी और सरकारी बैंकों के प्रतिनिधियों को भी इस सम्मेलन में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंकों का आधार सहकारिता समितियां ही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग में रिक्त चल रहे करीब 900 पदों को भरने के लिया भविष्य में रणनीति बनाई जाएगी। 1789 सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण के लिए बजट जारी कर दिया गया है ताकि सभाओं के कार्यप्रणाली में तीव्रता और गुणवत्ता आए। उन्होंने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्य को लेकर संजीदा रहें। जो कार्य आपको दिया गया है उसका निर्वहन ईमानदारी से करें ताकि लोगों के दिलों में आपके कार्य की पहचान बन पाए। इस सम्मेलन में नाबार्ड, सहकारिता विभाग और अन्य हितधारक शामिल रहे।
पहला राज्य स्तरीय सम्मेलन
प्रदेश का पहला राज्य स्तरीय सहकारी समिति सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन दो दिवसीय रहेगा।प्रदेश भर की 5276 सहकारी समिति के करीब 300 प्रतिनिधि इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। प्रदेश भर में पहले चरण में 870 पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समिति) का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है जबकि दूसरे चरण में 919 पैक्स को चयनित किया गया।
सहकारिता आंदोलन में तीव्रता लाए – सी पालरासु
कार्यक्रम के दौरान सहकारिता विभाग के सचिव सी पालरासु ने कहा कि प्रदेश भर में अनेकों सहकारिता सभाएं सफलता के साथ समृद्ध हिमाचल बनने की दिशा में कार्य कर रही हैं। इस दो दिवसीय सम्मेलन में प्रदेश भर की सफल सभाओं के प्रतिनिधि अपनी सफलता को साझा करेंगे। इसके साथ ही आने वाली चुनौतियों के बारे में भी चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां पर सहकारिता आंदोलन पहाड़ों की भौगोलिक परिस्थितियों और क्षमताओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन में तीव्रता लाते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस आंदोलन के साथ जोड़ने की दिशा में सभाएं कार्य करें।
सहकारी समिति की कार्यप्रणाली में होगा सुधार – आर के प्रुथी
रजिस्ट्रार सहकारी समिति हि प्र आर के प्रुथी ने सम्मेलन में कहा कि सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए सहकारी सभाओं के सदस्य अपने सुझाव registrarecooperativehp@gmail.com पर भेज सकते हैं। अगले 15 दिनों के बाद इन सुझावों पर विस्तृत चर्चा के बाद रणनीति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी सहकारी सभाओं का ऑडिट 30 सितंबर तक हर हाल में संपन्न कर लिया जाएगा। इसके लिए विशेष योजना बनाई गई है। इस योजना के अनुसार 31 मार्च 2025 तक सभी सभाएं अपने जनरल हाउस आयोजित करेगी। 15 अप्रैल 2025 तक सभी सभाएं अपना ऑडिटर नियुक्ति करेंगी। अगर कोई सभा ऑडिटर नियुक्ति नहीं करती है तो सहायक पंजीयक सीधे ऑडिटर नियुक्त करेगा। वहीं हमने इस बार 30 मास्टर ट्रेनर तैयार किए है जोकि प्रदेश भर में सभाओं के ऑडिट को लेकर ऑडिटर का मार्गदर्शन करेंगे। विभाग में नए कदम उठाए जाएंगे ताकि सहकारी समिति बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
सहकारी हाट होंगे विकसित
प्रदेश में सहकारी सभाओं के सहयोग से सहकारी हाट विकसित किए जाएंगे। इनके लिए चार स्थानों का चयन किया गया। चयनित स्थानों में चिंतपूर्णी ( ऊना), बाबा बालक नाथ (हमीरपुर),पालमपुर ( कांगड़ा) और सुंदरनगर (मंडी) में सहकारी हाट बनेंगे। सहकारी हाट पर वन स्टॉप सेंटर होंगे यहां पर उन उत्पादों की बिक्री होगी जिनका उत्पादन सहकारी सभाएं कर रही है। पहले चरण में चार स्थानों पर सहकारी हाट कार्य करेंगे। इसके बाद प्रदेश भर में इस तरह के सहकारी हाट स्थापित करने की योजना है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
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