उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने श्री भीमाकाली मंदिर सराहन में किए दर्शन, सशस्त्र सीमा बल प्रशिक्षण केंद्र का भी किया दौरा
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री भीमाकाली मंदिर सराहन में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर पहुंचने पर मंदिर प्रशासन व स्थानीय लोगों द्वारा उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने मां भीमाकाली के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के लिए शांति, समृद्धि और विकास की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति और आस्था के केंद्र प्रदेश की पहचान हैं तथा सरकार इन धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके उपरांत उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सराहन में स्थित सशस्त्र सीमा बल (एस एस बी) के एटीसी प्रशिक्षण केंद्र का दौरा किया। इस अवसर पर कमांडेंट प्रवीण कुमार तथा डिप्टी कमांडेंट जगदीश ठाकुर ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
उपमुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण केंद्र में जवानों की गतिविधियों का अवलोकन करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में समर्पित हमारे वीर जवानों के अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को देखकर गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि लगभग 125 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्रशिक्षण केंद्र को पूर्ण क्षमता से संचालित करने का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि यह केंद्र और अधिक प्रभावी ढंग से देश सेवा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति रणबीर नेगी, अधिशाषी अभियंता विद्युत कुकू शर्मा,अन्य विभागों के अधिकारी तथा पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
बुशहर कार्निवाल की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में उपमुख्यमंत्री ने की शिरकत
चार दिवसीय ऐतिहासिक फाग मेले के अवसर पर प्रथम तीन संध्याओं में बुशहर स्पोर्ट्स, कल्चर एंड एनवायरमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित किए जा रहे बुशहर कार्निवाल का आयोजन पिछले पांच वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। इन वर्षों में यह कार्यक्रम न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन बनकर उभरा है, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और युवाओं को अपनी समृद्ध संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी बना है। पदम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर के मैदान में 5 से 7 मार्च तक आयोजित तीन दिवसीय बुशहर कार्निवाल की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए और दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, जो बुशहर स्पोर्ट्स, कल्चर एंड एनवायरमेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहे। इससे पूर्व उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के रामपुर स्थित सर्किट हाउस पहुंचने पर प्रशासन, स्थानीय जनता एवं पार्टी पदाधिकारियों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय लोगों ने उपमुख्यमंत्री के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याएं भी रखी, जिनके शीघ्र समाधान का उन्होंने आश्वासन दिया। बुशहर कार्निवाल में बुशहर स्पोर्ट्स, कल्चर एंड एनवायरमेंट एसोसिएशन रामपुर के अध्यक्ष राहुल सोनी ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह को हिमाचली टोपी, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के मार्गदर्शन तथा बुशहर स्पोर्ट्स, कल्चर एंड एनवायरमेंट एसोसिएशन की रामपुर इकाई के अथक प्रयासों से यह आयोजन हर वर्ष और अधिक भव्य स्वरूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास में प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. यशवंत सिंह परमार तथा पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि रामपुर, कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह का गृह क्षेत्र है और उन्होंने क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी है। मुख्य अतिथि ने सभी आयोजकों, कलाकारों और सहयोगियों को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी तथा आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में भी बुशहर स्पोर्ट्स, कल्चर एंड एनवायरमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित बुशहर कार्निवाल इसी प्रकार सफलता के साथ आयोजित होता रहेगा। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का बुशहर कार्निवाल के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने पर उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बुशहर कार्निवाल की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर हिमफैड के अध्यक्ष महेश्वर चौहान, उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह, उपमंडल पुलिस अधिकारी नरेश शर्मा, डायरेक्टर बोर्ड ऑफ टूरिज्म यशपाल सोनी, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष चंद्र मनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। -०-
ऊना, 1 मार्च. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना जिले ने बीते वर्षों में विकास की नई पहचान बनाई है। औद्योगिक, शैक्षणिक तथा आधारभूत ढांचे सहित विकास के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। उन्होंने सभी से सामूहिक प्रयास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जिले की पहचान को देश-विदेश में और ऊंचा उठाने का आह्वान किया। वे रविवार को हिमोत्कर्ष साहित्य, संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद ऊना के 52वें राज्य स्तरीय वार्षिक अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
संस्थापक स्वर्गीय कंवर हरि सिंह को श्रद्धांजलि, परिषद की भूमिका सराही उपमुख्यमंत्री ने परिषद के संस्थापक स्वर्गीय कंवर हरि सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें दूरदर्शी एवं कर्मठ व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, समाज सेवा और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी सोच ने नई दिशा प्रदान की। हिमोत्कर्ष कॉलेज की स्थापना कर उसे दो दशकों तक सफलतापूर्वक संचालित करना उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। अब सरकार इस कॉलेज का संचालन कर रही है। उन्होंने परिषद के जनकल्याण और सेवा के कार्यों की खुले मन से तारीफ की। कार्यक्रम में परिषद ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 1 लाख 1 हजार रुपये का अंशदान भी भेंट किया।
2500 करोड़ की बल्क ड्रग पार्क परियोजना गति पर उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में लगभग 2500 करोड़ रुपये लागत की बल्क ड्रग पार्क परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। भूमि समतलीकरण कार्य आरंभ हो चुका है तथा अन्य निर्माण कार्यों के टेंडर जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में स्थापित हो रही तीन राष्ट्रीय बल्क ड्रग पार्क परियोजनाओं में से एक का ऊना में स्थापित होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इससे न केवल औद्योगिक परिदृश्य को नया आयाम मिलेगा, बल्कि हिमाचल प्रदेश फार्मा क्षेत्र में वैश्विक मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करेगा। परियोजना के माध्यम से एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स के क्षेत्र में चीन पर निर्भरता कम होगी और औषधीय आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर विकास एवं विस्तारीकरण को पहले चरण में 130 करोड़ उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विकास, विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए प्रथम चरण में लगभग 130 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवा दी गई है। प्रशासन को सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर कार्य तुरंत प्रभाव से आरंभ करवाने के निर्देश दिए हैं। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इसकी दैनिक मॉनिटरिंग हो, ताकि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार माता वैष्णो देवी मंदिर का भव्य एवं सुव्यवस्थित स्वरूप विकसित हुआ है और श्री वृंदावन धाम में व्यापक स्तर पर आधारभूत ढांचे का विस्तार किया गया है, उसी तर्ज पर माता श्री चिंतपूर्णी धाम का भी सुनियोजित एवं भव्य विकास किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिले।
विकास पथ पर अग्रसर ऊना श्री अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना में पीजीआई का सैटेलाइट सेंटर निर्माणाधीन है, इंडियन ऑयल का डिपो स्थापित हो चुका है तथा गैस पाइपलाइन जिले तक पहुंच चुकी है। ये सब परियोजनाएं जिले विकास की कहानी कहती हैं । उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गोविंद सागर झील में जल परिवहन की संभावनाओं पर कार्य जारी है, जिसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व कार्यों से अब घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध हैं तथा खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंची है। नकदी फसलों के उत्पादन में वृद्धि हुई है। ऊना नगर निगम का गठन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिले में अनेक अन्य पुलों का निर्माण भी प्रगति पर है।वहीं हरोली सोमभद्र सेतु ने कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया है। शिक्षा क्षेत्र की मजबूती से बेटियों की उड़ान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय जिले में शिक्षण संस्थानों की कमी थी, लेकिन आज स्थिति बदली है। बेटियां राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। ट्रिपल आईटी में देशभर के विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जिससे जिले की शैक्षणिक पहचान सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि ऊना की अनेक हस्तियां अमेरिका सहित विभिन्न देशों में साइबर टेक्नोलॉजी, चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। ऐसे प्रवासी भारतीयों से वे लगातार संवाद करते हैं और उन्हें अपनी मातृभूमि से जुड़े रहने तथा समय-समय पर यहां आकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने का आग्रह करते हैं।
शूरवीरों-कर्मवीरों का सम्मान उपमुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों और संस्थाओं को वर्ष 2025-26 के हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता पुरस्कार तथा हिमोत्कर्ष हिमाचल श्री पुरस्कार प्रदान किए। हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता पुरस्कार 2025-26 के अंतर्गत कांगड़ा जिला के शाहपुर से संबंधित शहीद सूबेदार मेजर पवन कुमार (सेना मेडल) को अमर शहीद कैप्टन अमोल कालिया स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता शौर्य पुरस्कार (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी माता, पत्नी और पुत्र ने ग्रहण किया। ऊना जिला के बाथू गांव से बीएसएफ के सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक व्यास देव को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में प्रदर्शित अदम्य साहस के लिए अमर शहीद कैप्टन अमोल कालिया स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता (राष्ट्र समर्पण एवं प्रेरणास्त्रोत) पुरस्कार प्रदान किया गया। सिरमौर जिला के शिलाई की भारतीय महिला कबड्डी टीम की उपकप्तान पुष्पा राणा को स्व. इंजीनियर मनमोहन सिंह कुंवर एवं प्रोमिला कुंवर स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता (श्रेष्ठ युवा प्रतिभा – खेल) पुरस्कार से अलंकृत किया गया। हमीरपुर जिला से पंजाब केसरी टीवी हिमाचल के राज्य प्रमुख डॉ. संजीव शर्मा को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए अमर शहीद लाला जगत नारायण स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता श्रेष्ठ पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया गया। बिलासपुर जिला के घुमारवीं से संबंधित तथा डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिकेता शर्मा को समाज के प्रति उत्कृष्ट चिकित्सीय सेवाओं के लिए स्व. इंजीनियर पंडित राम शर्मा स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता (उत्कृष्ट चिकित्सक) पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हिमाचल मंडी जनकल्याण सभा (पंजीकृत), दिल्ली को नेत्र चिकित्सा एवं समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्व. डॉ. डी.आर. गर्ग स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता उत्कृष्ट नेत्र आयुर्विज्ञान पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी प्रकार हिमोत्कर्ष हिमाचल श्री पुरस्कार 2025-26 के अंतर्गत झारखंड राज्य न्यायिक सेवा में जिला जज (वरिष्ठ न्यायिक सेवा) पद पर चयनित ऊना जिला के डंगोली गांव के शिव करण राणा को स्व. रोशन लाल शर्मा स्मारक हिमोत्कर्ष हिमाचल श्री शान-ए-ऊना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके भाई बहादुर सिंह राणा ने प्राप्त किया। हिमाचल महासभा, चंडीगढ़ को स्व. संतोष कंवर एवं स्व. कंवर हरिसिंह स्मारक हिमोत्कर्ष हिमाचल श्री (उत्कृष्ट समाजसेवी संस्था) पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त बिलासपुर के साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त संयुक्त सचिव, हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला, श्याम लाल शर्मा को राणा शमशेर सिंह स्मारक हिमोत्कर्ष हिमाचल श्री श्रेष्ठ लेखन, साहित्य एवं संस्कृति पुरस्कार से अलंकृत किया गया। इसके अतिरिक्त बीएससी माइक्रोबायोलॉजी में प्रदेश टॉपर दीपिका को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया । 10वीं और 12वीं कक्षा में मेरिट में रहे विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया तथा जरूरतमंदों को सहायक सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में हिमोत्कर्ष साहित्य, संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद ऊना के राज्य अध्यक्ष जितेंद्र कंवर ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए परिषद की अब तक की स्वर्णिम यात्रा का विवरण और कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया। सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर राजीव ठाकुर ने परिषद के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर पूर्व विधायक ओपी रतन, शहीद अमोल कालिया के पिता सतपाल कालिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, परिषद के पदाधिकारियों सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। .०.
उपमुख्यमंत्री ने किया माता श्री चिंतपूर्णी जी उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण
श्री चिंतपूर्णी विस में जलशक्ति विभाग के 150 करोड़ के विकास कार्य प्रगति पर : मुकेश अग्निहोत्री
श्री चिंतपूर्णी (ऊना), 28 फरवरी. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर क्षेत्र के लिए निर्मित 12.42 करोड़ रुपये लागत की उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया। इस योजना से मंदिर क्षेत्र सहित पांच पंचायतों के 19 गांवों में नियमित एवं स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुदर्शन बबलू भी उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना से 10 हजार से अधिक स्थानीय नागरिक, 4 हजार से अधिक विद्यार्थी तथा प्रतिवर्ष आने वाले हजारों श्रद्धालु लाभान्वित होंगे। कलरूही खड्ड से लगभग 17 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर पानी पहुंचाया गया है तथा तीन भंडारण टैंक और आधुनिक पंपिंग मशीनरी स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र लंबे समय से इस योजना की प्रतीक्षा कर रहा था। इसे समयबद्ध पूर्ण करने पर विभागीय अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन स्थल चिंतपूर्णी में पेयजल व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा भविष्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित होगा।
प्रदेश में युद्धस्तर पर चल रहे हैं जल योजनाओं के कार्य उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेयजल योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है तथा विभिन्न योजनाओं के कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय जिला ऊना में पानी की गंभीर समस्या रही है, परंतु आज विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हर क्षेत्र तक पेयजल पहुंचाया जा रहा है। जिले में व्यापक स्तर पर 600 से अधिक ट्यूबवेल स्थापित किए जा चुके हैं तथा भभौर साहिब और पौंग डैम से जलापूर्ति की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 150 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं।
‘माता का बाग’ योजना छह माह में पूर्ण करने का लक्ष्य उपमुख्यमंत्री ने 4 करोड़ रुपये लागत की ‘माता का बाग’ पेयजल योजना के कार्य को युद्धस्तर पर आरंभ करने के निर्देश देते हुए इसे छह माह में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। योजना के तहत कलरूही से माता का बाग तथा वहां से भरवाई होते हुए मंदिर क्षेत्र को जोड़ा जाएगा। साथ ही मुबारिकपुर सहित प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए प्याऊ निर्माण भी किए जाएंगे।
मंदिर विकास के लिए प्रथम चरण में 130 करोड़ उपलब्ध उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विकास, विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए पहले चरण में लगभग 130 करोड़ रुपये उपलब्ध करवा दिए गए हैं। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि कार्य तत्काल आरंभ करवाया जाए तथा दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जब देश के अन्य प्रमुख मंदिरों का विकास हो सकता है तो माता चिंतपूर्णी के कार्य में विलंब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि केंद्र की प्रसाद योजना के अंतर्गत प्राप्त 56 करोड़ रुपये की धनराशि के लिए प्रदेश सरकार को न्यायालय का सहारा लेना पड़ा, जबकि अतिरिक्त 75 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने उपलब्ध करवाए हैं, ताकि मंदिर परिसर को भव्य स्वरूप दिया जा सके। 100 करोड़ की रोपवे परियोजना को दें गति उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के लिए स्वीकृत 100 करोड़ रुपये की रोपवे परियोजना को शीघ्र सिरे चढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगी। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा सुविधा से मंदिर क्षेत्र की आय में लगभग 12.50 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने भरवाईं चौक के चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण, संपूर्ण मंदिर क्षेत्र में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं निर्मित करने के लिए युद्धस्तर पर काम अकड़ने के निर्देश दिए।
जल परिवहन से जुड़ेगा नैना देवी मंदिर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए जल परिवहन की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। बिलासपुर से जलमार्ग के माध्यम से नैना देवी मंदिर को जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने जल परिवहन में केरल मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विधायक सुदर्शन बबलू की सक्रियता की सराहना करते हुए विकास कार्यों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को आवश्यक बताया। विधायक सुदर्शन बबलू ने जताया आभार स्थानीय विधायक सुदर्शन बबलू ने माता श्री चिंतपूर्णी जी उठाऊ पेयजल योजना के लोकार्पण पर उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर क्षेत्र एवं आसपास के गांवों में स्थायी पेयजल समाधान की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो अब पूरी हुई है। मंदिर के विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 130 करोड़ रुपये की उपलब्धता को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताते हुए विश्वास जताया कि इससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नया बल मिलेगा। उन्होंने श्री चिंतपूर्णी विस क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई योजनाओं के कार्य की प्रगति पीके लिए भी उपमुख्यमंत्री का आभार जताया।
इस अवसर पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, राजेश पराशर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रविंद्र, विकास कश्यप, प्रमोद कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, जलशक्ति विभाग के मुख्य अभियंता रोहित दूबे और अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान, एसडीएम पारस अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
Press Not – 2
उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में टेका माथा, प्रस्तावित विकास कार्यों का लिया जायजा
श्री चिंतपूर्णी, 28 फरवरी.
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर क्षेत्र के लिए 12.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ पेयजल योजना के लोकार्पण के उपरांत मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विधायक सुदर्शन बबलू भी उनके साथ उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में प्रस्तावित विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों से संबंधित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मंदिर के भव्य एवं सुव्यवस्थित स्वरूप के लिए सरकार प्रतिबद्ध है तथा प्रथम चरण में विकास कार्यों हेतु 130 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि मंदिर विकास से जुड़े सभी कार्यों की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता एवं आधारभूत ढांचे से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध पूरा किया जाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भरवाई पहुंचते ही श्रद्धालुओं को यह अनुभव होना चाहिए कि वे एक विशिष्ट एवं पवित्र धाम में प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए आकर्षक प्रवेश द्वार, समुचित सौंदर्यीकरण, थीम आधारित प्रकाश व्यवस्था, धार्मिक आस्था को प्रतिबिंबित करती कलाकृतियों तथा सेल्फी प्वाइंट्स का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। विभागीय समन्वय के साथ सभी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर एवं सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।