प्रेस नोट

SHIMLA 29 July, 2025

Deputy CM presides over HRTC and Bus Stand Management Authority Board Meeting

• Launches four digital systems to modernize HRTC operation.

• Launches ‘Him Bus Plus’ and announces upto 20 percent discount for card holders

Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri today here presided over the meeting of the Board of Directors of the Himachal Road Transport Corporation (HRTC) and the Bus Stand Management and Development Authority (BSMDA), during which several significant decisions were taken to enhance operational efficiency, passenger convenience, safety measures and non-operational revenue generation.During the meeting, four new IT-based systems developed by HRTC in collaboration with the Department of Digital Technologies and Governance (DDTG) were launched. These include an online travel pass system, enabling school and college students, government employees and traders to apply online for concessional passes, pay fees digitally and receive RFID-based smart cards. A digital bus inspection scheduling system was also introduced to improve monitoring of staff performance and ensure timely checks, with schedules now being transmitted via SMS. A GPS-based bus tracking system has been initiated for 82 buses in Shimla, which would later be extended to the entire fleet of HRTC buses and would ensure better real-time monitoring. Apart from this, a new platform called ‘Him Access HRTC system’ has been launched which allows over 9,000 employees to access their personal and salary details online.Shri Agnihotri said that to strengthen infrastructure it was decided that seven crore rupees would be spent on repair and maintenance of various bus stands across the state, along with installation of CCTV cameras at all bus terminals for public safety. A modern bus stand facility would also be constructed at Mandi Bharari (Bilaspur) to cater to increasing commuter traffic. He said that directions were also issued to speed up the process of setting up e-charging stations at workshops and bus stands to support the arrival of electric buses in the state fleet.The Board also approved the launch of a new scheme named ‘Him Bus Plus’, which integrates identity management with cashless payments. Under this scheme, commuters would receive a five percent discount on fares for all HRTC buses, including Volvo services. Apart from this a loyalty programme would provide cash back benefits based on monthly travel. As a further step to attract more passengers, the fare of Super Luxury Buses would be reduced by 15 percent, allowing cardholders to avail up to 20 percent discount along with loyalty rewards. Deputy CM said that to attract more tourists and increase revenue, Tourist Day Circuits would be introduced connecting major religious and tourist spots around Shimla. The Board also approved new revenue measures such as implementing an advertisement policy on HRTC tickets, website and app and piloting the operation of retail fuel outlets at 2-3 locations using HRTC’s own fuel pumps. A Dhaba policy would also be put in place to empanel eateries along bus routes with a focus on hygiene and commuter convenience.Mukesh Agnihotri said that on the staff welfare front, the Board approved changing the uniform colour of HRTC staff from grey to khaki, as per demands from employee unions. Due to delays in the tendering process, it was decided to provide a cash allowance in place of one uniform set and to complete the procurement process within a month. It was further decided to establish Automated Testing Stations under PPP mode to ensure thorough checking of HRTC buses and to generate additional income for the Corporation.Additional Chief Secretary (Transport) R.D. Nazeem, Vice-Chairman HRTC Ajay Verma, Director Transport D.C. Negi, Special Secretary (Finance) Vijaywardhan, Special Secretary (Tourism) Vijay Kumar, Joint Secretary (PWD) Surjeet Rathore, Managing Director HRTC Dr. Nipun Jindal, non-official Board members and senior officers from HRTC and BSMDA were also present in the meeting.-0-

Hindi

शिमला 29 जुलाई, 2025

उप-मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी और बीएसएमडीए निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की
एचआरटीसी के संचालन को आधुनिक बनाने के लिए चार डिज़िटल प्रणालियों का किया शुभारंभ
‘हिम बस प्लस’ योजना का शुभारंभ, एचआरटीसी यात्रियों को मिलेगी 20 प्रतिशत तक की छूट

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) और बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण की निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य परिवहन सेवाओं को लोगों के लिए सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ इन सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए निगम की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और लाभकारी दिशा में ले जाना है।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री ने निगम के कार्यों को और अधिक डिज़िटल और प्रभावी बनाने के लिए चार नए आईटी सॉफ्टवेयर का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा रियायती पास के लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित की गई है। अब विद्यार्थी, प्रदेश सरकार के कर्मचारी और व्यापारी वर्ग ऑनलाइन पास के लिए आवदेन कर सकेंगे और पास बनाने के लिए देय राशि भी ऑनलाइन जमा करवाई जा सकेगी। निगम द्वारा पेपरलैस आरएफआईडी आधारित पास कार्ड जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा एक नई डिज़िटल निरीक्षण प्रणाली भी शुरू की गई है जिससे अब सभी बसों की जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेजी जा सकेगी। इसके अलावा शिमला की 82 बसों में जीपीएस आधारित बस टैªकिंग प्रणाली शुरू की गई जिसे चरणबद्ध तरीके से सभी बसों में लागू किया जाएगा, साथ ही एचआरटीसी हिम एक्सेस नामक एक नया प्लेटफॉर्म भी शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से निगम के नौ हजार से अधिक कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत जानकारी और वेतन संबंधी विवरण ऑनलाइन देख सकेंगे।
श्री अग्निहोत्री ने बताया कि राज्यभर के विभिन्न बस अड्डों की मुरम्मत और रख-रखाव के लिए सात करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। सभी बस अड्डों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बिलासपुर के ‘मंडी-भराड़ी’ में एक आधुनिक बस अड्डे की स्थापना की जाएगी, ताकि यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य में इलैक्ट्रिक बसों के आगमन से पूर्व आवश्यक बुनियादी ढांचे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के दृष्टिगत बस अड्डों एवं कार्यशालाओं में ई-चार्ज़िंग स्टेशन जल्द से जल्द स्थापित किए जाएंगे।
निदेशक मंडल ने ‘हिम बस प्लस’ नामक एक नई योजना शुरू करने को मंजूरी दी। यह योजना पहचान प्रबंधन और कैशलेस भुगतान दोनों को एकीकृत करेगी। इस योजना के अन्तर्गत कार्ड धारकों को सभी एचआरटीसी बसों (वॉल्वो सहित) किराए में पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके अलावा इस कार्ड से हर महीने यात्रा के आधार पर यात्रियों को लॉयल्टी प्रोग्राम के अन्तर्गत कैशबैक भी दिया जाएगा।
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र से मिल रही प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए सुपर लग्जरी बसों के हिमाचल क्षेत्र के किराये पर 15 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया गया है। ‘हिम बस प्लस’ कार्ड से यात्रा करने पर पांच प्रतिशत अतिरिक्त छूट मिलने के साथ यात्रियों को कुल 20 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिलेगा।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने और निगम की आय में वृद्धि के उद्देश्य से शिमला के आसपास के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए टूरिस्ट-डे सर्किट शुरू करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही गैर परिचालन राजस्व बढ़ाने के दृष्टिगत टिकटों, वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर विज्ञापन नीति लागू करने और निगम के खुद के पेट्रोल पम्पों में आम जनता के र्लिए इंधन बिक्री के लिए दो-तीन स्थानों पर पायलेट आधार पर रिटेल फ्यूल आउटलेट, शुरू करने की योजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा उप-मुख्यमंत्री ने यात्रियों की सुविधा और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एचआरटीसी मार्गों पर ढाबा/रेस्तरां की सूचीबद्धता एवं आबंटन के लिए एक समग्र्र ‘ढाबा नीति लागू’ करने के भी निर्देश दिए।
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निगम के कर्मचारियों की वर्दी का रंग ‘ग्रे’ से बदल कर खाकी किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण फिलहाल कर्मचारियों को एक वर्दी के बदले नकद राशि दी जाएगी। उन्होंने वर्दी खरीद प्रक्रिया को एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बसों की जांच के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर ऑटोमेटिड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है जिससे निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आर.डी. नजीम, उपाध्यक्ष एचआरटीसी अजय वर्मा, निदेशक परिवहन डी.सी. नेगी, विशेष सचिव (वित्त) विजयवर्धन, विशेष सचिव पर्यटन विजय कुमार, संयुक्त सचिव (पीडब्ल्यूडी) सुरजीत राठौर, प्रबंध निदेशक एचआरटीसी डॉ. निपुण जिंदल, निदेशक मंडल के सभी गैर सरकारी सदस्य तथा एचआरटीसी एवं बीएसएमडीए के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।
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प्रेस नोट

उपमुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक स्वर्गीय गणेश दत्त भरवाल के आवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदनाएं

ऊना, 27 जुलाई. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री रविवार को चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय गणेश दत्त भरवाल के निधन पर शोक प्रकट करने उनके हम्बोली स्थित आवास पहुंचे।उपमुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।श्री गणेश दत्त भरवाल का 20 जुलाई की रात को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि श्री भरवाल का निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। वे सहज, विनम्र और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता थे। वर्ष 1985 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने जनता की समस्याओं को मुखरता से उठाया और चिंतपूर्णी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।उन्होंने कहा कि श्री भरवाल का जनता से गहरा जुड़ाव, सामाजिक सरोकारों के प्रति निष्ठा और सादगीपूर्ण जीवनशैली हमेशा स्मरणीय रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।उपमुख्यमंत्री ने ईश्वर से स्वर्गीय भरवाल के सुपुत्र डॉ. कपिल भरवाल समेत शोकाकुल परिवार को इस दुःखद घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।इस अवसर पर गोंदपुर बुल्ला के पूर्व प्रधान सतीश बिट्टू भी उपस्थित रहे।

Press Not

नगरोटा विस क्षेत्र में पेयजल योजनाओं पर व्यय हो रहे 250 करोड़: अग्निहोत्री

नगरोटा बगबां में चार दिवसीय बाल मेले का हुआ समापन

नगरोटा में 2 करोड़ 94 लाख की लागत से निर्मित निरीक्षण कुटीर का भी किया लोकार्पण

27 जुलाई। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि नगरोटा विस क्षेत्र में जल शक्ति विभाग के तहत विभिन्न योजनाओं पर 250 करोड़ की राशि व्यय की जा रही है ताकि लोगों को पेयजल की बेहतर सुविधा मिल सके। रविवार को नगरोटा में विकास पुरूष स्व जीएस बाली की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय मेले के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जीएस बाली ने राज्य के विकास में अमूल्य योगदान दिया है तथा सरकार में काबीना मंत्री रहते हुए अपने से संबंधित विभागों के आधुनिकीकरण के लिए पहल की है जिसके चलते ही आज भी लोग जीएस बाली को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कांगड़ा जिला के लिए दो महत्वपूर्ण मध्यम सिंचाई परियोजनाओं स्वीकृत की गई हैं इन परियोजनाओं के माध्यम से जिला कांगड़ा के लगभग 160 गांवों को सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी जिससे हजारों किसान लाभान्वित होंगे तथा कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित ‘‘सूखाहार मध्यम सिंचाई परियोजना’’ को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना लगभग 219 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जाएगी। इस परियोजना के माध्यम से ज्वाली और शाहपुर विधानसभा क्षेत्रों के 45 गांवों की 2,186 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे लगभग 24,120 ग्रामीणों को सीधा लाभ होगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है तथा युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी स्वरोजगार योजना लागू की है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है ताकि हिमाचल को पूरे देश के एक मॉडल राज्य के रूप में विकसित किया जा सके। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भी विकास पुरूष जीएस बाली को याद करते हुए कहा कि जीएस बाली एक दूरदृष्टा नेता थे जो हमेशा आम जनता की सेवा के लिए तत्पर रहते थे इससे पहले कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आभार भी व्यक्त किया। इसके उपरांत उपमुख्यमंत्री ने नगरोटा में 2 करोड़ 94 लाख की लागत से निर्मित निरीक्षण कुटीर का भी लोकार्पर्ण किया।इस अवसर पर बाल मेला कमेटी की ओर से पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने 11 लाख का चेक सराज आपदा के लिए भेंट किया इसके साथ ही डा बरमानी ने एक लाख तथा कांगड़ा के पुजारियों ने 51 हजार का चेक उपमुख्यमंत्री को आपदा के लिए भेंट किया।इस अवसर पर विधायक विवेक शर्मा, केसीसीबी के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया, पूर्व विधायक अजय महाजन, लघु बचत बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रकाश कराड, परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, पूर्व में प्रत्याशी रहे पुष्पिंद्र वर्मा, सहकारी बैक के अध्यक्ष संजय चौहान सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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24 जुलाई 2025

*तारंगल बस दुर्घटना की मेजीस्ट्रियल जांच के आदेश- मुकेश अग्निहोत्री*•

*उप-मुख्यमंत्री ने किया दुर्घटना स्थल का निरीक्षण* • *घायलों का कुशलक्षेम जाना, मृतकों के परिजनों के प्रति जताई संवेदनाएं*

मंडी, 24 जुलाई। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज सरकाघाट क्षेत्र में मसेरन के निकट तारंगल में हुई बस दुर्घटना के घायलों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने दुर्घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उप-मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा किया और इस दुर्घटना की मेजीस्ट्रियल जांच करवाने की बात कही। आज प्रातः हुई इस बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही उप-मुख्यमंत्री सरकाघाट पहुंचे। उन्होंने नागरिक अस्पताल सरकाघाट में उपचाराधीन घायलों का कुशल-क्षेम जाना। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम उपचार सुविधा प्रदान करने तथा स्थानीय प्रशासन को भी प्रभावितों को हरसंभव मदद उपलब्ध करवाने को कहा। इसके उपरांत उप-मुख्यमंत्री ने तारंगल पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि इस बस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन विभाग के तकनीकी विंग की टीम कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने दुर्घटना की मेजीस्ट्रियल जांच के आदेश भी दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि बस में चालक व परिचालक सहित 29 लोग सवार थे। इनमें से अभी तक आठ लोगों की दुःखद मृत्यु की पुष्टि हुई है। मृतकों में चार महिलाएं एवं चार पुरूष शामिल हैं। 21 अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व परिवहन विभाग के लिए घायलों के जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकाघाट अस्पताल के अलावा गंभीर घायलों को नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, मंडी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्ज) बिलासपुर में भी भर्ती करवाया गया है। उप-मुख्यमंत्री ने एम्ज बिलासपुर तथा मेडिकल कॉलेज, मंडी स्थित नेरचौक पहुंचकर घायलों का कुशलक्षेम जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उपमुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना में मृतकों की आत्मा की शांति तथा शोक-संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। बस दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से 25-25 हजार रुपए तथा घायलों को पांच-पांच हजार रुपए की फौरी राहत राशि प्रदान की गई है। इस अवसर पर एपीएमसी मंडी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया, एचपीएमसी के निदेशक जोगिंद्र गुलेरिया, सरकाघाट से पूर्व प्रत्याशी पवन ठाकुर, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा, उपमंडलाधिकारी (ना.) स्वाति डोगरा, जल शक्ति विभाग हमीरपुर जोन के मुख्य अभियंता रोहित दुबे, हिमाचल पथ परिवहन निगम के मुख्य महाप्रबंधक पंकज सिंघल सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी व अन्य गणमान्य उपस्थित थे।  -0-

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आपदा की इस घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है : मुकेश अग्निहोत्री
उप-मुख्यमंत्री ने सराज और गोहर विधानसभा क्षेत्रों के आपदा प्रभावित इलाकों का किया दौरा, शरण गांव में प्रभावितों को बंधाया ढाढस
मंडी, 5 जुलाई। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उप-मुख्यमंत्री शनिवार को मंडी जिले के सराज और नाचन विधानसभा क्षेत्रों के आपदा प्रभावित इलाकों के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने ज़मीनी स्थिति का जायज़ा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनके दुःख को साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राहत देना नहीं, बल्कि प्रभावितों को पुनः सामान्य जीवन की ओर लौटने में हरसंभव सहायता देना है।
उप मुख्यमंत्री ने पंडोह-बाखली मार्ग पर भारी भूस्खलन से हुई क्षति का भी निरीक्षण किया और लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र की 14 पंचायतों की यातायात सुविधा बहाल करने के लिए 60 मीटर लंबा वैली ब्रिज जल्द स्थापित किया जाए। उन्होंने बताया कि बगलामुखी रोपवे को आगामी आदेशों तक निःशुल्क कर दिया गया है। अब तक करीब 1500 लोग इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं और आपात स्थिति में रोपवे सेवा दूरभाष कॉल पर भी उपलब्ध रहेगी।
दौरे के दौरान तांदी-सरोआ क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की जानकारी मिलने पर उन्होंने जलशक्ति विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिले। उन्होंने बताया कि प्रशासन, विभागीय अमला, राहत कर्मी और स्थानीय जनता के सहयोग से पुनर्वास का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने अपनी पूरी मशीनरी राहत कार्यों में उतार दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत में कोई ढिलाई न बरती जाए और पीड़ितों की हर ज़रूरत को सर्वोपरी समझा जाए।
मुकेश अग्निहोत्री ने बाड़ा गांव का दौरा कर आपदा से बेघर हुए परिवारों से मुलाकात की और राहत शिविरों में प्रभावितों से मिले। ग्राम प्रधान जिमा देवी ने उन्हें अवगत कराया कि गांव के 42 मकान रेड ज़ोन में आ चुके हैं और 16 मकान पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि जलशक्ति विभाग के सभी विश्रामगृह शरणार्थियों के लिए खोल दिए गए हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने बगस्याड क्षेत्र के शरण गांव में बादल फटने और भूस्खलन के बाद बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बिजली, पानी, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान उन्होंने तनुजा ठाकुर से भी मुलाकात की, जो 30 जून की मध्य रात्रि को बादल फटने के बाद पांच घंटे तक मलबे में फंसी रही थीं। अग्निहोत्री ने उनके साहस की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा बताया। इसके उपरांत मुकेश अग्निहोत्री ग्राम पंचायत स्यांज के बागा गांव के पुष्प राज व पंगलियुर आपदा में लापता व प्रभावित परिवारों से भी मिले।
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चेत राम, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा सहित राजस्व, लोक निर्माण, जलशक्ति, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारी उप-मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।


अधिकारियों के साथ बैठक में की नुकसान की समीक्षा
उप-मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व मंडी जिला में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा के लिए जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के साथ शुक्रवार देर सायं एक बैठक की अध्यक्षता की। इसमें जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अलावा जल शक्ति, परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों ने भाग लिया।
मुकेश अग्निहोत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति आंशिक तौर पर बहाल करने के लिए हर संभव उपाय किए जाएं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में पुरानी योजनाएं बहाल करने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा। उन्होंने कहा कि अकेले थुनाग क्षेत्र में ही जल शक्ति विभाग की 241 परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं जिनमें से 41 को शुक्रवार तक आंशिक तौर पर बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां पाइपें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन क्षेत्रों के लिए नई पाइपों के आदेश दे दिए गए हैं और रास्ते खुलते ही इनकी आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से 33 रूट प्रभावित हुए हैं और इनकी बहाली के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने जिला में अब तक किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा, जल शक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजु शर्मा, सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
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रोपवे से यात्रा व सामान ढुलाई होगी निःशुल्क : उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री

मंडी, 4 जुलाई। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि बाढ़ और भूस्खलन से पूरी तरह से कट चुके सराज क्षेत्र में लोगों की सुविधा और राहत को ध्यान में रखते हुए रोपवे से यात्रा और सामान ढुलाई आगामी 7 से 10 दिनों तक पूर्णतः निःशुल्क होगी। शुक्रवार देर सायं मंडी पहुंचने के बाद उप मुख्यमंत्री ने बगलामुखी रोपवे के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस समय यह क्षेत्र पूरी तरह से बाहरी संपर्क से कटा हुआ है और रोपवे ही यहां की एकमात्र जीवनरेखा बनकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि रोपवे निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आमजन की सुविधा के लिए अगले 10 दिनों तक किसी भी प्रकार का कोई शुल्क न लिया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा के समय मुनाफा नहीं, जनसेवा प्राथमिकता होनी चाहिए।

पेयजल योजनाएं बुरी तरह प्रभावित, शीघ्र बहाली के निर्देश

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सराज क्षेत्र की 121 करोड़ रुपये की पेयजल योजना को गंभीर नुकसान हुआ है। मंडी जिले में कुल 75 से 100 करोड़ तथा पूरे प्रदेश में 300 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का अनुमान है। जल शक्ति विभाग को ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया अपनाकर कार्यों की तत्काल शुरुआत करने की अनुमति दी गई है, ताकि बहाली कार्यों में देरी न हो। पाइपों की उपलब्धता न होने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर खरीद की भी छूट दी गई है।
उन्होंने बताया कि बहाली कार्यों की निगरानी के लिए दोनों मुख्य अभियंता सराज में तैनात रहेंगे, जबकि शिमला से चार अधिशाषी अभियंता विशेष रूप से डिप्युट किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को भी सड़क बहाली हेतु ऑफलाइन टेंडर आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार दे रही है हर संभव सहायता

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि सेना, प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें क्षेत्र में लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। इस अवसर पर चेत राम ठाकुर सहित जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उप मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।

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प्रभावित पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं की बहाली शीर्ष प्राथमिकताः मुकेश अग्निहोत्री

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जल शक्ति विभाग की 3,698 परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें 2,786 जलापूर्ति, 733 सिंचाई और 41 सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं। विभाग द्वारा अब तक लगभग 240 करोड़ रुपये की क्षति का आकलन किया गया है।मुकेश अग्निहोत्री ने हालात की गंभीरता को देखते हुए जल शक्ति विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं तथा विभाग ने युद्धस्तर पर बहाली का कार्य आरंभ कर दिया है। उन्होंने विभाग को प्राथमिकता के आधार पर पेयजल और सीवरेज सेवाओं को बहाल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।उन्होंने कहा कि अब तक 1,591 जलापूर्ति परियोजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है। विभागीय अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी दिन-रात कार्य में जुटे हुए हैं ताकि शेष परियोजनाओं की बहाली भी शीघ्र सुनिश्चित की जा सके।उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा के इस मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़ी है और जल शक्ति विभाग हर संभव संसाधन का उपयोग कर परियोजनाओं की बहाली में जुटा है। .0.

English

Restoring water supply and irrigation schemes a top priority: Mukesh Agnihotri

The recent spell of heavy rains and landslides in the state has severely disrupted normal life. A total of 3,698 schemes of the Jal Shakti department have been damaged, including 2,786 drinking water supply schemes, 733 irrigation schemes and 41 sewerage schemes. The department has so far assessed damage amounting to over Rs. 240 crore.
Deputy Chief Minister Shri Mukesh Agnihotri, who also holds the portfolio of Jal Shakti, has issued urgent directives in view of the seriousness of the situation. The department has launched restoration efforts on a war footing. He said the priority was being given to restoring drinking water and sewerage services to provide immediate relief to the public.
He said so far, 1,591 drinking water supply schemes have been temporarily restored, bringing relief to the affected areas. The departmental officers and technical staff are working round the clock to ensure the remaining schemes are restored at the earliest.
Shri Agnihotri stated, “The government stands firmly with the people, and the Jal Shakti department is deploying all possible resources to ensure the swift restoration of services. Our priority is public service and timely relief in this crisis.”
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प्रेस नोट

01 July 2025

“ऑनलाइन हो हिमाचल विधानसभा की कार्यवाही: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री”धर्मशाला, 2 जुलाई:उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज धर्मशाला विधानसभा में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को अब ऑनलाइन किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश और देशभर के नागरिक देख सकें कि लोकतंत्र का यह मंदिर कैसे कार्य करता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की विधानसभा देश की पहली डिजिटल विधानसभा बनी थी, और अब समय आ गया है कि इसे पूर्ण रूप से ऑनलाइन कर एक नई मिसाल पेश की जाए।उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से विशेष आग्रह किया कि प्रदेश की विधानसभा की कार्यवाही को ऑनलाइन किया जाए ताकि पूरे देश में यह एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत हो सके। उन्होंने कहा, “जमाना बदल रहा है, तकनीक के इस दौर में पारदर्शिता और जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए विधानसभा की कार्यवाही को ऑनलाइन करना समय की मांग है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पूरे प्रदेश का दौरा कर नशे के खिलाफ एक सशक्त वातावरण तैयार किया है। उन्होंने सराहना की कि राज्यपाल द्वारा नशे के विरुद्ध शुरू की गई मुहिम को प्रदेश सरकार के प्रयासों के साथ समन्वय मिला है, जिससे यह अभियान और अधिक प्रभावशाली हुआ है। कानून निर्माण से लेकर अपराधियों की धरपकड़ तक, राजभवन का सहयोग सराहनीय रहा है।डॉ. वाई. एस. परमार को याद करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश के निर्माता रहे हैं, जिन्होंने इस पहाड़ी राज्य को आकार देने के लिए अथक संघर्ष किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के योगदान को भी ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आधुनिक हिमाचल के निर्माण में उनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है।उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए स्पष्ट किया कि हिमाचल जैसे छोटे पहाड़ी राज्यों के पास सीमित संसाधन हैं। हाईड्रो पावर, पर्यटन और आबकारी जैसे क्षेत्रों से आय होती है।धर्मशाला में स्थित विधानसभा भवन को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन सिर्फ कुछ दिनों के लिए उपयोग में आने के बावजूद अपनी गरिमा और उद्देश्य में पूर्ण है। उन्होंने कहा कि जैसे शिमला में राष्ट्रपति भवन साल में कुछ समय ही सक्रिय रहता है, वैसे ही देश के अन्य राज्यों—जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर आदि—में भी विधानसभा सत्र सीमित अवधि के लिए ही चलते हैं। ऐसे में कम अवधि के लिए उपयोग में आने पर तपोवन विधानसभा की महत्वत्ता पर सवाल करना उपयुक्त नहीं है।उन्होंने कहा कि धर्मशाला की इस विधानसभा का उपयोग विधायकों के प्रशिक्षण के लिए किया जाना चाहिए और इसके लिए पूर्व में एक प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन वह आगे नहीं बढ़ पाया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस ऐतिहासिक स्थल को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शक्तिपीठ माँ चिंतपूर्णी के दरबार में नवाया शीश

ऊना,01 जुलाई।  उपमुख्यमंत्री  मुकेश अग्निहोत्री ने आज श्रद्धा और भक्ति भाव से माँ चिंतपूर्णी मंदिर में शीश नवाकर पूजा-अर्चना की। वे धर्मशाला में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन (सीपीए) भारत क्षेत्र ज़ोन-2 के दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ऊना से धर्मशाला जा रहे थे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने माँ चिंतपूर्णी से प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने प्रदेश में खुशहाली, जनता की सेवा के लिए संकल्पबद्ध भाव, तथा प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा की प्रार्थना की।

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29 June 2025

*भगवद् संबंध का बोध करवाते हैं गुरुदेव : स्वामी राजेंद्र दास*

*श्रीमद् भागवत कथा का गोंदपुर जयचंद में भव्य समापन*

*उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने क्षेत्रवासियों का जताया आभार*

ऊना, 29 जून। हरोली उपमंडल के गोंदपुर जयचंद में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा एवं ज्ञान महायज्ञ रविवार को दिव्य वातावरण और भावपूर्ण पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की पुण्य स्मृति में करवाया गया।कथा के अंतिम दिवस पर कथा व्यास परम पूज्य जगतगुरु स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ने श्रीकृष्ण पुत्र प्रद्युम्न जन्म कथा, स्यमंतक मणि प्रसंग, परीक्षित मोक्ष संवाद और भागवत श्रवण महात्म्य जैसे प्रसंगों के माध्यम से जीवन के गूढ़ संदेश प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि मानव जीवन को आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर करने वाला परम मार्गदर्शक है।स्वामी जी ने तामसिक जीवनशैली पर भी चेताया और मांसाहार को आत्मिक अधोगति का कारण बताया। उन्होंने कहा कि आज का समाज भौतिकता की दौड़ में मूल्यों से विमुख होता जा रहा है, जिसे केवल आध्यात्मिकता ही पुनः संतुलित कर सकती है।  उन्होंने कहा कि जीव का नित्य सम्बन्ध परमात्मा से है, लेकिन माया के जाल में फंस कर वह भगवद संबंध को विस्मृत कर देता है। उस शाश्वत सम्बद्ध का बोध गुरुदेव करवाते  हैं। उन्होंने माता को ही प्रथम और श्रेष्ठ गुरु बताया जो जीवन को सही दिशा देती है। श्रीमद् भागवत कथा के समापन के उपरांत गोन्दपुर में परम पूज्य स्वामी श्री राजेन्द्र दास देवाचार्य जी महाराज  के पावन कर कमलों द्वारा एक वट वृक्ष का पौधा रोपित किया गया। उन्होंने स्वर्गीय डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री द्वारा अपनी सुपुत्री डॉ. आस्था अग्निहोत्री को व्यावहारिक ज्ञान के साथ प्रदान किए आध्यात्मिक ज्ञान और परमार्थ के रास्ते पर चलने की सीख की भूरि भूरि प्रशंसा की।समापन अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सप्ताह उनके जीवन का अत्यंत पावन, शांतिपूर्ण और प्रेरणादायक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के सान्निध्य में इस कथा को सुनना उनके समेत सभी क्षेत्रवासियों और अन्यान्य स्थलों से आए श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक सौभाग्य रहा। उन्होंने आयोजन में योगदान देने वाले श्रद्धालुओं, संतजनों और सहयोगियों का भी विशेष आभार जताया।उपमुख्यमंत्री की सुपुत्री डॉ. आस्था अग्निहोत्री ने भी इस अवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्हें मां ने हमेशा जीवन के हर मोड़ पर सही राह दिखाई, यही उनकी सबसे बड़ी विरासत है। उन्होंने कथा व्यास महाराज जी के प्रति कृतज्ञता जताते हुए आयोजन में पधारे सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया।समापन अवसर पर स्वामी कृष्णानंद जी महाराज व अन्य संत समाज के साथ साथ राजनीतिक और समाज जीवन के अनेक ख्यातिलब्ध गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस मौके स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, श्री ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न,दून के विधायक राम कुमार चौधरी, चम्बा के विधायक नीरज नैयर, नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, श्री चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, पूर्व मंत्री एवं  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश पठानिया, पूर्व विधायक अजय महाजन, एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को भव्यता प्रदान की।

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श्रीमद् भागवत कथा में बही आध्यात्मिक-सामाजिक समरसता की रसधार, स्वामी राजेंद्र दास बोले…दस पुत्रों के समान होती है एक कन्या

*नारी सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का दिया पावन संदेश*

ऊना, 28 जून। हरोली उपमंडल के गोंदपुर क्षेत्र में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के छठे दिवस पर भक्तिमय वातावरण में धर्म, भक्ति एवं अध्यात्म की वर्षा हुई। यह सात दिवसीय कथा हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की पुण्य स्मृति में आयोजित की जा रही है।कथाव्यास जगतगुरु स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण, श्री राधारानी एवं बाल सखाओं की लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए जीवन मूल्यों एवं सामाजिक सरोकारों की ओर ध्यान आकर्षित किया।स्वामी जी ने कहा कि शास्त्रों में “दश पुत्र सम कन्या” कहा गया है, अर्थात् एक कन्या दस पुत्रों के समान होती है। वर्तमान समय में भी कई परिवारों में पुत्र-पुत्री के बीच भेदभाव देखा जाता है, जबकि बेटियां न केवल शिक्षा में आगे हैं, बल्कि माता-पिता की सेवा-संवेदना में भी अग्रणी रहती हैं।उन्होंने कहा कि एक वृक्ष की तुलना दस कन्याओं के समान पुण्यदायी मानी गई है। तालाबों व जलस्रोतों के किनारे पीपल, वट, आम जैसे वृक्ष लगाने से न केवल पर्यावरण संतुलित होता है, बल्कि यह असंख्य प्राणियों को आश्रय भी प्रदान करता है।स्वामी जी ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले पेयजल की भारी समस्या थी, जिसके चलते यहां विवाह संबंधों में भी संकोच होता था। लेकिन आज क्षेत्र के कर्मठ नेतृत्व श्री मुकेश आअग्निहोत्री व उनके  योजनाबद्ध प्रयासों से यह क्षेत्र जल समृद्ध हो गया है, और अनेक तालाबों का निर्माण कर उनमें जल संचयन सुनिश्चित किया गया है।उन्होंने कहा कि जलाशयों के चारों ओर वृक्षारोपण से जल स्तर में वृद्धि हुई है और यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।स्वामी जी ने उपमुख्यमंत्री श मुकेश अग्निहोत्री से आग्रह किया कि श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर एक वट वृक्ष का रोपण स्वर्गीय सिम्मी अग्निहोत्री जी की स्मृति में किसी सार्वजनिक स्थान पर किया जाए, जिससे यह कथा युगों तक स्मरणीय बनी रहे। साथ ही, उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से भी कम से कम एक वृक्ष लगाने का संकल्प लेने का अनुरोध किया।स्वामी जी ने कहा कि हर व्यक्ति को परिश्रमी होना चाहिए, और समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं सबको समान रूप से मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति स्वयं मेहनत नहीं करता, उसे मुफ्त में सहायता देना राष्ट्र के विकास में बाधा उत्पन्न करता है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, उनकी सुपुत्री डॉ. आस्था अग्निहोत्री, विधायक सतपाल सत्ती, कुलदीप राठौर, विवेक शर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी, राकेश कालिया, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप शर्मा, हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान सहित अनेक विशिष्ट अतिथि एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे और कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

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