प्रेस नोट

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Demand for digital voter list in order to safeguard democracy and ensure fair elections : Deputy Chief Minister

Deputy Chief Minister supports Rahul Gandhi’s campaignDeputy Chief Minister Mukesh Agnihotri said today that in the present times, it is the collective responsibility of every citizen to protect democracy while ensuring authenticity of voter list and fair elections. Fully supporting the demand for ‘Digital Voter List’ initiated by senior Congress Party leader Rahul Gandhi, the Deputy Chief Minister said that it is not just a political issue but a resolution to protect the Constitution of the country, ensure transparency and solidify the unwavering faith of the public.Sh. Agnihotri said that any kind of disturbance in the election processes, vote theft or manipulation of the voter list weakens the roots of democracy. Digital voter list will increase transparency, accountability and trust of citizens in the democratic processes.He appealed to the citizens of the state to strengthen democracy further by becoming a part of this campaign. For the support, people could register themselves by visiting www.votechori.in/ecdemand or by giving a missed call on 9650003420.Sh. Agnihotri said that this is not a fight of any one party but of the entire country and participation of every citizen is necessary in it. He expressed confidence that this movement will take a big step towards fair and transparent elections in the country.-0-

Hindi

शिमला,12 अगस्त, 2025

लोकतंत्र की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव के लिए डिजिटल वोटर लिस्ट की मांग राहुल गांधी के अभियान को समर्थन: उप-मुख्यमंत्री

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान समय में लोकतंत्र की रक्षा, मतदाता सूची की शुचिता और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी द्वारा शुरू की गई ‘‘डिजिटल वोटर लिस्ट’’ की मांग का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि देश के संविधान, पारदर्शिता और जनता के अटूट विश्वास की रक्षा का संकल्प है।उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, वोट चोरी या मतदाता सूची में हेरफेर लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करता है। डिजिटल वोटर लिस्ट से पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा।उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील की कि वे इस मुहिम का हिस्सा बनकर लोकतंत्र को और मजबूत करें। इसके लिए votechori.in/ecdemand पर जाकर अथवा 9650003420 पर मिस्ड कॉल देकर अपना समर्थन दर्ज करा सकते हैं।उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक दल की नहीं बल्कि पूरे देश की है, और इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आंदोलन से देश में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल का आरंभ होगा। .0.

प्रेस नोट HRTC

एचआरटीसी के चालक व परिचालकों को 2 करोड़ रुपये का ओटीए-एनओटीए राशि जारीः उप-मुख्यमंत्री

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की चालक यूनियन की हाल ही में हुई बैठक में यूनियन की मांगों पर विचार करते हुए कई अहम निर्णय तत्काल लागू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चालकों व परिचालकों को एक माह का ओवर टाईम भत्ता और रात्रि ओवर टाईम भत्तों (ओटीए-एनओटीए) के लिए दो करोड़ रुपये इस माह जारी कर दिए हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनकी समस्याओं का समाधान समयबद्ध सुनिश्चित किया जाएगा।
मुकेश अग्निहोत्री ने पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में तीन स्कूली बच्चों के अगवा होने पर 24 घंटे के अंदर अपहरणकर्ता को पकड़कर बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप देने का कार्य सराहनीय है।
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प्रेस नोट

राजीव गांधी वन संवर्धन योजना से पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा : उपमुख्यमंत्री

10 अगस्त।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और वन प्रबंधन में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी वन संवर्धन योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य पंजीकृत सामुदायिक संगठनों को वनीकरण गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत बंजर भूमि पर फलदार पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण को संवारने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने क्षेत्र के सभी महिला मंडलों से इस योजना से जुड़ने का आह्वान किया।वे रविवार को ऊना जिले के हरोली में जलशक्ति विभाग के निर्माणाधीन विश्राम गृह के परिसर में आयोजित 76वें वन महोत्सव के अवसर पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में अर्जुन का पौधा लगाया।उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत समूहों को 1 से 5 हेक्टेयर बंजर वन भूमि पर फलदार वृक्ष लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ये समूह पांच वर्षों तक वृक्षारोपण के रखरखाव के लिए भी ज़िम्मेदार होंगे। प्रति हेक्टेयर वृक्षारोपण पर प्रत्येक समूह को 1.20 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी, जबकि एक हेक्टेयर से कम भूमि होने पर सहायता राशि अनुपातिक होगी। पौधों की जीवित रहने की दर के आधार पर समूह को प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। पौधों के 50 प्रतिशत से अधिक सर्वाइवल पर अतिरिक्त 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी मजबूती आएगी। वन विभाग ने पंडोगा में इस योजना की शुरुआत की है। उपमुख्यमंत्री ने विभाग को अन्य पंचायतों में भी इसे गति देने को कहा।वहीं, उन्होंने जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को विश्राम गृह के कार्य को 15 दिसंबर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए और उससे पूर्व परिसर में वन विभाग के सहयोग से योजनाबद्ध पौधारोपण करने को कहा।

ऊना में पहली बार हुई बड़े प्रजाति के पेड़ों की गणना और जियो टैगिंग

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बड़े प्रजाति के पेड़ों को कटने से बचाने के लिए कटिबद्ध है। इसी दृष्टि से ऊना जिले में पहली बार आम, बरगद और पीपल के पेड़ों की गिनती करवाई गई है। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 46,425 बड़े पेड़ हैं, जिनमें 40,827 आम, 3,538 पीपल और 2,060 बरगद के पेड़ शामिल हैं। इन सभी की जियो टैगिंग कर दी गई है, जिससे अवैध कटान रोकने में मदद मिलेगी। हरोली विधानसभा क्षेत्र में आम के 12,639, पीपल के 631 और बरगद के 242 पेड़ हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि फोकस इन प्रजातियों के संरक्षण और विस्तार पर है और इसके लिए पूरे समाज को मिलकर कार्य करना होगा।*वनीकरण पर जोर, लगाए जाएंगे 2.78 लाख पौधे*श्री अग्निहोत्री ने कहा कि इस वर्ष ऊना जिले में 2.78 लाख पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिले में भौगोलिक रूप से वन क्षेत्र कम है। जिले में कुल वन भूमि केवल 21,000 हेक्टेयर है और हरोली में वन घनत्व अपेक्षाकृत सबसे कम है। इसे बढ़ाने के लिए वन विभाग को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग की बायोडायवर्सिटी योजना के तहत हरोली में 20 हजार खैर के पौधे भू-मालिकों को मुफ्त आबंटित किए गए हैं। इसके अलावा बरगद, पीपल शमी और बिल प्रजाति के 831 पौधे भी लगाए गए हैं।

हरोली में विकास का निर्णायक दौर, बल्क ड्रग पार्क के 900 करोड़ के टेंडर

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र निर्णायक विकास के दौर से गुजर रहा है। बल्क ड्रग पार्क के विभिन्न कार्यों के लिए 900 करोड़ रुपये के टेंडर किए जा चुके हैं। इस परियोजना के माध्यम से भारत की एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स आपूर्ति में चीन पर निर्भरता समाप्त होगी और देश की औषधीय आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। यह देश में स्थापित हो रही तीन राष्ट्रीय बल्क ड्रग पार्क परियोजनाओं में से एक है और इसके ऊना में स्थापित होने से हिमाचल को फार्मा सेक्टर में वैश्विक पहचान मिलेगी। परियोजना में भविष्य में लगभग 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है और 10,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।श्री अग्निहोत्री ने बताया कि डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय डिग्री कॉलेज हरोली को स्टेट-ऑफ-द-आर्ट संस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस शैक्षणिक सत्र से एमए और विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए गए हैं। मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, ललित कलाओं और संगीत के साथ-साथ व्यावसायिक कोर्स की कक्षाएं भी शुरू की गई हैं। भविष्य में इसमें एनसीसी की सुविधा भी जोड़ी जाएगी।वहीं, हरोली के रोड़ा में 10 करोड़ रुपये की लागत से सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, जिसे केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है। यह ट्रैक न केवल ऊना बल्कि आसपास के जिलों के खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण का अवसर देगा। इसके अलावा 13 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का निर्माण, साथ ही ट्रांसपोर्ट पार्क और वाहन परीक्षण केंद्र भी विकसित किए जा रहे हैं। क्षेत्र में सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य तेज गति से जारी हैं।

सहकारी क्षेत्र में नई पहचान

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी क्षेत्र के संस्थान के तौर पर हिमकैप्स बड़ी पहचान बना चुका है और अब यहां आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से यह पहचान और निखरेगी। सहकारी क्षेत्र का यह प्रतिष्ठित संस्थान पहले से ही हरोली के बढेड़ा में लॉ कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज का सफल संचालन कर रहा है और अब आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान स्थापित करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरोली सहकारी क्रांति का जनक रहा है, पंजावर के मियां हीरा सिंह ने सहकारी क्रांति की अलख जगाई थी। उनके नाम पर पंजावर में एक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण किया जा रहा है।

विकास बाधकों पर साधा निशाना

श्री अग्निहोत्री ने विकास बाधकों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनका हरोली के विकास में रत्ती भर का योगदान नहीं है, वे चंद लोग नुक्ताचीनी करते घूम रहे हैं और विकास रोकने की साजिशों में लगे हैं। उन्होंने खुद को हरोली का कस्टोडियन बताते हुए कहा कि यहां के विकास के लिए जो करना होगा, वे जन सहयोग से करके रहेंगे। उन्होंने कहा कि आलोचना करने वालों से विकास के इरादे विचलित नहीं होते।कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, अशोक ठाकुर, धर्म सिंह चौधरी, प्रमोद कुमार, जसपाल जस्सा, संदीप अग्निहोत्री, नगनोली के प्रधान मेहताब सिंह, बाथू की प्रधान सुरेखा राणा, कांगड़ की प्रधान नीलम कुमारी, हरोली की प्रधान रमन कुमारी, पूर्व सैनिक लीग के जिला प्रधान कैप्टन शक्तिचंद, हिमकैप्स संस्था के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह, हरोली यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष शुभम सहित, विभिन्न विभागों अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।.0.

प्रेस नोट

शिमला 6 अगस्त, 2025

परिवहन सेवाओं का हो रहा आधुनिकीकरण, प्रदेश सरकार जनता को दे रही विश्वसनीय परिवहन सुविधाः मुकेश अग्निहोत्री

एचआरटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 1000 नई बसें

प्रदेश सरकार लोगों को गुणवत्तायुक्त, समयबद्ध और आधुनिक परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाते हुए 1000 नई बसों को चरणबद्ध रूप से निगम में शामिल किया जाएगा।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि 24 नई वोल्वो बसें एचआरटीसी बेड़े में शामिल हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 327 इलेक्ट्रिक बसें (297 टाईप-1 व 30 टाईप-3), 250 डीजल बसें और 100 मिनी बसों की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है। 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए आपूर्ति आदेश कर दिए गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए 37 से 42 सीटर क्षमता की छोटी और सुविधाजनक बसों की खरीद को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि दूरदराज़ और दुर्गम क्षेत्रों में भी परिवहन सेवाएं सुगमता से प्रदान की जा सकें। इसके अलावा 500 और ई-बसें खरीदी जाएंगीं। वर्तमान में निगम लगभग 3200 बसों का संचालन करती है। प्रदेश की वर्तमान सरकार द्वारा पहली बार 1000 बसों का फ्लीट बदला जा रहा है इससे पहले किसी भी सरकार में ऐसा नहीं हुआ है।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़कों को जनता की भाग्य रेखाएं भी कहा जाता है। एचआरटीसी इन पर जीवन रेखा की तरह कार्य कर रही है। प्रतिदिन लाखों यात्री एचआरटीसी की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। निगम राज्य के कोने-कोने तक अपनी पहुंच बनाकर जनता को सुविधा प्रदान कर रही है।
मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि एचआरटीसी घाटे वाले रूटों पर भी जनता की सुविधा के दृष्टिगत परिवहन सेवा प्रदान कर सामाजिक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश, सरकार निगम को हरसंभव सहायता व सहयोग प्रदान कर रही है। निगम को एक स्वतंत्र, सशक्त और आत्मनिर्भर उपक्रम के रूप में विकसित करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर बल देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए लगभग 110 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इलेक्ट्रिक बसों की खरीद में प्रदेश सरकार की सीधी भागीदारी है, जबकि डीजल बसों की खरीद एचआरटीसी अपने संसाधनों से कर रही है।
उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए निगम द्वारा 100 मिनी बसें खरीदी जा रही हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी को एक सशक्त और आत्मनिर्भर उपक्रम के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर दृढ़ व दक्ष प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश की परिवहन सेवाएं देशभर में एक मिसाल बन सकें।

English

No. 912/2025-PUB SHIMLA 6 August, 2025

Government to strengthen HRTC with more buses and better services: Mukesh Agnihotri
• HRTC fleet to get 1,000 new buses

The State Government was taking concrete steps to modernize and strengthen public transport infrastructure in the state. In a major initiative, 1,000 new buses would be added to the fleet of Himachal Road Transport Corporation (HRTC) in a phased manner to enhance services and improve connectivity across the state.
Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri informed that 24 new Volvo buses have already been inducted into the HRTC fleet. Additionally, the procurement process was underway for 327 electric buses (including 297 Type-1 and 30 Type-3), 250 diesel buses and 100 mini-buses. Supply orders for 297 electric buses have already been issued. Plans were afoot to procure 500 more electric buses which would further boost the green mobility initiative in the state.
Sh. Agnihotri said that keeping in view the challenging terrain of the state, priority was being given to acquiring smaller and more accessible buses with seating capacities ranging from 37 to 42 seats. These buses would enable the Corporation to extend its services more effectively to far-flung and remote areas.
Presently, HRTC operates a fleet of approximately 3,200 buses. For the first time in the history of the state, government was replacing as many as 1,000 buses, a milestone unmatched by any previous administration, said Sh. Agnihotri. The large-scale addition of high-quality buses would not only enhance the operational capacity of HRTC but also bring greater convenience and comfort to passengers.
The Deputy Chief Minister said that in a hill state like Himachal Pradesh, roads were considered the lifelines of the people and HRTC serves as a vital link across these lifelines. Every day, lakhs of passengers rely on its services and the Corporation was ensuring connectivity even in the most remote and difficult regions.
Mukesh Agnihotri said that HRTC continues to operate on loss-making routes, upholding its commitment to public service. He said the State Government was extending all possible support to the Corporation and was working towards developing it as an independent, efficient and self-reliant entity.
He said that the government was committed to environmental protection, and around Rs. 110 crore has been approved for establishing electric charging stations across the state. While the procurement of electric buses was being undertaken directly by the government, HRTC was financing the purchase of diesel buses through its own resources.
To ensure last-mile connectivity in difficult terrain, 100 mini-buses were also being procured, said Sh. Agnihotri. These would play a critical role in reaching underserved areas and strengthening rural transport infrastructure and serve as benchmark for other states across the country.
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प्रेस नोट

शिमला 3 अगस्त, 2025

मुख्यमंत्री तथा उप-मुख्यमंत्री ने राज कुमार नेगी के निधन पर शोक व्यक्त किया

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू तथा उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 59वीं वाहिनी आईटीबीपी भालुकपोंग (अरुणाचल प्रदेश) में तैनात रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत करालश निवासी एएसआई राज कुमार नेगी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। राज कुमार नेगी देश सेवा के दौरान उच्च ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र में अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे। उनका डोरिका अस्पताल में ईलाज के दौरान निधन हो गया।
उन्होंने कहा कि राज्य ने एक बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ सपूत खोया है। उनका असमय जाना अत्यंत दुःखद और अपूरणीय क्षति है। उनकी वीरता, निष्ठा और सेवा भावना को हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
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English

No. 900/2025-PUB SHIMLA 3 August, 2025

Chief Minister and Deputy Chief Minister condole demise of Raj Kumar Negi

    Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu and Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri have condoled the demise of ASI Raj Kumar Negi, a resident of Gram Panchayat Karalash of Rohru Assembly Constituency, posted in 59th Battalion ITBP Bhalukpong (Arunachal Pradesh). Raj Kumar Negi was performing his duty in a high altitude inaccessible area during his service to the country. He died during treatment at Dorika Hospital.

They said that the state has lost a brave soldier. His valor, loyalty and service spirit will always be remembered.
They prayed to the Almighty to grant peace to the departed soul and strength to the bereaved family to bear this irreparable loss.
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30 जुलाई 2025

उप मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से एचआरटीसी चालक यूनियन का आंदोलन समाप्त

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ हुई महत्त्वपूर्ण बैठक के पश्चात लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्षरत हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) चालक यूनियन ने मंगलवार देर शाम को अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। यह बैठक उप-मुख्यमंत्री के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें दो घंटे तक व्यापक चर्चा के बाद यूनियन की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।बैठक में लंबित मांगों को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए यूनियन प्रतिनिधियों ने सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की। उप-मुख्यमंत्री ने इस पर गंभीरता से विचार करते हुए त्वरित निर्णय लिए जिससे आश्वस्त होकर युनियन ने यह निर्णय लिया।प्रदेश सरकार द्वारा यूनियन की प्रमुख मांगों पर लिए गए निर्णयों में, एचआरटीसी के वरिष्ठतम चालकों में से 205 चालकों को बिना किसी वित्तीय लाभ के ‘नामित वरिष्ठ चालक’ का दर्जा प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही, पिछले छह माह से लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि शीघ्र जारी करने का निर्णय लिया गया है। स्टाफ को दो यूनिफार्म सेट देने पर भी सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, दो लंबित रात्रिकालीन ओवरटाइम भत्तों (नाइट ओवरटाइम अलाउंस) में से एक को जुलाई माह के वेतन के साथ तथा एक को अगस्त माह के वेतन के साथ जारी करने पर सहमति बनी।पेंशनरों के हित में भी प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए एचआरटीसी को 150 करोड़ रुपये का ऋण लेने की स्वीकृति दी है, जो राज्य सरकार की गारंटी पर सरकारी बैंक से लिया जाएगा। इस ऋण पर ब्याज का भुगतान हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा किया जाएगा। यह प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति के उपरांत प्रभावी होगा।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है तथा उनके न्यायोचित हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।इस बैठक में प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल, वरिष्ठ अधिकारी व एचआरटीसी की ड्राइवर यूनियन के प्रधान मान सिंह ठाकुर और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।.0.

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SHIMLA 30 July, 2025

HRTC Driver’s Union calls off strike following intervention by Deputy Chief Minister The long-standing strike by the HRTC Drivers’ Union over various demands came to an end late Tuesday evening after a meeting with Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri. The meeting, held at Shri Agnihotri’s residence and led to a consensus on the union’s key demands.During the meeting, the union representatives elaborated on their long-pending demands and urged the government for their early resolution. Considering the seriousness of the issue the Deputy Chief Minister took prompt decisions, which helped create an atmosphere of trust and satisfaction among the employees.Among the major decisions taken by the government was the approval to designate 205 senior-most drivers of HRTC as “Designated Senior Drivers” (without any financial benefit). Additionally, it was decided that the long-pending medical reimbursement claims from the past six months would be released shortly. The staff would also be provided with two uniform sets. Moreover, of the two pending installments of night overtime allowance, one would be disbursed with the July salary and the second with the August salary.In a significant decision benefiting pensioners, the government has approved a loan of Rs.150 crore to HRTC. This loan would be obtained from a government bank with a guarantee from the state government and the interest on the loan would be paid by the Himachal Government. This proposal would come into effect following approval from the State Cabinet.Mukesh Agnihotri said that the state government was sensitive to the concerns of employees and pensioners and committed to protecting their legitimate interests. He assured that employee issues would continue to be resolved in a timely manner in the future as well.Managing Director HRTC Dr. Nipun Jindal, other officials and the president of the HRTC Driver’s Union Man Singh Thakur along with other union members were present in the meeting.-0-

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SHIMLA 29 July, 2025

Deputy CM presides over HRTC and Bus Stand Management Authority Board Meeting

• Launches four digital systems to modernize HRTC operation.

• Launches ‘Him Bus Plus’ and announces upto 20 percent discount for card holders

Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri today here presided over the meeting of the Board of Directors of the Himachal Road Transport Corporation (HRTC) and the Bus Stand Management and Development Authority (BSMDA), during which several significant decisions were taken to enhance operational efficiency, passenger convenience, safety measures and non-operational revenue generation.During the meeting, four new IT-based systems developed by HRTC in collaboration with the Department of Digital Technologies and Governance (DDTG) were launched. These include an online travel pass system, enabling school and college students, government employees and traders to apply online for concessional passes, pay fees digitally and receive RFID-based smart cards. A digital bus inspection scheduling system was also introduced to improve monitoring of staff performance and ensure timely checks, with schedules now being transmitted via SMS. A GPS-based bus tracking system has been initiated for 82 buses in Shimla, which would later be extended to the entire fleet of HRTC buses and would ensure better real-time monitoring. Apart from this, a new platform called ‘Him Access HRTC system’ has been launched which allows over 9,000 employees to access their personal and salary details online.Shri Agnihotri said that to strengthen infrastructure it was decided that seven crore rupees would be spent on repair and maintenance of various bus stands across the state, along with installation of CCTV cameras at all bus terminals for public safety. A modern bus stand facility would also be constructed at Mandi Bharari (Bilaspur) to cater to increasing commuter traffic. He said that directions were also issued to speed up the process of setting up e-charging stations at workshops and bus stands to support the arrival of electric buses in the state fleet.The Board also approved the launch of a new scheme named ‘Him Bus Plus’, which integrates identity management with cashless payments. Under this scheme, commuters would receive a five percent discount on fares for all HRTC buses, including Volvo services. Apart from this a loyalty programme would provide cash back benefits based on monthly travel. As a further step to attract more passengers, the fare of Super Luxury Buses would be reduced by 15 percent, allowing cardholders to avail up to 20 percent discount along with loyalty rewards. Deputy CM said that to attract more tourists and increase revenue, Tourist Day Circuits would be introduced connecting major religious and tourist spots around Shimla. The Board also approved new revenue measures such as implementing an advertisement policy on HRTC tickets, website and app and piloting the operation of retail fuel outlets at 2-3 locations using HRTC’s own fuel pumps. A Dhaba policy would also be put in place to empanel eateries along bus routes with a focus on hygiene and commuter convenience.Mukesh Agnihotri said that on the staff welfare front, the Board approved changing the uniform colour of HRTC staff from grey to khaki, as per demands from employee unions. Due to delays in the tendering process, it was decided to provide a cash allowance in place of one uniform set and to complete the procurement process within a month. It was further decided to establish Automated Testing Stations under PPP mode to ensure thorough checking of HRTC buses and to generate additional income for the Corporation.Additional Chief Secretary (Transport) R.D. Nazeem, Vice-Chairman HRTC Ajay Verma, Director Transport D.C. Negi, Special Secretary (Finance) Vijaywardhan, Special Secretary (Tourism) Vijay Kumar, Joint Secretary (PWD) Surjeet Rathore, Managing Director HRTC Dr. Nipun Jindal, non-official Board members and senior officers from HRTC and BSMDA were also present in the meeting.-0-

Hindi

शिमला 29 जुलाई, 2025

उप-मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी और बीएसएमडीए निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की
एचआरटीसी के संचालन को आधुनिक बनाने के लिए चार डिज़िटल प्रणालियों का किया शुभारंभ
‘हिम बस प्लस’ योजना का शुभारंभ, एचआरटीसी यात्रियों को मिलेगी 20 प्रतिशत तक की छूट

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) और बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण की निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य परिवहन सेवाओं को लोगों के लिए सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ इन सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए निगम की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और लाभकारी दिशा में ले जाना है।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री ने निगम के कार्यों को और अधिक डिज़िटल और प्रभावी बनाने के लिए चार नए आईटी सॉफ्टवेयर का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा रियायती पास के लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित की गई है। अब विद्यार्थी, प्रदेश सरकार के कर्मचारी और व्यापारी वर्ग ऑनलाइन पास के लिए आवदेन कर सकेंगे और पास बनाने के लिए देय राशि भी ऑनलाइन जमा करवाई जा सकेगी। निगम द्वारा पेपरलैस आरएफआईडी आधारित पास कार्ड जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा एक नई डिज़िटल निरीक्षण प्रणाली भी शुरू की गई है जिससे अब सभी बसों की जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेजी जा सकेगी। इसके अलावा शिमला की 82 बसों में जीपीएस आधारित बस टैªकिंग प्रणाली शुरू की गई जिसे चरणबद्ध तरीके से सभी बसों में लागू किया जाएगा, साथ ही एचआरटीसी हिम एक्सेस नामक एक नया प्लेटफॉर्म भी शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से निगम के नौ हजार से अधिक कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत जानकारी और वेतन संबंधी विवरण ऑनलाइन देख सकेंगे।
श्री अग्निहोत्री ने बताया कि राज्यभर के विभिन्न बस अड्डों की मुरम्मत और रख-रखाव के लिए सात करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। सभी बस अड्डों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बिलासपुर के ‘मंडी-भराड़ी’ में एक आधुनिक बस अड्डे की स्थापना की जाएगी, ताकि यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य में इलैक्ट्रिक बसों के आगमन से पूर्व आवश्यक बुनियादी ढांचे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के दृष्टिगत बस अड्डों एवं कार्यशालाओं में ई-चार्ज़िंग स्टेशन जल्द से जल्द स्थापित किए जाएंगे।
निदेशक मंडल ने ‘हिम बस प्लस’ नामक एक नई योजना शुरू करने को मंजूरी दी। यह योजना पहचान प्रबंधन और कैशलेस भुगतान दोनों को एकीकृत करेगी। इस योजना के अन्तर्गत कार्ड धारकों को सभी एचआरटीसी बसों (वॉल्वो सहित) किराए में पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके अलावा इस कार्ड से हर महीने यात्रा के आधार पर यात्रियों को लॉयल्टी प्रोग्राम के अन्तर्गत कैशबैक भी दिया जाएगा।
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र से मिल रही प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए सुपर लग्जरी बसों के हिमाचल क्षेत्र के किराये पर 15 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया गया है। ‘हिम बस प्लस’ कार्ड से यात्रा करने पर पांच प्रतिशत अतिरिक्त छूट मिलने के साथ यात्रियों को कुल 20 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिलेगा।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने और निगम की आय में वृद्धि के उद्देश्य से शिमला के आसपास के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए टूरिस्ट-डे सर्किट शुरू करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही गैर परिचालन राजस्व बढ़ाने के दृष्टिगत टिकटों, वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर विज्ञापन नीति लागू करने और निगम के खुद के पेट्रोल पम्पों में आम जनता के र्लिए इंधन बिक्री के लिए दो-तीन स्थानों पर पायलेट आधार पर रिटेल फ्यूल आउटलेट, शुरू करने की योजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा उप-मुख्यमंत्री ने यात्रियों की सुविधा और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एचआरटीसी मार्गों पर ढाबा/रेस्तरां की सूचीबद्धता एवं आबंटन के लिए एक समग्र्र ‘ढाबा नीति लागू’ करने के भी निर्देश दिए।
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निगम के कर्मचारियों की वर्दी का रंग ‘ग्रे’ से बदल कर खाकी किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण फिलहाल कर्मचारियों को एक वर्दी के बदले नकद राशि दी जाएगी। उन्होंने वर्दी खरीद प्रक्रिया को एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बसों की जांच के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर ऑटोमेटिड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है जिससे निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आर.डी. नजीम, उपाध्यक्ष एचआरटीसी अजय वर्मा, निदेशक परिवहन डी.सी. नेगी, विशेष सचिव (वित्त) विजयवर्धन, विशेष सचिव पर्यटन विजय कुमार, संयुक्त सचिव (पीडब्ल्यूडी) सुरजीत राठौर, प्रबंध निदेशक एचआरटीसी डॉ. निपुण जिंदल, निदेशक मंडल के सभी गैर सरकारी सदस्य तथा एचआरटीसी एवं बीएसएमडीए के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।
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उपमुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक स्वर्गीय गणेश दत्त भरवाल के आवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदनाएं

ऊना, 27 जुलाई. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री रविवार को चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय गणेश दत्त भरवाल के निधन पर शोक प्रकट करने उनके हम्बोली स्थित आवास पहुंचे।उपमुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।श्री गणेश दत्त भरवाल का 20 जुलाई की रात को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि श्री भरवाल का निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। वे सहज, विनम्र और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता थे। वर्ष 1985 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने जनता की समस्याओं को मुखरता से उठाया और चिंतपूर्णी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।उन्होंने कहा कि श्री भरवाल का जनता से गहरा जुड़ाव, सामाजिक सरोकारों के प्रति निष्ठा और सादगीपूर्ण जीवनशैली हमेशा स्मरणीय रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।उपमुख्यमंत्री ने ईश्वर से स्वर्गीय भरवाल के सुपुत्र डॉ. कपिल भरवाल समेत शोकाकुल परिवार को इस दुःखद घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।इस अवसर पर गोंदपुर बुल्ला के पूर्व प्रधान सतीश बिट्टू भी उपस्थित रहे।

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नगरोटा विस क्षेत्र में पेयजल योजनाओं पर व्यय हो रहे 250 करोड़: अग्निहोत्री

नगरोटा बगबां में चार दिवसीय बाल मेले का हुआ समापन

नगरोटा में 2 करोड़ 94 लाख की लागत से निर्मित निरीक्षण कुटीर का भी किया लोकार्पण

27 जुलाई। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि नगरोटा विस क्षेत्र में जल शक्ति विभाग के तहत विभिन्न योजनाओं पर 250 करोड़ की राशि व्यय की जा रही है ताकि लोगों को पेयजल की बेहतर सुविधा मिल सके। रविवार को नगरोटा में विकास पुरूष स्व जीएस बाली की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय मेले के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जीएस बाली ने राज्य के विकास में अमूल्य योगदान दिया है तथा सरकार में काबीना मंत्री रहते हुए अपने से संबंधित विभागों के आधुनिकीकरण के लिए पहल की है जिसके चलते ही आज भी लोग जीएस बाली को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कांगड़ा जिला के लिए दो महत्वपूर्ण मध्यम सिंचाई परियोजनाओं स्वीकृत की गई हैं इन परियोजनाओं के माध्यम से जिला कांगड़ा के लगभग 160 गांवों को सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी जिससे हजारों किसान लाभान्वित होंगे तथा कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित ‘‘सूखाहार मध्यम सिंचाई परियोजना’’ को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना लगभग 219 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जाएगी। इस परियोजना के माध्यम से ज्वाली और शाहपुर विधानसभा क्षेत्रों के 45 गांवों की 2,186 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे लगभग 24,120 ग्रामीणों को सीधा लाभ होगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है तथा युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी स्वरोजगार योजना लागू की है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है ताकि हिमाचल को पूरे देश के एक मॉडल राज्य के रूप में विकसित किया जा सके। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भी विकास पुरूष जीएस बाली को याद करते हुए कहा कि जीएस बाली एक दूरदृष्टा नेता थे जो हमेशा आम जनता की सेवा के लिए तत्पर रहते थे इससे पहले कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आभार भी व्यक्त किया। इसके उपरांत उपमुख्यमंत्री ने नगरोटा में 2 करोड़ 94 लाख की लागत से निर्मित निरीक्षण कुटीर का भी लोकार्पर्ण किया।इस अवसर पर बाल मेला कमेटी की ओर से पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने 11 लाख का चेक सराज आपदा के लिए भेंट किया इसके साथ ही डा बरमानी ने एक लाख तथा कांगड़ा के पुजारियों ने 51 हजार का चेक उपमुख्यमंत्री को आपदा के लिए भेंट किया।इस अवसर पर विधायक विवेक शर्मा, केसीसीबी के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया, पूर्व विधायक अजय महाजन, लघु बचत बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रकाश कराड, परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, पूर्व में प्रत्याशी रहे पुष्पिंद्र वर्मा, सहकारी बैक के अध्यक्ष संजय चौहान सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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24 जुलाई 2025

*तारंगल बस दुर्घटना की मेजीस्ट्रियल जांच के आदेश- मुकेश अग्निहोत्री*•

*उप-मुख्यमंत्री ने किया दुर्घटना स्थल का निरीक्षण* • *घायलों का कुशलक्षेम जाना, मृतकों के परिजनों के प्रति जताई संवेदनाएं*

मंडी, 24 जुलाई। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज सरकाघाट क्षेत्र में मसेरन के निकट तारंगल में हुई बस दुर्घटना के घायलों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने दुर्घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उप-मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा किया और इस दुर्घटना की मेजीस्ट्रियल जांच करवाने की बात कही। आज प्रातः हुई इस बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही उप-मुख्यमंत्री सरकाघाट पहुंचे। उन्होंने नागरिक अस्पताल सरकाघाट में उपचाराधीन घायलों का कुशल-क्षेम जाना। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम उपचार सुविधा प्रदान करने तथा स्थानीय प्रशासन को भी प्रभावितों को हरसंभव मदद उपलब्ध करवाने को कहा। इसके उपरांत उप-मुख्यमंत्री ने तारंगल पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि इस बस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन विभाग के तकनीकी विंग की टीम कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने दुर्घटना की मेजीस्ट्रियल जांच के आदेश भी दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि बस में चालक व परिचालक सहित 29 लोग सवार थे। इनमें से अभी तक आठ लोगों की दुःखद मृत्यु की पुष्टि हुई है। मृतकों में चार महिलाएं एवं चार पुरूष शामिल हैं। 21 अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व परिवहन विभाग के लिए घायलों के जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकाघाट अस्पताल के अलावा गंभीर घायलों को नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, मंडी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्ज) बिलासपुर में भी भर्ती करवाया गया है। उप-मुख्यमंत्री ने एम्ज बिलासपुर तथा मेडिकल कॉलेज, मंडी स्थित नेरचौक पहुंचकर घायलों का कुशलक्षेम जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उपमुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना में मृतकों की आत्मा की शांति तथा शोक-संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। बस दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से 25-25 हजार रुपए तथा घायलों को पांच-पांच हजार रुपए की फौरी राहत राशि प्रदान की गई है। इस अवसर पर एपीएमसी मंडी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया, एचपीएमसी के निदेशक जोगिंद्र गुलेरिया, सरकाघाट से पूर्व प्रत्याशी पवन ठाकुर, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा, उपमंडलाधिकारी (ना.) स्वाति डोगरा, जल शक्ति विभाग हमीरपुर जोन के मुख्य अभियंता रोहित दुबे, हिमाचल पथ परिवहन निगम के मुख्य महाप्रबंधक पंकज सिंघल सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी व अन्य गणमान्य उपस्थित थे।  -0-

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आपदा की इस घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है : मुकेश अग्निहोत्री
उप-मुख्यमंत्री ने सराज और गोहर विधानसभा क्षेत्रों के आपदा प्रभावित इलाकों का किया दौरा, शरण गांव में प्रभावितों को बंधाया ढाढस
मंडी, 5 जुलाई। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उप-मुख्यमंत्री शनिवार को मंडी जिले के सराज और नाचन विधानसभा क्षेत्रों के आपदा प्रभावित इलाकों के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने ज़मीनी स्थिति का जायज़ा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनके दुःख को साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राहत देना नहीं, बल्कि प्रभावितों को पुनः सामान्य जीवन की ओर लौटने में हरसंभव सहायता देना है।
उप मुख्यमंत्री ने पंडोह-बाखली मार्ग पर भारी भूस्खलन से हुई क्षति का भी निरीक्षण किया और लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र की 14 पंचायतों की यातायात सुविधा बहाल करने के लिए 60 मीटर लंबा वैली ब्रिज जल्द स्थापित किया जाए। उन्होंने बताया कि बगलामुखी रोपवे को आगामी आदेशों तक निःशुल्क कर दिया गया है। अब तक करीब 1500 लोग इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं और आपात स्थिति में रोपवे सेवा दूरभाष कॉल पर भी उपलब्ध रहेगी।
दौरे के दौरान तांदी-सरोआ क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की जानकारी मिलने पर उन्होंने जलशक्ति विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिले। उन्होंने बताया कि प्रशासन, विभागीय अमला, राहत कर्मी और स्थानीय जनता के सहयोग से पुनर्वास का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने अपनी पूरी मशीनरी राहत कार्यों में उतार दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत में कोई ढिलाई न बरती जाए और पीड़ितों की हर ज़रूरत को सर्वोपरी समझा जाए।
मुकेश अग्निहोत्री ने बाड़ा गांव का दौरा कर आपदा से बेघर हुए परिवारों से मुलाकात की और राहत शिविरों में प्रभावितों से मिले। ग्राम प्रधान जिमा देवी ने उन्हें अवगत कराया कि गांव के 42 मकान रेड ज़ोन में आ चुके हैं और 16 मकान पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि जलशक्ति विभाग के सभी विश्रामगृह शरणार्थियों के लिए खोल दिए गए हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने बगस्याड क्षेत्र के शरण गांव में बादल फटने और भूस्खलन के बाद बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बिजली, पानी, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान उन्होंने तनुजा ठाकुर से भी मुलाकात की, जो 30 जून की मध्य रात्रि को बादल फटने के बाद पांच घंटे तक मलबे में फंसी रही थीं। अग्निहोत्री ने उनके साहस की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा बताया। इसके उपरांत मुकेश अग्निहोत्री ग्राम पंचायत स्यांज के बागा गांव के पुष्प राज व पंगलियुर आपदा में लापता व प्रभावित परिवारों से भी मिले।
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चेत राम, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा सहित राजस्व, लोक निर्माण, जलशक्ति, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारी उप-मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।


अधिकारियों के साथ बैठक में की नुकसान की समीक्षा
उप-मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व मंडी जिला में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा के लिए जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के साथ शुक्रवार देर सायं एक बैठक की अध्यक्षता की। इसमें जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अलावा जल शक्ति, परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों ने भाग लिया।
मुकेश अग्निहोत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति आंशिक तौर पर बहाल करने के लिए हर संभव उपाय किए जाएं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में पुरानी योजनाएं बहाल करने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा। उन्होंने कहा कि अकेले थुनाग क्षेत्र में ही जल शक्ति विभाग की 241 परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं जिनमें से 41 को शुक्रवार तक आंशिक तौर पर बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां पाइपें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन क्षेत्रों के लिए नई पाइपों के आदेश दे दिए गए हैं और रास्ते खुलते ही इनकी आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से 33 रूट प्रभावित हुए हैं और इनकी बहाली के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने जिला में अब तक किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा, जल शक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजु शर्मा, सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
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