उपमुख्यमंत्री ने किया चिंतपूर्णी हिल्स में ‘1971 कैफ़े एवं रेस्टोरेंट’ का शुभारंभ
बोले…धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन, आतिथ्य और स्वरोज़गार को नई दिशा देगा यह प्रयास250 करोड़ से बनेगा माता श्री चिंतपूर्णी का भव्य भवन
श्री चिंतपूर्णी (ऊना), 27 सितंबर.
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नए आयाम देने और आतिथ्य एवं सेवा क्षेत्र में युवाओं के लिए स्वरोज़गार के अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।शनिवार को मुबारिकपुर स्थित चिंतपूर्णी हिल्स में नव-स्थापित ‘1971 कैफ़े एवं रेस्टोरेंट’ का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए स्थानीय उद्यमशीलता और रोजगार को भी बढ़ावा देगी।यह कैफ़े माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति पर आउटसोर्सिंग मॉडल के तहत संचालित होगा। उद्घाटन अवसर पर विधायक सुदर्शन बबलू, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र शर्मा, एसडीएम अंब सचिन शर्मा, कैफे संचालक दक्ष नेगी व लक्ष्य वैद्य सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।उपमुख्यमंत्री ने प्रबंधन को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि कैफ़े अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से श्रद्धालुओं को सुखद अनुभव प्रदान करेगा।मंदिर में की पूजा-अर्चना, विकास कार्यों की ली जानकारीकैफ़े उद्घाटन के उपरांत उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में मातारानी की पावन पिंडी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उनकी पुत्री डॉ. आस्था अग्निहोत्री भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।मंदिर ट्रस्ट के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम सचिन शर्मा ने उपमुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।उपमुख्यमंत्री ने मंदिर के विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।250 करोड़ से बनेगा मंदिर का भव्य भवनउपमुख्यमंत्री ने बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य भवन के निर्माण पर 250 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए देवभूमि हिमाचल के पावन मंदिरों का संरक्षण, सौंदर्यकरण और आधुनिकीकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।उन्होंने बताया कि मंदिर में लागू सुगम दर्शन प्रणाली ने भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को बड़ी सुविधा प्रदान की है। ऑनलाइन लंगर बुकिंग और ऑनलाइन दर्शन जैसी डिजिटल सेवाएं भी शुरू की गई हैं।इसके अतिरिक्त प्रसाद योजना के अंतर्गत मंदिर के लिए 56.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। फरवरी 2025 में मंदिर से जुड़े पुजारियों को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि पूजा-पद्धति की पवित्रता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।-0-
उप-मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन 2025 का किया शुभारंभ
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन 2025 का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सहकारिता के पुनर्जागरण का उत्सव है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सहकारिता अब एक जनदृआंदोलन का रूप ले चुकी है।इस अवसर पर कॉपरेटिव फेयर और फिनटेक कॉर्पाेरेट प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि सहकारिता भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और आने वाले समय में तकनीकी नवाचार इसे और सशक्त बनाएगी। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल देश में सहकारिता का जनक है। हिमाचल से जली यह अलख अब पूरे देश में फैल चुकी है। वर्ष 1892 में हिमाचल प्रदेश के पंजावर में सहकारिता समिति गठित की गई जिसका पंजीकरण वर्ष 1906 में हुआ था। वर्तमान में पंजावर क्षेत्र हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। उन्होंने सहकारिता के जनक मियां हीरा सिंह को याद करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान प्रदान करते हुए उन्हीं के नाम पर सहकारिता से संबंधित संस्थान स्थापित किया जा रहा है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 5544 सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनमें 2287 कृषि सहकारी समितियां और 10 सहकारी बैंक किसानों व ग्रामीणों की आर्थिक जरूरतें पूरी कर रहे हैं। कॉपरेटिव बैंक में लोगों के 27 से 28 हजार करोड़ रुपये जमा हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कॉपरेटिव बैंक सराहनीय कार्य कर रहे हैं। कॉपरेटिव बैंकों में लोगों का विश्वास बनाए रखने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं। कॉपरेटिव बैक 6 जिलों का, और कांगड़ा कॉपरेटिव बैक 5 जिलों को और जोगिन्द्रा बैक जिला सोलन का प्रतिनिधित्व कर रहा है। हर हिमाचली का खाता प्रदेश के बैंक में होना चाहिए। प्रदेश सरकार जिम्मेदारी से इनका संचालन सुनिश्चित करेगी। कॉपरेटिव क्षेत्र में हिमाचल उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। कॉपरेटिव समितियों और बैकों में 60 हजार करोड़ रुपये की जमा पूंजी है। उन्होंने कहा कि जिला कुल्लू की शॉल और टोपी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। हरोली में हिमकैप कॉपरेटिव सहकारिता के माध्यम से हिमकैप इस्टीट्यूट स्थापित किया गया है। इस संस्थान में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चे हिमाचल का नाम देश और विदेश में रोशन कर रहे हैं। सहकारिता क्षेत्र में प्रदेश की महिलाएं सफल उदाहरण पेश कर रहे हैं। ऊना में हाल ही में 5000 महिलाओं ने स्वां वुमेन फेडरेशन बनाई। महिलाओं की यह समिति कम समय में बेहतरीन कार्य करते हुए अब लगभग 25 करोड़ रूपये तक पहंुच गई है।उन्होंने यह भी कहा कि सहकारी संस्थाएं आधुनिक तकनीक को अपनाकर डिजिटल पेमेंट से लेकर साइबर सुरक्षा समाधान तक की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन भारत की सहकारिता की यात्रा का एक मील पत्थर साबित होगा। यह पारंपरिक संस्थाओं और आधुनिक तकनीकी समाधानों के बीच नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। कार्यक्रम के दौरान देशभर से आई सहकारी संस्थाओं ने अपनी उपलब्धियां और नवाचार प्रदर्शित किए।एचपीएससीबी के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम द्वारा मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया। उन्होंने दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन के बारे मे विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी, राष्ट्रीय राज्य सहकारिता बैंक महासंघ लिमिटेड के अध्यक्ष कोंडुरु रविंदर राव, रजिस्ट्रार ऑफ कोपरेटिव सोसायटी डीसी नेगी, हिमफैड के अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, राष्ट्रीय राज्य सहकारिता बैंक महासंघ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भीमा सुब्रह्मण्यम, एआरडीबी के अध्यक्ष संजय चौहान व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।.0.
चंबा में 394 पेयजल योजनाएं बहाल, 100 करोड़ का नुकसान: मुकेश अग्निहोत्री
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश में भारी बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राहत एवं बहाली कार्य युद्ध स्तर पर करने के निर्देश दिए हैं।जल शक्ति विभाग को इस आपदा में लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ज़िले की कुल 487 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 394 योजनाओं को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। शेष योजनाओं को शीघ्र बहाल करने के लिए तत्परता से कार्य किया जा रहा है।विशेषकर चंबा भरमौर क्षेत्र में स्थानीय स्रोतों से अस्थायी जल आपूर्ति व्यवस्था की जा रही है। विभागीय अनुमान के अनुसार इन योजनाओं को पूरी तरह बहाल करने में चार से पांच दिन और लग सकते हैं।उप-मुख्यमंत्री ने राहत एवं बहाली कार्यों में जुटे कर्मचारियों के साहस और समर्पण की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा के दौरान ड्यूटी पर तैनात किए गए सभी 41 कर्मचारी सुरक्षित हैं।श्री अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। जल आपूर्ति व्यवस्था सामान्य करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।.0.
English
drinking water schemes restored in Chamba district: Mukesh Agnihotri·
Jal Shakti Vibhag suffers Rs. 100 crore lossDeputy Chief Minister Mukesh Agnihotri has expressed deep concern over the situation in areas affected by heavy rainfall in the state. He directed the departmental officers to carry out relief and restoration works on a war footing.Jal Shakti Vibhag has suffered a loss of approximately Rs. 100 crore due to the disaster. Out of a total of 487 water supply schemes in the district, 394 have been partially restored, while restoration work on the remaining schemes is being carried out expeditiously.Temporary water supply arrangements are being made by tapping local water sources in the Chamba–Bharmour region. According to departmental estimates, it may take another four to five days to fully restore these schemes.The Deputy Chief Minister appreciated the courage and dedication of the employees engaged in relief and restoration works. He further informed that all 41 employees deployed on duty during the Manimahesh Yatra were safe.Shri Agnihotri assured that the state government would extend all possible assistance to the affected people and concrete measures were being taken to normalize the water supply.-0-
उप-मुख्यमंत्री ने शिमला में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में फहराया तिरंगा
जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आज शिमला के रिज मैदान पर आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता उप-मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुकेश अग्निहोत्री ने की। उप-मुख्यमंत्री ने ध्वजारोहण कर भव्य परेड की सलामी ली जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर आशीष कौशल ने किया। उन्होंने कहा कि आज हम सब स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। आज का दिन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, त्याग और संघर्ष की याद दिलाता है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें यह अमूल्य स्वतंत्रता दिलाई। स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं बल्कि यह हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों, एकता, अखंडता और भाईचारे के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करने का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि ने भी स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। हमारे वीर जवानों ने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई बल्कि स्वतंत्रता के बाद भी राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा में अपनी वीरता का परिचय दिया है। यह गर्व की बात है कि हमारे प्रदेश के वीर सपूतों को देश सेवा के लिए 4 परमवीर चक्र, 2 अशोक चक्र, 10 महावीर चक्र और 24 कीर्ति चक्रों से नवाज़ा गया है। देश का पहला परमवीर चक्र, प्रदेश के वीर सपूत मेजर सोमनाथ शर्मा को प्राप्त हुआ था। इसके अतिरिक्त, कर्नल डी.एस. थापा, कैप्टन विक्रम बत्रा, सूबेदार मेजर संजय कुमार को उनके शौर्य व बलिदान के लिए परमवीर चक्र से नवाज़ा गया। आइए हम सब मिलकर राष्ट्रीय ध्वज को नमन करें। हमें अपने अतीत की गौरव गाथा से प्रेरणा लेते हुए भविष्य को उज्जवल बनाने का संकल्प लेना होगा। विकास के पथ पर हिमाचल प्रदेश ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है और यह यात्रा निरंतर जारी है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश जब अस्तित्व में आया, उस समय साधनों की कमी सहित कई चुनौतियां थी। लेकिन हिमाचल लग्न, परिश्रम एंव बुलंद हौसलों के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। हमारे लिए यह गौरव की बात है कि हिमाचल आज दूसरे पहाड़ी राज्यों के लिए विकास का आदर्श का मॉडल बनकर उभरा है। वर्ष 2023 में हिमाचल ने गम्भीर प्राकृतिक आपदा का सामना किया। इससे उबरने के लिए प्रदेश सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से आपदा राहत पैकेज वितरित किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी भारी बारिश और बादल फटने के कारण आई बाढ़ की घटनाओं से हमें जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस वर्ष भी आपदा प्रभावितों के राहत एवं पुनर्वास के लिए हमारी सरकार ने विशेष राहत पैकेज का प्रावधान किया है, जिसमें राहत राशि को 25 गुणा तक बढ़ाया गया है। हिमाचल के विकास में हमारे कर्मचारियों की विशेष भूमिका रही है इसलिए हमारी सरकार ने कर्मचारियों से किए अपने वायदे को पूरा करते हुए पहली मंत्रिमंडल बैठक में कर्मचारियों के लिए ओपीएस शुरू की। उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए ई-टैक्सी योजना शुरू हुई, जिसमें ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत अभी तक 75 लाभार्थियों को अनुदान राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करने पर बल दे रही है। इसके तहत, निजी भूमि पर 100 से 500 किलोवाट तक के सौर संयंत्र लगाने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए पहल करते हुए, हिमाचल दूध खरीद पर समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बना है। सरकार द्वारा पशुपालकों को गाय के दूध पर 51 रुपये और भैंस के दूध पर 61 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। आज कार्यक्रम शिमला में हो रहा है बागवानी विकास के क्षेत्र में शिमला जिला ने प्रदेश में अपनी पहचान बनाई है तथा शिमला जिला अपने सेब उत्पादन के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब उत्पादकों की सभी देनदारियों का भुगतान के लिए 153 करोड़ जारी किए। जिसमे पिछली भाजपा सरकार की 90 करोड़ रुपये की देनदारी भी शामिल है। किसानों और बागवानों को सेब कीटनाशकों और उर्वरकों पर मिलने वाली सब्सिडी को पिछली भाजपा सरकार ने बंद कर दिया था, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने इसे बहाल कर दिया है। कांग्रेस की राज्य सरकार ने सेब के समर्थन मूल्य में 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक वृद्धि की है, जिससे सेब का समर्थन मूल्य अब 12 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली को लागू किया गया है, जिससे बागवानों को उनकी उपज के अच्छे दाम मिल सके। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला प्रदेश का अहम जिला है। शिमला शहर में 1734.70 करोड़ रुपए की लागत से देश का सबसे लंबा और दुनिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे बनने जा रहा है, जिसकी लम्बाई 13.79 किलोमीटर होगी। यह परियोजना स्वीकृति के अंतिम चरण पर है और अगामी सालों में इसे जमीनी हकीकत में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। यह परियोजना 4 साल में पूरी हो सकेगी। इसके अतिरिक्त शिमला शहर में 50 करोड़ रुपये की लागत के 19 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बन रहे है, जिसमें लिफ्ट और एस्कलेटर इत्यादि शामिल हैं। जाखू मंदिर में एस्केलेटर की सुविधा प्रदान की है और आने वाले समय मे ही जाखू मंदिर सौदर्यकरण योजना शुरू करेगें। उन्होंने बताया कि शिमला शहर को शुद्ध पानी देने के लिए व्यापक योजनाओं पर काम चल रहा है। सतलुज नदी से शिमला को पानी देने के लिए 587 करोड़ रूपये की योजना तैयार है और इसी महीने इसकी टेस्टिंग शुरू की जाएगी, जबकि शिमला शहर के भीतर 24 घण्टे पानी देने लिए 872 करोड़ रूपये की योजना पर काम चल रहा है जिसे 2028 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ठियोग क्षेत्र के लिये प्रदेश की सबसे बड़ी कुरपण खड्ड पेयजल परियोजना का निर्माण कार्य लगभग 315 करोड़ की लागत से युद्ध स्तर पर जारी है। इस पेयजल परियोजना को जून, 2026 तक लोगों को समर्पित किया जाएगा। जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिला शिमला में विभिन्न क्षेत्रों के लिये 819 करोड़ रुपये की 236 योजनाएं स्वीकृत हुई है, जिसमें अब तक कुल 706.87 करोड़ रुपये धनराशि खर्च की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सड़के हमारी भाग्य रेखाएं कही जाती है और एचआरटीसी इन पर जीवन रेखा की तरह कार्य कर रही है। प्रतिदिन लाखों यात्री एचआरटीसी की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। निगम राज्य के कोने-कोने तक अपनी पहुंच बनाकर जनता को सुविधा प्रदान कर रहा है। इसी के दृष्टिगत हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाते हुए 1000 नई बसों को चरणबद्ध रूप से निगम में शामिल करने का फैसला लिया गया है, जिसमें 33 नई वोल्वो बसें एचआरटीसी बेड़े में शामिल हो चुकी हैं। कबिले जिक्र है कि हिमाचल में पहली सरकार है जो 1000 बसों का फ्लीट बदल रही है इससे पूर्व कभी भी ऐसा नहीं हुआ। इसमें 327 इलेक्ट्रिक बसें, 250 डीजल बसें और 100 मिनी बसों की खरीद प्रक्रिया भी प्रगति पर है। 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए आपूर्ति आदेश जारी कर दिए गये हैं। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है, प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए लगभग 110 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग ने बीते डेढ़ वर्षों के भीतर राजस्व अर्जन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विभाग ने रिकॉर्ड 16 महीनों की अवधि में कुल 1236 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह प्रदेश सरकार के नीतिगत फैसलों की उपलब्धि, विभाग की पारदर्शी, सुधारात्मक और दक्ष कार्य प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दो ऑटोमेटिड टैस्टींग स्टेशन जिला हमीरपुर व ऊना मे लगाये जा रहे है। जिससे लोगों को गाडियों की पासिंग में टैक्नोलजी के माध्यम से होगी सरकार ट्रैफिक पार्क एवं वहान स्क्रेपिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार प्रदेश में इलैक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कृत संकल्प है व इस दिशा में सरकार द्वारा इलैक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए 06 ग्रीन कॉरिडोर पर 129 स्थानों पर 88 पेट्रोल पंप व 23 चार्जिंग स्टेशन लगा रही है। उन्होंने बताया कि सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए “राहवीर योजना“ के तहत घायल लोंगों को अस्पताल पहुचाने वाले नागरिकों को सरकार द्वारा 25 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने लोगों से दुर्घटनाओं में घायल लोगों की बढ़चढ़ कर मदद करने का आवाहन भी किया। उन्होंने बताया कि रोपवे के क्षेत्र में ग्रामीण कनेक्टिविटी के अंतर्गत 800 मीटर लम्बे बगलामुखी रोपवे को जनता को समर्पित किया गया। यह परियोजना 54 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई है। आपदा के दौरान यह रोपवे राहत सामग्री, राशन, दवाएं और स्थानीय निवासियों को लाने ले जाने का एकमात्र साधन बना। उन्होंने बताया कि पर्यटन की दृष्टि से कुल्लू (ढालपुर)-पीज रोपवे परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 1.20 किलोमीटर है और परियोजना लागत रूपए 80 करोड़ है, भी एक महत्वपूर्ण योजना है। धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बाबा बालकनाथ मंदिर रोपवे परियोजना की लागत 65 करोड़ है। बिजली महादेव रोपवे का निर्माण 278.62 करोड़ रुपये से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त माता चिंतपूर्णी मंदिर रोपवे का निर्माण 76.50 करोड़ रुपये से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग में जिन जल रक्षकों ने 31-12-2024 तक 12 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुके 1356 लोगों को पंप अटेंडेड बनाया गया। इससे पहले 184 जल रक्षकों को पंप अटेंडेंट बनाया था। इस तरह 1570 लोगों को विभाग ने तरक्की दी। इसी तरह परिवहन क्षेत्र में पहली दफा भर्ती पब्लिक सर्विस कमीशन से हुई और 357 लोगों को कण्डक्टर के पर पर नौकरी मिली। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बनाई जा रही 4,025 हैक्टेयर वाली फिना सिंह मध्यम सिंचाई परियोजना, जिसकी संशोधित अनुमानित लागत ₹ 643.68 करोड़ है, के लिए वर्ष 2025-26 में 313.86 करोड़ रुपए की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त की गई है। इसी तरह ऊना जिले के वीत क्षेत्र में 75 करोड़़ की खेत सिंचाई योजना का भी मंजूरी हासिल की गई। मंड़ी के धर्मपुर और इसके आसपास की 14 योजनओं की लम्बित 144 करोड़ रुपए की राशि को भी केंद्र से हासिल करने में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन का बकाया 1200 करोड़ केंद्र से हासिल करने का हम प्रयास कर रहे है। न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) द्वारा वित्तपोषित हिमाचल प्रदेश ग्रामीण जल आपूर्ति परियोंजना के तहत 745 करोड़ की लागत से 24 ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) द्वारा वित्तपोषित हिमाचल प्रदेश ग्रामीण पेयजल उननयन एंव आजीविका परियोजना के तहत 1062.72 करोड़ की लागत से वर्ष 2000 से पूर्व निर्मित 186 पेयजल आपूर्ति योजनाओं का संवर्धन व पुननिर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक और ऐतिहासिक पहल करते हुए प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत जिला शिमला स्थित अटल इंस्टिट्यूट ऑफ़ सुपर स्पेशलिटी में अस्पताल से की गई है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोले गए हैं और इनमें छह-छह विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। 20 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में डायलिसिस सुविधा प्रदान की जा रही है। आईजीएमसी शिमला में नये कैंसर अस्पताल भवन और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। आईजीएमसी और टांडा चिकित्सा महाविद्यालयों में पेट स्कैन की सुविधा शुरू की गई है। प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में 185 डॉक्टरों, 130 स्टाफ नर्स, 67 लैब तकनीशियन, 45 फार्मासिस्ट और 61 ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट के पद भरे गए हैं। उन्होंने बताया कि सहकारिता क्षेत्र में प्रदेश की 1789 प्राथमिक कृषि सहकारी सभाएं भारत सरकार द्वारा कम्प्यूटरीकरण के लिए केंद्र ने चयन कर सहयोग किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों, प्राचीन मंदिरों, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण व विकास के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हिमाचल के मंदिरों के जीर्णोद्धार, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं अन्य कार्यों पर प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा रही हैं। जिसमें श्री चिंतपूर्णी, बाबा बालक नाथ तथा श्री नैना देवी, श्री चामुण्डा धाम आदि प्रसिद्ध है। शिमला के मॉल रोड स्थित ऐतिहासिक बैंटनी कैसल के जीर्णोद्धार के कार्य को पूरा करवाकर लोकार्पण किया गया। हिमाचल के इतिहास को दर्शाने के लिए बैंटनी कैसल में दृश्य व श्रव्य कार्यक्रम (लाइट एंड साउंड शो) आम जनता के लिए शुरू किया गया है। इस भवन के जीर्णोद्धार पर लगभग 25 करोड़ रूपये की लागत आई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में, विशेषकर युवाओं में, नशे की बढ़ती आदत गंभीर चिन्ता का विषय है। इस सामाजिक बुराई के कारण हमने कई बहुमूल्य जीवन खोए हैं। हमारी सरकार ने नशे के आदि व्यक्तियों के उपचार, पुनर्वास और नशे सहित संगठित अपराध को रोकने के लिए विधेयक पारित किए हैं, जिनमें नशा तस्करों को मृत्युदंड, आजीवन कारावास, 10 लाख तक जुर्माना, संपत्ति जब्त करने का प्रावधान, उनके पुनर्वास एवं आजीविका सहायता सहित विभिन्न प्रावधान शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा पीआईटी एनडीपीएस एक्ट को कड़ाई से लागू किया गया है। इसके तहत 42 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई है और 70 तस्करों की संपत्ति चिन्हित कर अब तक 44 तस्करों को हिरासत में लिया गया है। प्रदेश सरकार ने नशे पर अंकुश लगाने के लिए स्पेशल टास्क फाॅर्स का गठन कर 13 पुलिस थानों को भी अधिसूचित किया है। उन्होंने बताया कि जिला शिमला में पुलिस विभाग द्वारा नशे के विरूद्व व्यापक अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत जिला में चिट्टा तस्कर गिरेह की धरपकड़ जारी है। प्रदेश सरकार फिरोती, किडनेपिंग व गेंगस्टर संस्कृति को कूचल कर रहेगी और डिजिटल अपराधों पर नियंत्रण कसा जा रहा है।
वीरभद्र की प्रतिमा का जल्द होगा लोकार्पण उन्होंने बताया कि आधुनिक हिमाचल के निर्माता पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा रिज मैदान पर स्थापित कर दी गई है जिसका जल्द ही लोकार्पण किया जायेगा।
रहवीर योजना के तहत सम्मानित किये मददगार नागरिक मुख्यातिथि ने राहवीर योजना के तहत किये गए सराहनीय, साहसिक एवं आदर्श सामाजिक कार्य के लिए अमित चौहान और मनोज कुमार, जोकि जिला उत्तरकाशी, उत्तराखंड से संबंध रखते हैं, को दुर्घटना में घायल लोगों की सहायता करने पर प्रशस्ति पत्र दिए। भारी बारिश से हुए भूस्खलन की वजह से मार्ग बाधित होने के कारण यह दोनों समारोह में शामिल न हो पाए। इनका सम्मान आरटीओ शिमला अनिल शर्मा ने प्राप्त किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों वाले प्रतिभागियों को किया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान जवाहर लाल नेहरू राजकीय ललित कला महाविद्यालय लोहारब बनुटी की टीम ने देशभक्ति पर आधारित शास्त्रीय नृत्य, जयेश्वरी सांस्कृतिक दल जैस ठियोग ने महासुवी नाटी, सम्भोता तिब्बतन स्कूल ने तिब्बतन नृत्य, राजकीय महाविद्यालय धामी की टीम ने सोलन का गिद्धा और राजकीय कन्या महाविद्यालय की टीम ने किन्नौरी नाटी की प्रस्तुति दी जिनका लोगों ने खूब लुत्फ़ उठाया। उपमुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।
आसमान में छोड़े गुब्बारे इसके पश्चात, उपमुख्यमंत्री ने चिल्ड्रन ऑफ़ स्टेट, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत इन योजनाओं का सन्देश देते गुब्बारे आसमान में छोड़े।
यह भी रहे उपस्थित इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, विधायक शिमला शहरी हरीश जनारथा, विधायक ठियोग कुलदीप सिंह राठौर, विधायक रोहड़ू मोहन लाल ब्राक्टा, उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम केहर सिंह खाची, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार आईटी गोकुल बुटेल, उपाध्यक्ष हिमुडा यशवंत छाजटा, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक देवेंदर श्याम, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, सचिव जल शक्ति विभाग राखिल काहलों, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी, निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग रीमा कश्यप, सैन्य अधिकारियों सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। -०-
बॉक्स उप-मुख्यमंत्री ने मेगा डॉग वैक्सीनेशन ड्राइव का किया शुभारम्भ उप मुख्यमंत्री ने आज ऐतिहासिक रिज मैदान से मेगा डॉग वैक्सीनेशन ड्राइव का शुभारंभ किया। उन्होंने वैक्सीनेशन ड्राइव में प्रयुक्त होने वाले वाहनों को ग्रीन फ्लैग दिखाकर रवाना किया। यह अभियान ह्यूमन पीपल एनजीओ, रामपुर, मिशन रेबीज, नगर निगम शिमला और पशुपालन विभाग, हिमाचल प्रदेश के संयुक्त प्रयास से शिमला शहर में 15 अगस्त से 29 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसमें शिमला नगर निगम के सभी 34 वार्ड कवर किए जाएंगे और लगभग 4,000 आवारा कुत्तों को रेबीज का टीका लगाया जाएगा।
Press Not 2
क्रमांक 26/08 शिमला, 15 अगस्त 2025
उप मुख्यमंत्री ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में की शिरकत
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री आज शिमला के गंज बाजार स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में आयोजित श्री कृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने भगवान श्री चरणों में शीश नवा कर प्रदेशवासियों की सुख- समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना आयोजित की गई, जिसमें उप-मुख्यमंत्री ने भी सहभागिता की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि यह जीवन में धर्म, कर्तव्य और निष्ठा का संदेश भी देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और समाज में भाईचारे, एकता और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंदिर कमेटी को 10 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। इस मौके पर शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान व अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस पूरे कार्यक्रम में उत्साह एवं भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। -०-
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 21 करोड़ 12 लाख की विकासात्मक परियोजनाओं के किए शिलान्यास एवं उद्घाटन
मुकेश अग्निहोत्री ने 15 करोड़ 66 लाख की राशि से निर्मित पेयजल योजना का किया लोकार्पण
30 गांवों की 133 बस्तियों को मिलेगी सुचारू पेयजल आपूर्ति
सुदूर क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को बनाया जा रहा है सुनिश्चित —उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री
चंबा, अगस्त 13
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज चंबा ज़िला के डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के तहत 21 करोड़ 12 लाख धनराशि वाली दो महत्वपूर्ण विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया। उप मुख्यमंत्री ने ज़िला चंबा के अपने एकदिवसीय प्रवास के दौरान प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र डलहौजी के बनीखेत कस्बे में 6 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत वाले बनीखेत नाला के बाढ़ नियंत्रण कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने इसके पश्चात प्रसिद्ध शक्ति स्थल माता भलेई मंदिर परिसर में 15 करोड़ 66 लाख रुपयों की धन राशि से नव निर्मित उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री ने इस दौरान जन समस्याओं के समाधान को लेकर आयोजित कार्यक्रम में लोगों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार बुनियादी सुविधाओं की पहुंच एवं विस्तार को प्रदेश के सभी सुदूर क्षेत्रों तक सुनिश्चित बना रही है । उन्होंने कहा कि राज्य में पेयजल-सिंचाई, मल निकासी तथा बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तौर पर पूरा किया जा रहा है। मुकेश अग्निहोत्री ने लोगों से संवाद करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के सूखा प्रभावित ग्राम पंचायत ब्रंगाल, भलेई, वांगल, ओहरा, सिमणी और कंगेड के लिए निर्मित उठाऊ पेयजल योजना के अब कार्यशील होने से 30 गांवों की लगभग 133 ग्रामीण बस्तियों को प्रतिदिन 13 लाख लीटर स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने ये भी कहा कि बनीखेत नाला में बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए लगभग 815 मीटर आईसीसी चैनल का निर्माण किया जाएगा साथ में स्टोन फिलिंग स्लिप्स हटाना तथा अन्य संरचनात्मक कार्य किए जाएंगे। जिससे नगर पंचायत बनीखेत तथा ग्राम पंचायत ढलोग के लोगों की 13 करोड़ की संपत्ति सुरक्षित होगी। मुकेश अग्निहोत्री ने भुरू नाग मंदिर प्रबंधन समिति की मांग पर मंदिर सराय भवन निर्माण के लिए 10 लाख की धनराशि देने की भी घोषणा की । उप मुख्यमंत्री ने भद्रकाली भलेई माता मंदिर में वरिष्ठ नागरिक-श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत लिफ्ट या रोपवे निर्माण की संभावनाएं भी तलाशने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना तथा अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया। इससे पहले उन्होंने भुरू नाग मंदिर बनीखेत तथा भद्रकाली भलेई माता मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की भी कामना की। विधायक डीएस ठाकुर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, कांग्रेस कमेटी के पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी कमल ठाकुर, यशवंत खन्ना, धर्म सिंह पठानिया, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, मुख्य अभियंता जल शक्ति दीपक गर्ग, एसडीएम अनिल भारद्वाज, चंद्रवीर सिंह, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण दिवाकर पठानिया, राजेश मोगरा सहित क्षेत्र के गण मान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित रहे ।
बनीखेत में पत्रकार वार्ता
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बनीखेत में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि डलहौजी में जल शक्ति विभाग का मंडल कार्यालय खोलने के लिए मामला विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र डलहौजी में लोगों को पेयजल की सुचारू सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए पेयजल योजना का अधिकांश कार्य संपूर्ण कर लिया गया है और इस वर्ष दिसंबर माह तक योजना का लोकार्पण किया जाएगा । बस स्टैंड डलहौजी के मामले पर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए विभागीय औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं। साथ में उन्होंने यह भी बताया कि बनीखेत कस्बे के लिए मल निकासी योजना की विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन के लिए प्रेषित कर दी गई है।
Part-२
संख्याः 960/2025 शिमला 13 अगस्त, 2025
उप-मुख्यमंत्री ने हवलदार अरुण कुमार ‘लक्की’ के निधन पर शोक व्यक्त किया
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भारतीय सेना में हवलदार अरुण कुमार ‘लक्की’ के निधन पर शोक व्यक्त किया है। ऊना जिला के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के चताड़ा गांव से संबंध रखने वाले अरूण कुमार की अरुणाचल प्रदेश में कर्तव्यपालन के दौरान मृत्यु हो गई। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हवलदार अरुण कुमार का साहस, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि कृतज्ञ राष्ट्र उनके बलिदान को हमेशा याद रखेगा। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। -0-
पार्ट-३
संख्याः 963/2025 शिमला 13 अगस्त, 2025
हिमाचल प्रदेश सरकार रेल परियोजनाओं के निर्माण में प्रदान कर रही है पूर्ण सहयोग, केंद्र सरकार निभाए अपनी जिम्मेदारीः मुकेश अग्निहोत्री
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां कहा कि प्रदेश के विपक्ष के नेता हिमाचल प्रदेश में चल रही रेल परियोजनाओं को लेकर तथ्यहीन ब्यानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार इन परियोजनाओं के विकास के लिए केंद्र सरकार को हर स्तर पर पूरा सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन परियोजनाओं के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी को निभाये। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा यह आरोप लगाना कि प्रदेश सरकार सहयोग नहीं कर रही, पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि हम राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर केंद्र सरकार के साथ मिलकर राज्य के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं । उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल परियोजनाएं हिमाचल प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये न केवल राज्य के दूरदराज़ क्षेत्रों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में मदद करेंगी बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से भी अहम हैं। हिमाचल जैसे पहाड़ी व विशेष श्रेणी राज्य के लिए रेल संपर्क, सड़क और हवाई संपर्क की तरह ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन, चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन और नंगल-तलवाड़ा रेल लाइन परियोजनाएं समयबद्ध पूर्ण हों। इन परियोजनाओं में राज्य सरकार ने न केवल वित्तीय योगदान दिया है बल्कि भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक स्वीकृतियां और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन निर्माण के लिए राज्य सरकार ने अब तक राज्य के हिस्से के रूप में 847 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इस रेलवे लाइन का कार्य प्रगति पर है तथा 31 दिसम्बर, 2027 तक बिलासपुर तक इस कार्य के पूर्ण होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन की लागत में राज्य सरकार द्वारा पहले ही अपना हिस्सा दिया गया है और शेष राशि समय-समय पर प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के क्रियान्वयन में देरी हुई है, इसलिए रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा सूचित परियोजना लागत 6.45 गुणा बढ़कर 6753.42 करोड़ रुपये हो गई है। अब राज्य का हिस्सा बढ़कर 2583.01 करोड़ रुपये हो गया है, जिसमें भूमि अधिग्रहण लागत 1210.42 करोड़ रुपये शामिल है। इस प्रकार राज्य सरकार को कुल परियोजना लागत का 38.84 प्रतिशत हिस्सा व्यय करना पड़ रहा है। चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना को भारत सरकार द्वारा विशेष रेलवे परियोजना घोषित किया गया है। 1540.113 करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना की लम्बाई 30.28 किलोमीटर है। इसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी 363.50 करोड़ रुपये बनती है, जिसमें से 223.75 करोड़ रुपये उत्तरी रेलवे को दे दिए गए हैं। इस रेलवे लाइन का कार्य 30 अप्रैल, 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नंगल-तलवाड़ा रेल लाइन का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है और इसे नंगल से दौलतपुर चौक तक यातायात के लिए खोला जा चुका है। इस परियोजना की पूरी लागत केंद्र सरकार वहन कर रही है, जिसमें प्रदेश सरकार ने भी सहयोगी की भूमिका निभाई है। इस परियोजना की लम्बाई 122.57 किलोमीटर है जिसमें से 60.03 किलोमीटर भूमि हिमाचल प्रदेश में और 62.24 किलोमीटर भूमि पंजाब में स्थित है। इस परियोजना का 59.325 किलोमीटर कार्य पूर्ण हो चुका है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि रेल परियोजनाएं संपूर्ण राष्ट्र के विकास में सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ये परियोजनाएं सामरिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण होती हैं। इसलिए केन्द्र सरकार का दायित्व है कि वह हिमाचल में रेल परियोजनाओं के निर्माण की पूर्ण लागत वहन करे, ताकि उन्हें समयबद्ध पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से भिन्न हैं और यहां के आय संसाधन भी सीमित हैं। इसलिए केन्द्र सरकार को अपने नैतिक दायित्व का वहन करते हुए प्रदेश में निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं की लागत स्वयं वहन करनी चाहिए। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं इन परियोजनाओं की समय-समय पर समीक्षा करते हैं और रेल मंत्रालय के साथ समन्वय बनाए रखते हैं ताकि कार्य में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वे तथ्यों की पुष्टि के बिना बयानबाजी करने से बचें और प्रदेश के हित में मिलकर प्रयास करें। उन्होंने दोहराया कि हिमाचल प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के साथ साझेदारी में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा, तेज़ कनेक्टिविटी और नए आर्थिक अवसर प्राप्त हो सकें। .0.
Demand for digital voter list in order to safeguard democracy and ensure fair elections : Deputy Chief Minister
Deputy Chief Minister supports Rahul Gandhi’s campaignDeputy Chief Minister Mukesh Agnihotri said today that in the present times, it is the collective responsibility of every citizen to protect democracy while ensuring authenticity of voter list and fair elections. Fully supporting the demand for ‘Digital Voter List’ initiated by senior Congress Party leader Rahul Gandhi, the Deputy Chief Minister said that it is not just a political issue but a resolution to protect the Constitution of the country, ensure transparency and solidify the unwavering faith of the public.Sh. Agnihotri said that any kind of disturbance in the election processes, vote theft or manipulation of the voter list weakens the roots of democracy. Digital voter list will increase transparency, accountability and trust of citizens in the democratic processes.He appealed to the citizens of the state to strengthen democracy further by becoming a part of this campaign. For the support, people could register themselves by visiting www.votechori.in/ecdemand or by giving a missed call on 9650003420.Sh. Agnihotri said that this is not a fight of any one party but of the entire country and participation of every citizen is necessary in it. He expressed confidence that this movement will take a big step towards fair and transparent elections in the country.-0-
Hindi
शिमला,12 अगस्त, 2025
लोकतंत्र की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव के लिए डिजिटल वोटर लिस्ट की मांग राहुल गांधी के अभियान को समर्थन: उप-मुख्यमंत्री
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान समय में लोकतंत्र की रक्षा, मतदाता सूची की शुचिता और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी द्वारा शुरू की गई ‘‘डिजिटल वोटर लिस्ट’’ की मांग का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि देश के संविधान, पारदर्शिता और जनता के अटूट विश्वास की रक्षा का संकल्प है।उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, वोट चोरी या मतदाता सूची में हेरफेर लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करता है। डिजिटल वोटर लिस्ट से पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा।उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील की कि वे इस मुहिम का हिस्सा बनकर लोकतंत्र को और मजबूत करें। इसके लिए votechori.in/ecdemand पर जाकर अथवा 9650003420 पर मिस्ड कॉल देकर अपना समर्थन दर्ज करा सकते हैं।उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक दल की नहीं बल्कि पूरे देश की है, और इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आंदोलन से देश में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल का आरंभ होगा। .0.
प्रेस नोट HRTC
एचआरटीसी के चालक व परिचालकों को 2 करोड़ रुपये का ओटीए-एनओटीए राशि जारीः उप-मुख्यमंत्री
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की चालक यूनियन की हाल ही में हुई बैठक में यूनियन की मांगों पर विचार करते हुए कई अहम निर्णय तत्काल लागू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चालकों व परिचालकों को एक माह का ओवर टाईम भत्ता और रात्रि ओवर टाईम भत्तों (ओटीए-एनओटीए) के लिए दो करोड़ रुपये इस माह जारी कर दिए हैं। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनकी समस्याओं का समाधान समयबद्ध सुनिश्चित किया जाएगा। मुकेश अग्निहोत्री ने पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में तीन स्कूली बच्चों के अगवा होने पर 24 घंटे के अंदर अपहरणकर्ता को पकड़कर बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप देने का कार्य सराहनीय है। .0.
राजीव गांधी वन संवर्धन योजना से पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा : उपमुख्यमंत्री
10 अगस्त।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और वन प्रबंधन में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी वन संवर्धन योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य पंजीकृत सामुदायिक संगठनों को वनीकरण गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत बंजर भूमि पर फलदार पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण को संवारने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने क्षेत्र के सभी महिला मंडलों से इस योजना से जुड़ने का आह्वान किया।वे रविवार को ऊना जिले के हरोली में जलशक्ति विभाग के निर्माणाधीन विश्राम गृह के परिसर में आयोजित 76वें वन महोत्सव के अवसर पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में अर्जुन का पौधा लगाया।उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत समूहों को 1 से 5 हेक्टेयर बंजर वन भूमि पर फलदार वृक्ष लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ये समूह पांच वर्षों तक वृक्षारोपण के रखरखाव के लिए भी ज़िम्मेदार होंगे। प्रति हेक्टेयर वृक्षारोपण पर प्रत्येक समूह को 1.20 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी, जबकि एक हेक्टेयर से कम भूमि होने पर सहायता राशि अनुपातिक होगी। पौधों की जीवित रहने की दर के आधार पर समूह को प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। पौधों के 50 प्रतिशत से अधिक सर्वाइवल पर अतिरिक्त 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी मजबूती आएगी। वन विभाग ने पंडोगा में इस योजना की शुरुआत की है। उपमुख्यमंत्री ने विभाग को अन्य पंचायतों में भी इसे गति देने को कहा।वहीं, उन्होंने जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को विश्राम गृह के कार्य को 15 दिसंबर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए और उससे पूर्व परिसर में वन विभाग के सहयोग से योजनाबद्ध पौधारोपण करने को कहा।
ऊना में पहली बार हुई बड़े प्रजाति के पेड़ों की गणना और जियो टैगिंग
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बड़े प्रजाति के पेड़ों को कटने से बचाने के लिए कटिबद्ध है। इसी दृष्टि से ऊना जिले में पहली बार आम, बरगद और पीपल के पेड़ों की गिनती करवाई गई है। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 46,425 बड़े पेड़ हैं, जिनमें 40,827 आम, 3,538 पीपल और 2,060 बरगद के पेड़ शामिल हैं। इन सभी की जियो टैगिंग कर दी गई है, जिससे अवैध कटान रोकने में मदद मिलेगी। हरोली विधानसभा क्षेत्र में आम के 12,639, पीपल के 631 और बरगद के 242 पेड़ हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि फोकस इन प्रजातियों के संरक्षण और विस्तार पर है और इसके लिए पूरे समाज को मिलकर कार्य करना होगा।*वनीकरण पर जोर, लगाए जाएंगे 2.78 लाख पौधे*श्री अग्निहोत्री ने कहा कि इस वर्ष ऊना जिले में 2.78 लाख पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिले में भौगोलिक रूप से वन क्षेत्र कम है। जिले में कुल वन भूमि केवल 21,000 हेक्टेयर है और हरोली में वन घनत्व अपेक्षाकृत सबसे कम है। इसे बढ़ाने के लिए वन विभाग को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग की बायोडायवर्सिटी योजना के तहत हरोली में 20 हजार खैर के पौधे भू-मालिकों को मुफ्त आबंटित किए गए हैं। इसके अलावा बरगद, पीपल शमी और बिल प्रजाति के 831 पौधे भी लगाए गए हैं।
हरोली में विकास का निर्णायक दौर, बल्क ड्रग पार्क के 900 करोड़ के टेंडर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र निर्णायक विकास के दौर से गुजर रहा है। बल्क ड्रग पार्क के विभिन्न कार्यों के लिए 900 करोड़ रुपये के टेंडर किए जा चुके हैं। इस परियोजना के माध्यम से भारत की एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स आपूर्ति में चीन पर निर्भरता समाप्त होगी और देश की औषधीय आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। यह देश में स्थापित हो रही तीन राष्ट्रीय बल्क ड्रग पार्क परियोजनाओं में से एक है और इसके ऊना में स्थापित होने से हिमाचल को फार्मा सेक्टर में वैश्विक पहचान मिलेगी। परियोजना में भविष्य में लगभग 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है और 10,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।श्री अग्निहोत्री ने बताया कि डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय डिग्री कॉलेज हरोली को स्टेट-ऑफ-द-आर्ट संस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस शैक्षणिक सत्र से एमए और विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए गए हैं। मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, ललित कलाओं और संगीत के साथ-साथ व्यावसायिक कोर्स की कक्षाएं भी शुरू की गई हैं। भविष्य में इसमें एनसीसी की सुविधा भी जोड़ी जाएगी।वहीं, हरोली के रोड़ा में 10 करोड़ रुपये की लागत से सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, जिसे केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है। यह ट्रैक न केवल ऊना बल्कि आसपास के जिलों के खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण का अवसर देगा। इसके अलावा 13 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का निर्माण, साथ ही ट्रांसपोर्ट पार्क और वाहन परीक्षण केंद्र भी विकसित किए जा रहे हैं। क्षेत्र में सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य तेज गति से जारी हैं।
सहकारी क्षेत्र में नई पहचान
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी क्षेत्र के संस्थान के तौर पर हिमकैप्स बड़ी पहचान बना चुका है और अब यहां आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से यह पहचान और निखरेगी। सहकारी क्षेत्र का यह प्रतिष्ठित संस्थान पहले से ही हरोली के बढेड़ा में लॉ कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज का सफल संचालन कर रहा है और अब आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान स्थापित करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरोली सहकारी क्रांति का जनक रहा है, पंजावर के मियां हीरा सिंह ने सहकारी क्रांति की अलख जगाई थी। उनके नाम पर पंजावर में एक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण किया जा रहा है।
विकास बाधकों पर साधा निशाना
श्री अग्निहोत्री ने विकास बाधकों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनका हरोली के विकास में रत्ती भर का योगदान नहीं है, वे चंद लोग नुक्ताचीनी करते घूम रहे हैं और विकास रोकने की साजिशों में लगे हैं। उन्होंने खुद को हरोली का कस्टोडियन बताते हुए कहा कि यहां के विकास के लिए जो करना होगा, वे जन सहयोग से करके रहेंगे। उन्होंने कहा कि आलोचना करने वालों से विकास के इरादे विचलित नहीं होते।कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, अशोक ठाकुर, धर्म सिंह चौधरी, प्रमोद कुमार, जसपाल जस्सा, संदीप अग्निहोत्री, नगनोली के प्रधान मेहताब सिंह, बाथू की प्रधान सुरेखा राणा, कांगड़ की प्रधान नीलम कुमारी, हरोली की प्रधान रमन कुमारी, पूर्व सैनिक लीग के जिला प्रधान कैप्टन शक्तिचंद, हिमकैप्स संस्था के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह, हरोली यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष शुभम सहित, विभिन्न विभागों अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।.0.
परिवहन सेवाओं का हो रहा आधुनिकीकरण, प्रदेश सरकार जनता को दे रही विश्वसनीय परिवहन सुविधाः मुकेश अग्निहोत्री
एचआरटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 1000 नई बसें
प्रदेश सरकार लोगों को गुणवत्तायुक्त, समयबद्ध और आधुनिक परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाते हुए 1000 नई बसों को चरणबद्ध रूप से निगम में शामिल किया जाएगा। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि 24 नई वोल्वो बसें एचआरटीसी बेड़े में शामिल हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 327 इलेक्ट्रिक बसें (297 टाईप-1 व 30 टाईप-3), 250 डीजल बसें और 100 मिनी बसों की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है। 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए आपूर्ति आदेश कर दिए गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए 37 से 42 सीटर क्षमता की छोटी और सुविधाजनक बसों की खरीद को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि दूरदराज़ और दुर्गम क्षेत्रों में भी परिवहन सेवाएं सुगमता से प्रदान की जा सकें। इसके अलावा 500 और ई-बसें खरीदी जाएंगीं। वर्तमान में निगम लगभग 3200 बसों का संचालन करती है। प्रदेश की वर्तमान सरकार द्वारा पहली बार 1000 बसों का फ्लीट बदला जा रहा है इससे पहले किसी भी सरकार में ऐसा नहीं हुआ है। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़कों को जनता की भाग्य रेखाएं भी कहा जाता है। एचआरटीसी इन पर जीवन रेखा की तरह कार्य कर रही है। प्रतिदिन लाखों यात्री एचआरटीसी की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। निगम राज्य के कोने-कोने तक अपनी पहुंच बनाकर जनता को सुविधा प्रदान कर रही है। मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि एचआरटीसी घाटे वाले रूटों पर भी जनता की सुविधा के दृष्टिगत परिवहन सेवा प्रदान कर सामाजिक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश, सरकार निगम को हरसंभव सहायता व सहयोग प्रदान कर रही है। निगम को एक स्वतंत्र, सशक्त और आत्मनिर्भर उपक्रम के रूप में विकसित करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर बल देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए लगभग 110 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इलेक्ट्रिक बसों की खरीद में प्रदेश सरकार की सीधी भागीदारी है, जबकि डीजल बसों की खरीद एचआरटीसी अपने संसाधनों से कर रही है। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए निगम द्वारा 100 मिनी बसें खरीदी जा रही हैं। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी को एक सशक्त और आत्मनिर्भर उपक्रम के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर दृढ़ व दक्ष प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश की परिवहन सेवाएं देशभर में एक मिसाल बन सकें।
English
No. 912/2025-PUB SHIMLA 6 August, 2025
Government to strengthen HRTC with more buses and better services: Mukesh Agnihotri • HRTC fleet to get 1,000 new buses
The State Government was taking concrete steps to modernize and strengthen public transport infrastructure in the state. In a major initiative, 1,000 new buses would be added to the fleet of Himachal Road Transport Corporation (HRTC) in a phased manner to enhance services and improve connectivity across the state. Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri informed that 24 new Volvo buses have already been inducted into the HRTC fleet. Additionally, the procurement process was underway for 327 electric buses (including 297 Type-1 and 30 Type-3), 250 diesel buses and 100 mini-buses. Supply orders for 297 electric buses have already been issued. Plans were afoot to procure 500 more electric buses which would further boost the green mobility initiative in the state. Sh. Agnihotri said that keeping in view the challenging terrain of the state, priority was being given to acquiring smaller and more accessible buses with seating capacities ranging from 37 to 42 seats. These buses would enable the Corporation to extend its services more effectively to far-flung and remote areas. Presently, HRTC operates a fleet of approximately 3,200 buses. For the first time in the history of the state, government was replacing as many as 1,000 buses, a milestone unmatched by any previous administration, said Sh. Agnihotri. The large-scale addition of high-quality buses would not only enhance the operational capacity of HRTC but also bring greater convenience and comfort to passengers. The Deputy Chief Minister said that in a hill state like Himachal Pradesh, roads were considered the lifelines of the people and HRTC serves as a vital link across these lifelines. Every day, lakhs of passengers rely on its services and the Corporation was ensuring connectivity even in the most remote and difficult regions. Mukesh Agnihotri said that HRTC continues to operate on loss-making routes, upholding its commitment to public service. He said the State Government was extending all possible support to the Corporation and was working towards developing it as an independent, efficient and self-reliant entity. He said that the government was committed to environmental protection, and around Rs. 110 crore has been approved for establishing electric charging stations across the state. While the procurement of electric buses was being undertaken directly by the government, HRTC was financing the purchase of diesel buses through its own resources. To ensure last-mile connectivity in difficult terrain, 100 mini-buses were also being procured, said Sh. Agnihotri. These would play a critical role in reaching underserved areas and strengthening rural transport infrastructure and serve as benchmark for other states across the country. -0-
मुख्यमंत्री तथा उप-मुख्यमंत्री ने राज कुमार नेगी के निधन पर शोक व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू तथा उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 59वीं वाहिनी आईटीबीपी भालुकपोंग (अरुणाचल प्रदेश) में तैनात रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत करालश निवासी एएसआई राज कुमार नेगी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। राज कुमार नेगी देश सेवा के दौरान उच्च ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र में अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे। उनका डोरिका अस्पताल में ईलाज के दौरान निधन हो गया। उन्होंने कहा कि राज्य ने एक बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ सपूत खोया है। उनका असमय जाना अत्यंत दुःखद और अपूरणीय क्षति है। उनकी वीरता, निष्ठा और सेवा भावना को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। .0.
English
No. 900/2025-PUB SHIMLA 3 August, 2025
Chief Minister and Deputy Chief Minister condole demise of Raj Kumar Negi
Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu and Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri have condoled the demise of ASI Raj Kumar Negi, a resident of Gram Panchayat Karalash of Rohru Assembly Constituency, posted in 59th Battalion ITBP Bhalukpong (Arunachal Pradesh). Raj Kumar Negi was performing his duty in a high altitude inaccessible area during his service to the country. He died during treatment at Dorika Hospital.
They said that the state has lost a brave soldier. His valor, loyalty and service spirit will always be remembered. They prayed to the Almighty to grant peace to the departed soul and strength to the bereaved family to bear this irreparable loss. .0.
उप मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से एचआरटीसी चालक यूनियन का आंदोलन समाप्त
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ हुई महत्त्वपूर्ण बैठक के पश्चात लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्षरत हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) चालक यूनियन ने मंगलवार देर शाम को अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। यह बैठक उप-मुख्यमंत्री के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें दो घंटे तक व्यापक चर्चा के बाद यूनियन की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।बैठक में लंबित मांगों को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए यूनियन प्रतिनिधियों ने सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की। उप-मुख्यमंत्री ने इस पर गंभीरता से विचार करते हुए त्वरित निर्णय लिए जिससे आश्वस्त होकर युनियन ने यह निर्णय लिया।प्रदेश सरकार द्वारा यूनियन की प्रमुख मांगों पर लिए गए निर्णयों में, एचआरटीसी के वरिष्ठतम चालकों में से 205 चालकों को बिना किसी वित्तीय लाभ के ‘नामित वरिष्ठ चालक’ का दर्जा प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही, पिछले छह माह से लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि शीघ्र जारी करने का निर्णय लिया गया है। स्टाफ को दो यूनिफार्म सेट देने पर भी सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, दो लंबित रात्रिकालीन ओवरटाइम भत्तों (नाइट ओवरटाइम अलाउंस) में से एक को जुलाई माह के वेतन के साथ तथा एक को अगस्त माह के वेतन के साथ जारी करने पर सहमति बनी।पेंशनरों के हित में भी प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए एचआरटीसी को 150 करोड़ रुपये का ऋण लेने की स्वीकृति दी है, जो राज्य सरकार की गारंटी पर सरकारी बैंक से लिया जाएगा। इस ऋण पर ब्याज का भुगतान हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा किया जाएगा। यह प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति के उपरांत प्रभावी होगा।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है तथा उनके न्यायोचित हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।इस बैठक में प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल, वरिष्ठ अधिकारी व एचआरटीसी की ड्राइवर यूनियन के प्रधान मान सिंह ठाकुर और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।.0.
Engligh
SHIMLA 30 July, 2025
HRTC Driver’s Union calls off strike following intervention by Deputy Chief Minister The long-standing strike by the HRTC Drivers’ Union over various demands came to an end late Tuesday evening after a meeting with Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri. The meeting, held at Shri Agnihotri’s residence and led to a consensus on the union’s key demands.During the meeting, the union representatives elaborated on their long-pending demands and urged the government for their early resolution. Considering the seriousness of the issue the Deputy Chief Minister took prompt decisions, which helped create an atmosphere of trust and satisfaction among the employees.Among the major decisions taken by the government was the approval to designate 205 senior-most drivers of HRTC as “Designated Senior Drivers” (without any financial benefit). Additionally, it was decided that the long-pending medical reimbursement claims from the past six months would be released shortly. The staff would also be provided with two uniform sets. Moreover, of the two pending installments of night overtime allowance, one would be disbursed with the July salary and the second with the August salary.In a significant decision benefiting pensioners, the government has approved a loan of Rs.150 crore to HRTC. This loan would be obtained from a government bank with a guarantee from the state government and the interest on the loan would be paid by the Himachal Government. This proposal would come into effect following approval from the State Cabinet.Mukesh Agnihotri said that the state government was sensitive to the concerns of employees and pensioners and committed to protecting their legitimate interests. He assured that employee issues would continue to be resolved in a timely manner in the future as well.Managing Director HRTC Dr. Nipun Jindal, other officials and the president of the HRTC Driver’s Union Man Singh Thakur along with other union members were present in the meeting.-0-