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बद्दी में 20 करोड़ रुपए से स्थापित किया जा रहा ऑटोमैटिक टेस्टिंग एवं प्रमाणीकरण केन्द्र – मुकेश अग्निहोत्री

निर्माणाधीन स्थल का किया निरीक्षण, अधिकारियों को जारी किए उचित दिशा निर्देश उप मुख्यमंत्री

मुकेश अग्निहोत्री ने आज सोलन ज़िला के बद्दी में वाहनों की फिटनेस के लिए निर्माणाधीन ऑटोमैटिक टेस्टिंग एवं प्रमाणीकरण केन्द्र स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश जारी किए। मुकेश अग्निहोत्री ने इस अवसर पर कहा कि बद्दी में लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से यह ऑटोमैटिक टेस्टिंग एवं प्रमाणीकरण केन्द्र स्थापित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस केन्द्र की स्थापना से जहां वाहनों की फिटनेस जांचने में सुविधा मिलेगी वहीं दीर्घावधि में वायु प्रदूषण भी कम होगा।उन्होंने कहा कि यह केन्द्र लगभग 63 बीघा भूमि पर निर्मित किया जा रहा है। यह केन्द्र समूचे क्षेत्र के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बद्दी में निर्माणाधीन ऑटोमैटिक टेस्टिंग एवं प्रमाणीकरण केन्द्र में शीघ्र ही मशीनरी स्थापित करने का कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ज़िला हमीरपुर के नादौन में प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा तथा ज़िला ऊना के हरोली में हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा ऑटोमैटिक टेस्टिंग एवं प्रमाणीकरण केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी निजी संस्थानों द्वारा ऑटोमैटिक टेस्टिंग एवं प्रमाणीकरण केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों की स्थापना का उद्देश्य वाहनों की पासिंग को स्वचालित बनाकर समय तथा धन की बचत के साथ-साथ कार्य में सुगमता लाना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय की मांग के अनुरूप इन केन्द्रों में ड्राईविंग टैªनिंग स्कूल, ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर, स्क्रेपिंग यूनिट इत्यादि सुविधाएं स्थापित करने पर कार्य किया जा रहा है।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में 50 वर्ष पहले की गाड़ियों को विन्टिज की श्रेणी में लाने की कार्य योजना बनाई जा रही है।दून के विधायक राम कुमार चौधरी, नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, नगर परिषद बद्दी के पूर्व अध्यक्ष सुरजीत चौधरी, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोनाक्षी सिंह तोमर, उपमण्डलाधिकारी बद्दी संजीव धीमान, पुलिस उपाधीक्षक बद्दी अशोक वर्मा, हिमाचल पथ परिवहन निमग के क्षेत्रीय प्रबंधक नालागढ़ अखिल अग्निहोत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।.0.

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14 जनवरी 2026

उपमुख्यमंत्री ने किया इलेक्ट्रिक प्रोटोटाईप बस का निरीक्षण

एच.आर.टी.सी. के बेड़े में शामिल होने जा रहीं नई 297 ईलेक्ट्रिक बसों के हिमाचल आने से पहले निगम प्रबंधन ट्रायल के लिए आई एक इलैक्ट्रिक बस (प्रोटोटाईप) का निरीक्षण बुधवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने इलैक्ट्रिक बस (प्रोटोटाईप) के अंदर कुछ बदलाव करने के दिशा निर्देश कंपनी के प्रतिनिधियों के दिए है। 08 जनवरी से इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल चल रहा है। पहले दिन सोलन से अर्की वाया मांजू, दूसरे दिन सोलन से सराहा वाया नारग, तीसरे दिन शिमला से गिरीपुल वाया कुफरी चायल, चौथे दिन शिमला से जयनगर वाया शालाघाट और पांचवे दिन शिमला से घड़काहन वाया मशोबरा का ट्रायल किया गया।


प्रोटोटाईप बस में 80 फीसदी बैटरी के साथ 180 किलोमीटर की दूरी तय करने की क्षमता है। इस ट्रायल के बाद प्रबंधन कंपनी को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके देगा जिसमें बस के भीतर किए जाने वाले सुधारों के बारे में जानकारी होगी। उसी के मुताबिक कंपनी नई इलेक्ट्रिक बसों को निर्माण करेगा। हैदराबाद की आलेक्ट्रा कपंनी ने प्रोटोटाईप बस ट्रायल के लिए भेजी है। इस कपंनी की बस रोहतांग पर पिछले दस वर्षो से चल रही है।
इस मौके पर एचआरटीसी के एमडी डॉ निपुण जिंदल भी मौजूद रहे।


डी.एम. शिमला देवासेन नेगी ने बताया कि वह स्वयं बस का ट्रायल ले रहे हैं। बस अच्छा परफॉर्मेंस दे रही है। आज उप मुख्यमंत्री ने स्व्य ट्रायल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों को कुछ दिशा निर्देश भी दिए है।
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पंडोगा में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर से ऊना में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

ऊना, 13 जनवरी.

ऊना जिले के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित करने को मंजूरी प्रदान की है। यह टेक्नोलॉजी सेंटर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से पंडोगा स्थित कम्युनिटी सेंटर भवन में स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा परवाणू में भी टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित करने की मंजूरी मिली है।

टेक्नोलॉजी सेंटर्स से प्रदेश में उद्योगों को मिलेगी ताकत : उपमुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर्स की स्वीकृति हिमाचल प्रदेश में उद्योगों को मजबूत करने की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय ने देशभर में 13 नए टेक्नोलॉजी सेंटर-एक्सटेंशन सेंटर स्थापित करने को लेकर कार्यालय ज्ञापन जारी किया है, जिनमें पंडोगा और परवाणू को भी शामिल किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन टेक्नोलॉजी सेंटर्स के स्थापित होने से राज्य में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे उद्योगों को आधुनिक तकनीकी सहयोग मिलेगा, औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि इन केंद्रों से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और एमएसएमई इकाइयों की गुणवत्ता व प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पंडोगा और परवाणू दोनों टेक्नोलॉजी सेंटर एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर लुधियाना के अधीन संचालित व मार्गदर्शित होंगे, जिससे प्रशिक्षण और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित रहेगी।

क्वालिटी टेस्टिंग, एआई लैब और तकनीकी मार्गदर्शन सहित मिलेंगी अनेक सुविधाएं : संयुक्त निदेशक उद्योग
वहीं, उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक ऊना, अंशुल धीमन ने बताया कि टेक्नोलॉजी सेंटर्स स्थापित होने से उद्योगों को क्वालिटी टेस्टिंग, डिजाइनिंग, आधुनिक मशीनरी, तकनीकी मार्गदर्शन सहित कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि सेंटर से टूल एंड डाई मेकिंग एंड रिपेयर तथा प्रोडक्ट डेवलपमेंट में भी सहायता मिलेगी। इसके अलावा यहां कैड-कैम तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई)लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
यहां स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी सेवाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके तहत एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक तकनीक तक पहुंच सुनिश्चित होगी तथा युवाओं को ऑनलाइन व वर्चुअल माध्यम से भी प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। सेंटर के माध्यम से उत्पाद एवं प्रक्रिया डिजाइन से संबंधित परामर्श, उद्यमिता विकास तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
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उपमुख्यमंत्री ने ठठल में यूको बैंक की नवीकृत शाखा का उद्घाटन किया
बोले..गरीबों की सेवा और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें बैंक
कहा…श्रीमती इंदिरा गांधी की दूरदर्शिता से मजबूत हुई देश की बैंकिंग व्यवस्था

श्री चिंतपूर्णी (ऊना), 3 जनवरी. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ठठल में यूको बैंक की नवीकृत शाखा परिसर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, यूको बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी कुमार, उपायुक्त ऊना जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक अमित यादव, यूको बैंक के धर्मशाला अंचल प्रमुख कमल शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने बैंकों से गरीब, जरूरतमंद एवं कमजोर वर्ग की सेवा और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक मजबूरी में ऋण चुकाने में असमर्थ व्यक्ति के साथ डराने-धमकाने के बजाय संवेदनशील, मानवीय एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
श्री अग्निहोत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की दूरदर्शिता को स्मरण करते हुए कहा कि बैंकों के राष्ट्रीयकरण से देश की बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ हुई और आम जनता की जमा पूंजी सुरक्षित हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयकरण ने बैंकिंग सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने लोगों से धन को दोगुना करने जैसे प्रलोभनों से सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा कि गलत स्थानों पर निवेश करने से लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बीते वर्षों के दौरान क्रिप्टो करेंसी से जुड़े कई धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं, जिससे आमजन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
उपमुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि हिमाचल प्रदेश में यूको बैंक लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 200 शाखाओं के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने बताया कि ठठल स्थित यूको बैंक शाखा का कारोबार लगभग 130 करोड़ रुपये का है और नवीकृत शाखा परिसर से क्षेत्रवासियों को आधुनिक, सुगम एवं बेहतर बैंकिंग सुविधाएं प्राप्त होंगी।

माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य भवन निर्माण को मिलेगी गति

उपमुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत विधायक सुदर्शन सिंह बबलू की सराहना की। उन्होंने उपायुक्त ऊना को निर्देश दिए कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य भवन निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य आरंभ करवाया जाए। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के प्रथम चरण में लगभग 150 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में श्री चिंतपूर्णी में नया बस अड्डा भी निर्मित किया जाएगा तथा विधायक की मांग के अनुरूप अन्य विकास कार्य भी सुनिश्चित किए जाएंगे।
इस अवसर पर यूको बैंक की ओर से स्कूली बच्चों को बैग वितरित किए गए तथा जनसुविधा की दृष्टि से उपमंडल प्रशासन को दो व्हीलचेयर भी भेंट की गईं।

श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में जल योजनाओं पर 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे : सुदर्शन बबलू

विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए हाल ही में स्वीकृत 12 करोड़ रुपये की राशि के लिए उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ठठल पंचायत में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से पुरानी पेयजल पाइप लाइनों को बदलने तथा नई पाइप लाइनें बिछाने का कार्य पूर्ण किया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर एवं सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित हुई है।
विधायक ने यूको बैंक की नवीकृत शाखा के उद्घाटन के लिए भी उपमुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने बैंक शाखा के साथ अपने पुराने संबंधों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत यहीं से मात्र एक लाख रुपये का ऋण लेकर की थी। आज उनकी दो फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जिनका वार्षिक कारोबार लगभग 50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है तथा वे प्रत्यक्ष रूप से करीब 200 लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा रहे हैं।

बैंक की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं लोग : अश्वनी कुमार

इस अवसर पर यूको बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी कुमार ने केंद्र एवं राज्य सरकार तथा बैंक की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की उन्नति का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वित्तीय प्रणाली में पड़ी निष्क्रिय अथवा अप्राप्त पूंजी को नागरिकों तक शीघ्र पहुंचाने के उद्देश्य से ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।
बैंक के धर्मशाला अंचल प्रमुख कमल शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने का संदेश दिया।

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ऊना जिले में चले हैं पेयजल-सिंचाई-तटीकारण के 1 हजार करोड़ के काम : मुकेश अग्निहोत्री
उपमुख्यमंत्री ने 4.15 करोड़ की उठाऊ पेयजल योजना बेहड़ जस्वां का किया लोकार्पण

श्री चिंतपूर्णी (ऊना), 3 जनवरी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को ऊना जिले के श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बेहड़ जस्वां में 4.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ पेयजल योजना का विधिवत लोकार्पण किया। इस महत्वाकांक्षी योजना से बेहड़ जस्वां एवं त्याई पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सात गांवों की लगभग 2700 की आबादी को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। इस योजना से लाभान्वित होने वाले गांवों में बागड़ू, घुंगराला, लडयाल चूक, बसूनी, धार गुजरां, त्याई तथा गिड़गिड़ शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि इस महत्वाकांक्षी पेयजल योजना का नाम क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी एवं वर्ष 1977 तथा 1982 में श्री चिंतपूर्णी के विधायक रहे स्वर्गीय हंसराज अकरोट के नाम पर रखा जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय हंसराज अकरोट ने समाज सेवा और क्षेत्रीय विकास के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया, जिसे भावी पीढ़ियों तक स्मरणीय बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इस संबंध में स्थानीय विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने आग्रह किया था।

श्री अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना जिले में पेयजल-सिंचाई-तटीकारण के 1 हजार करोड़ के काम किए जा रहे हैं। बीते 3 साल में श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ के काम पूरे करके जनता को समर्पित किए जा चुके हैं और आगे जल शक्ति विभाग के लगभग 100 करोड़ के ही और विकास के काम अंतिम चरण में हैं। उन्हें अगले 1 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इनमें 16 करोड़ की लागत से श्री चिंतपूर्णी में सीवरेज सिस्टम, 12 करोड़ से श्री चिंतपूर्णी में पेयजल योजना, 16 करोड़ से सोहारी टकोली पेयजल योजना, 6 करोड़ से अम्बेहड़ा धीरज पेयजल योजना, 8.5 करोड़ से अमरूत मिशन के तहत अम्ब में पेयजल योजना, 4 करोड़ से अम्ब में सीवरेज योजना, सलोई उठाऊ पेयजल योजना, 12 करोड़ से सोहारी टकोली में डैम से सिंचाई वितरण नेटवर्क, 12 करोड़ की नाबार्ड के तहत सिंचाई योजना तथा 7 करोड़ से अम्ब क्षेत्र में तटीकरण कार्य शामिल हैं।
उन्होंने श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से खेतों में ट्यूबवेलों के निर्माण एवं रखरखाव के लिए 1 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हर खेत को पानी और हर घर नल से जल उनकी सरकार का एजेंडा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सार्वजनिक स्थलों तक समुचित पेयजल आपूर्ति पहुंचे, ताकि स्कूलों, श्मशान घाटों सहित अन्य सार्वजनिक संस्थानों में निर्बाध जल सुविधा उपलब्ध हो सके।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। विकास ही एकमात्र मूल मंत्र है। साथ ही गरीब की सेवा और जनता के साथ मेल मिलाप ही विधायक को सदाबहार बनाए रखता है। उन्होने कहा कि ऊना जिला माता श्री चिंतपूर्णी जी के नाम से जाना जाता है और पूरे देश और विश्व में लोगों की माता श्री चिंतपूर्णी धाम में धार्मिक मान्यता और आस्था है।
विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने विकास की सौगातों के लिए जताया आभार
अंब विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने प्रदेश सरकार द्वारा बीते तीन वर्षों में जल शक्ति विभाग के 100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को पूर्ण करने पर मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की दूरदर्शी नीतियों और मजबूत नेतृत्व के चलते अंब क्षेत्र में विकास को नई दिशा मिली है। आने वाले समय में अंब विधानसभा क्षेत्र में अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिनसे क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को और सुदृढ़ किया जाएगा जिससे आम जनता को सीधा लाभ पहुंचेगा।
इसके अलावा जल शक्ति विभाग की माता का बाग योजना पर करीब 4.5 करोड़ व्यय किए जाएंगे। श्री चिंतपूर्णी में करीब 23 करोड़ से सीवरेज योजना का काम किया जाएगा। अंब अस्पताल में 9.50 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ओपीडी ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए पहली किश्त के रूप में 3.50 करोड़ रुपये जारी करने पर विधायक ने उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे अंब और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मरीजों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा।
इस अवसर पर पंचायत समिति सदस्य राजपाल शर्मा ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए गावं की मांगे उनके समक्ष रखी।
इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रविंद्र शर्मा, पंचायत समिति सदस्य राजपाल शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
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*विकास के हर मोर्चे पर बदली हरोली की तस्वीर : उपमुख्यमंत्री*

ऊना, 28 दिसंबर.

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जिस हरोली ने कभी पानी, बिजली और सड़कों की कमी का लंबा दौर देखा, वही हरोली आज विकास के निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई और बुनियादी ढांचे में हुए ठोस कार्यों से हर मोर्चे पर क्षेत्र की तस्वीर बदली है और आज हरोली के बच्चे सुरक्षित एवं सुविधासंपन्न वातावरण में आगे बढ़ रहे हैं। यह परिवर्तन जन-आशीर्वाद और निरंतर सहयोग का प्रतिफल है।उपमुख्यमंत्री रविवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ललड़ी के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होते हुए बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अकादमिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। उपमुख्यमंत्री ने डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री फाउंडेशन की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 31 हजार रुपये देने की घोषणा की।उपमुख्यमंत्री ने स्कूल में 1.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित साइंस लैब को विद्यालय को हैंडओवर करने से संबंधित औपचारिकताएं अविलंब पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और स्कूल प्रधानाचार्य आपसी समन्वय से इस विषय का शीघ्र समाधान करें, ताकि भवन का उपयोग जल्द से जल्द विद्यार्थियों के हित में हो सके।

*नई पहचान, नई हरोली*

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने वाला यह क्षेत्र आज शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, सड़क और अधोसंरचना के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि आज जो हरोली आकार ले रही है, वह केवल वर्तमान की आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से विकसित की जा रही है।

*ललड़ी में 25 लाख से होगा श्री गुरु रविदास जी का मंदिर निर्माण* धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण व संरक्षण को प्राथमिकता

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ललड़ी में श्री गुरु रविदास जी के मंदिर निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। उन्होंने स्थानीय लोगों से आपसी सामंजस्य और सहयोग के साथ मंदिर निर्माण कार्य को पूर्ण करने का आग्रह किया।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ईसपुर में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से शीतला माता मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त बदसाली में श्री गुरु रविदास जी के मंदिर के लिए 75 लाख रुपये तथा सलोह में 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि बीटन कुटिया और सिद्ध बाबा जलंधरी मंदिर के लिए भी 25-25 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाई गई है।उन्होंने आगे बताया कि श्री गिड़गिड़ा साहिब में ट्यूबवेल तथा अमराली में श्री राधा स्वामी सत्संग भवन के लिए पानी के टैंक निर्माण को लेकर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को विशेष प्राथमिकता दे रही है।

*राजनीति से ऊपर है विकास की प्रतिबद्धता*

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकास ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें राजनीति से ऊपर उठकर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर हरोलीवासी के कार्य हों, यही उनकी प्रतिबद्धता है और इसी सोच के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।

*सड़कों और पुलों के निर्माण को मिली नई गति*

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जेजों मोड़ से टाहलीवाल चौक वाया भाई का मोड़ लिंक रोड के स्तरोन्नयन के लिए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि के तहत लगभग 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इस परियोजना के अंतर्गत 17.50 किलोमीटर सड़क का उन्नयन तथा पालकवाह, कांगड़ और बढ़ेड़ा में तीन पुलों का निर्माण किया जाएगा।इसके अतिरिक्त ललड़ी और चंदपुर में लगभग 5.50 करोड़ रुपये की लागत से पुलों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।*पेयजल व सिंचाई योजनाओं से बदली तस्वीर*उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाबद्ध प्रयासों के चलते कभी जल संकट से जूझने वाला बीत क्षेत्र आज पेयजल और सिंचाई दोनों सुविधाओं से संपन्न होकर नकदी फसलों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।उन्होंने बताया कि पोलियां में 50 लाख लीटर और दुलैहड़ में 25 लाख लीटर क्षमता के जल भंडारण टैंक तैयार किए गए हैं। अमराली में 25 मीटर ऊंचाई पर 25 लाख लीटर क्षमता का टैंक निर्माणाधीन है, जिसके नीचे कॉफी हाउस जैसी सुविधा विकसित की जाएगी। यह 24 करोड़ रुपये की परियोजना है।इसके अतिरिक्त 75 करोड़ रुपये की लागत से ‘बीत एरिया फेज-2’ उठाऊ पेयजल योजना पर कार्य जारी है, जिसके तहत स्वां नदी से पानी उठाकर बीत एवं पालकवाह क्षेत्र के 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से हरोली को 2027 तक शतप्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा से संपन्न बनाने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है।

*शिक्षा की लौ से जगमगा रहा हरोली*

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त और भविष्योन्मुखी ढांचागत विकास किया गया है। वर्तमान में क्षेत्र में 33 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, 3 सरकारी कॉलेज, 2 आईटीआई, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, ट्रिपल आईटीआई और केंद्रीय विद्यालय जैसी संस्थाएं कार्यरत हैं।उन्होंने बताया कि 150 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आईआईआईटी आज एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान के रूप में उभर चुका है, जबकि सलोह स्थित केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा रहती है। क्षेत्र में आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि कभी शिक्षा के लिहाज से पिछड़ा माना जाने वाला हरोली क्षेत्र आज शैक्षणिक उत्कृष्टता का उदाहरण बन चुका है और यहां की बेटियां डॉक्टर, वकील, न्यायाधीश और प्रशासनिक सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में स्थापित आधुनिक अस्पताल से क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं और यहां 15 चिकित्सकों की तैनाती की गई है। वहीं ललड़ी में बना अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय न केवल स्थानीय बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।*शिक्षक का सम्मान आवश्यक, तभी जीवन में सफलता*उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षकों के सम्मान का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन से ही जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से भी शिक्षकों के प्रति सम्मान रखने और छोटी-मोटी बातों या अनावश्यक शिकायतों में न उलझने की अपील की।उन्होंने समाज से बच्चों को नशे से दूर रखने का आह्वान करते हुए कहा कि नशे में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।विद्यालय के प्रधानाचार्य रिपुजीत सिंह ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए स्कूल की शैक्षणिक, खेल एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और नशा-निवारण गतिविधियों की जानकारी दी।कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद बिट्टू, कांग्रेस नेता अशोक ठाकुर, एसडीएम विशाल शर्मा, एसएमसी प्रधान शशिपाल, अन्य अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी, अभिभावकगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।.०.

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*सहकारिता एक भरोसा, टूटने नहीं देंगे – मुकेश अग्निहोत्री*

नाबार्ड द्वारा आज शिमला में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के सहकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें उप-मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुकेश अग्निहोत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता एक भरोसा है जिसको हम टूटने नहीं दे सकते। सरकार और सहकार मिलकर काम करेंगे और सहकारिता को हम कैसे आगे बढ़ाये इसके बारे में मंथन करने की ज़रूरत है। इसके अतिरिक्त, नई पीढ़ी को सहकारिता से कैसे जोड़ा जा सकता है इस विषय पर भी मंथन करना ज़रूरी है।उन्होंने कहा कि देश में जब-जब भी सहकारी की बात की जाएगी, तब-तब हिमाचल का नाम हमेशा लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि सहकारी के चैंपियन चाहे कोई भी राज्य बनने की कोशिश करें, लेकिन यह हकीकत है कि सहकारी का अलख हिमाचल प्रदेश ने जगाया है। हिमाचल प्रदेश में पहली सहकारी सोसाइटी बढेड़ा में पंजीकृत हुई थी। उन्होंने बताया की सहकारी का साम्राज्य बहुत बड़ा साम्राज्य है, जो लगभग सरकार के बराबर का है जिसका बजट भी सरकार के बजट के लगभग ही है।

*सहकारी बैंक है लोगों के विश्वास की पूंजी*

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा हमारे जितने भी सहकारी बैंक है उनका सोसाइटी के प्रति व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि हम कैसे अपनी सोसाइटी को आगे बढ़ा सके। यहाँ पर जो पूंजी है वो लोगों के विश्वास की पूंजी है, लोग अगर सोसाइटी पर पैसा लगाते है तो एक विश्वास पर पैसा लगाते है और किसी भी स्थिति में यह विश्वास हमारा हमेशा कायम रहना चाहिए। हिमाचल ने सहकारिता के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। भुट्टिको की बात करें तो उसके उत्पाद आज देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। देश के प्रधानमंत्री भी कुल्लवी टोपी पहनते हैं और जब प्रधानमंत्री विदेश में राष्ट्र अध्यक्षों को सम्मानित करते हैं तो नाम हिमाचल का होता है। भुट्टिको ब्रांड की विश्वसनीयता कायम हो चुकी है।

*शिक्षा के क्षेत्र में भी सहकारिता का योगदान अतुलनीय*

उन्होंने बताया कि सहकारिता का शिक्षा के क्षेत्र में भी अतुलनीय योगदान है। शिक्षा के क्षेत्र में ऊना जिला में हिम कैप्स ने सहकारी जगत का पहला लॉ कॉलेज खोला है। उन्होंने बताया कि सहकारी का कोई मालिक नहीं, लेकिन समिति इस संस्था को बहुत सफलतापूर्वक तरीके से चला रही है, जिससे निकले वकील और जज आज सुप्रीम कोर्ट तथा हाई कोर्ट में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह एक बहुत बड़ी सफलता है। इसी संस्था ने नर्सिंग का संस्थान भी खोला है, जिससे निकली नर्स आज देश के कोने-कोने में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

*धारा 118 के तहत हिमाचलियों को छूट देने के लिए सेलेक्ट समिति के पास गया है बिल*

उन्होंने बताया कि डिजिटल दुनिया में हम प्रवेश कर रहे है और नाबार्ड उसका हमारा साथी है और इनके सहयोग से हमारी सारी सोसाइटी डिजिटल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि धारा 118 के तहत जिस सोसाइटी के पास जमीन नहीं है वहां पर वो प्रोजेक्ट नहीं आ सकते हैं। इसके लिए हमने कानून तैयार कर लिया था, जो विधान सभा में पेश भी हुआ था, जिसमें हमने कहा था कि जिस सोसाइटी के सारे निदेशक हिमाचली है उनको इससे छूट दी जाये ताकि जो मूल रूप से हिमाचली है उनको दिक्कत न आये और उनको अनुमति के लिए इधर-उधर न जाना पड़े, लेकिन वो बिल सेलेक्ट समिति को चला गया है, जिसका बजट सेशन तक कोई न कोई रास्ता निकल जाएगा।

*समितियों को पुनः सक्रिय करने की जरूरत* उन्होंने बताया कि काँगड़ा की चाय की सोसाइटी, लाहौल की आलू सोसाइटी, कुल्लू की हिम बुनकर सोसाइटी को पुनः सक्रिय करना समय की जरुरत है, जिसके लिए नाबार्ड को सोचना होगा कि इनको कैसे पुनर्जीवित किया जा सकता है। सरकार और सहकार कैसे इन्हे पुनः सक्रिय कर सकते हैं इस पर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल के नेटवर्क को आगे बढ़ाने में नाबार्ड प्रदेश सरकार का सहयोग कर रहा है, जिसके तहत लगभग 110 करोड़ रुपए की पूंजी जारी करने का फैसला किया है। इसके अतिरिक्त, दूध के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हुआ है। दूध की समितियां भी बनाई जा रही है जिसके तहत 900 समितियों का गठन किया जा चुका है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत लोग आना चाहते हैं जिसके तहत अगर कोई हिमाचली प्लांट लगाना चाहता है तो उसको 100 वाट तक स्वीकृति दी जा सकती है जिस पर सब्सिडी का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड का सड़कों, ट्रांसपोर्ट, सहकारिता, पानी आदि क्षेत्रों में पूरा सहयोग मिल रहा है जिसके लिए वह उनके आभारी हैं। *समय पर करें कोआपरेटिव बैंक से लिए हुए ऋण की अदायगी*उन्होंने कहा कि बहुत कुछ हुआ है हिमाचल प्रदेश में और बहुत कुछ करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि 20 लाख लोग सहकारिता क्षेत्र से जुड़े हैं और यह 50 हजार करोड़ रुपए का साम्राज्य है। इसको कैसे संभाल कर रखना है इस बारे में विचार करने की ज़रूरत है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि समय पर कोआपरेटिव बैंक से लिए हुए ऋण की अदायगी करें। सचिव सहकारिता विभाग सी. पालरासु ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन इस वर्ष किया गया, जिसमें मंथन शिविर, पौधरोपण, मैराथन और सहकारिता सम्मलेन इस कड़ी में समापन समारोह के रूप में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक है कि हम नकल न करें और क्षेत्र की जरूरत के अनुसार ही योजनाएं बनाये और उन्हें क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में युवाओं को जोड़ना जरूरी है ताकि आत्मनिर्भर भारत बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। इस दौरान क्षेत्रीय निदेशक, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया अनुपम किशोर ने भी अपने विचार साझा किये। मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डॉ विवेक पठानिया ने स्वागत सम्बोधन प्रस्तुत किया और नाबार्ड द्वारा क्रियान्वित की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर हिमफैड के अध्यक्ष महेश्वर चौहान, जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसाइटी डीसी नेगी, हिमाचल प्रदेश राज्य बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। -०-

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2027 तक देश का पहला शत-प्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा से संपन्न विधानसभा क्षेत्र होगा हरोली : उपमुख्यमंत्री

ऊना, 25 दिसंबर. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि साल 2027 तक हरोली देश का पहला ऐसा विधानसभा क्षेत्र बनेगा जहां हर घर-आंगन और हर खेत को पानी उपलब्ध होगा और पूरा क्षेत्र 100 प्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा से संपन्न होगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्षेत्र में योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध ढंग से निर्णायक कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समग्र और भविष्योन्मुखी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।
वे गुरुवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के सलोह स्थित बन बिहारी नंद ब्रह्मचारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने अकादमिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 31 हजार रुपये देने की घोषणा की।

शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य के समग्र विकास पर बल
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध ढंग से सीबीएसई पैटर्न पर विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही राजीव गांधी आदर्श राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल योजना के तहत आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल अधोसंरचना का समन्वय ही युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है। हरोली स्कूल को
राजीव गांधी आदर्श राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

रोड़ा में 10 करोड़ से बनेगा सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में हरोली विधानसभा क्षेत्र के रोड़ा गांव में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। यह ट्रैक क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को तराशने में सहायक होगा।

शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत आधार
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त और भविष्योन्मुखी ढांचागत विकास किया गया है। आज क्षेत्र में 32 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के अलावा 3 सरकारी कॉलेज, 2 आईटीआई, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, ट्रिपल आईटीआई तथा केंद्रीय विद्यालय जैसी संस्थाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री पीजी डिग्री कॉलेज हरोली कॉलेज के भवन का निर्माण 12 करोड़ रुपये की लागत से शीघ्र पूरा किया जाएगा, जबकि खड्ड कॉलेज में 13 करोड़ रुपये की लागत से इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य जारी है। खड्ड में डे-नाइट सुविधा युक्त फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण की दिशा में भी कार्य प्रगति पर है।

कभी पानी की किल्लत, आज पानी वाला हलका बना हरोली
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 75 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना बीत एरिया फेज-2 पर कार्य तीव्र गति से जारी है। इसके तहत स्वां नदी से पानी उठाकर पालकवाह में 11 लाख लीटर क्षमता के टैंक तक पहुंचाया जाएगा, जहां से 43 किलोमीटर मुख्य पाइपलाइन और 80 किलोमीटर वितरण प्रणाली के माध्यम से 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि फेज-1 के तहत 44 करोड़ रुपये की लागत से 18 नलकूपों के माध्यम से किसानों तक पानी पहुंचाने का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, जिससे बीत क्षेत्र आज नकदी फसलों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
इसके अलावा एमसीएडी कंपोनेंट के तहत 100 करोड़ रुपये की नई सिंचाई योजना स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत टाहलीवाल, हरोली और खड्ड, तीन क्लस्टरों में आधुनिक तकनीक से सिंचाई तंत्र को सशक्त किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 24 करोड़ रुपये की लागत से पूबोवाल, बालीवाल, हरोली और नगनोली में जल शक्ति विभाग की योजनाएं पूरी की गई हैं।

करोड़ों के विकास कार्य प्रगति पर
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हरोली के रोड़ा में 5 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटिक वाहन परीक्षण केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 8 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैफिक पार्क, 7 करोड़ रुपये से विश्राम गृह का निर्माण कार्य प्रगति पर है। रोड़ा में 13 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि हरोली में बस डिपो भी शीघ्र खोला जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर फोकस
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाए गए हैं। हरोली अस्पताल में 15 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए गए हैं। बीटन, कुंगड़त और दुलैहड़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा कुठार और बालीवाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में पूरे क्षेत्र में 35 डॉक्टर जनता की सेवा में कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि पीएचसी सलोह के निर्माण का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। इसके अलावा मलाहत में पीजीआई चंडीगढ़ का सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को उन्नत एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगी।

पूरी हरोली सीसीटीवी कवर्ड
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र प्रदेश का पहला ऐसा क्षेत्र बनेगा, जो पूरी तरह सीसीटीवी कवर्ड होगा। सभी प्रवेश द्वारों, मुख्य मार्गों, चौराहों, बाजारों और महत्वपूर्ण स्थलों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार चिट्टे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है। इसमें संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है और जन-जागरूकता के प्रयास भी निरंतर जारी हैं।

part-२

निराश्रित बच्चों के लिए सरकार ही परिवार
उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं या जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, उनके लिए राज्य सरकार माता-पिता की भूमिका निभा रही है। योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को 4000 रुपये मासिक पॉकेट मनी, कपड़ों का भत्ता और त्योहार भत्ता प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जिसने अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का कानूनी दर्जा दिया है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विक्रम बहादुर ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का विवरण दिया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक एवं देशभक्ति प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष रणजीत राणा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद बिट्टू, अशोक ठाकुर, एसएमसी प्रधान राजकुमार, ग्राम पंचायत सलोह की प्रधान अनीता जसवाल, सुभद्रा चौधरी, सुरेखा राणा, प्रमोद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इसके अलावा स्कूल स्टाफ, अभिभावकगण, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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हरोली निर्णायक विकास की राह पर, भविष्य की पीढ़ियों के लिए हो रहा सशक्त निर्माण : उपमुख्यमंत्री

ऊना, 23 दिसंबर.

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र आज निर्णायक विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ भविष्य और आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र का योजनाबद्ध और संतुलित विकास किया जा रहा है।वे मंगलवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पालकवाह के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम पालकवाह स्थित स्किल डेवलपमेंट सेंटर के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने अकादमिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए 31 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने स्कूल स्टेज एवं शेड निर्माण की मांग पर संबंधित विभाग को प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश देते हुए आश्वस्त किया कि इसके लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी।शिक्षा के क्षेत्र में निर्णायक बदलावश्री अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। एक समय शिक्षा के लिहाज से पिछड़ा माना जाने वाला यह क्षेत्र आज शैक्षणिक उत्कृष्टता का उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिन घरों में कभी निरक्षरता थी, आज वहीं की बेटियां डॉक्टर, वकील, न्यायाधीश और प्रशासनिक सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रही हैं। बढ़ेड़ा लॉ कॉलेज से निकले विद्यार्थी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे हैं, जबकि नर्सिंग संस्थानों की छात्राएं देश के नामी अस्पतालों में सेवाएं दे रही हैं।उन्होंने बताया कि 150 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आईआईआईटी आज एक प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में उभर चुका है, जहां देशभर से विद्यार्थी अध्ययन के लिए आ रहे हैं। सलोह स्थित केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा रहती है। पंडोगा और पूबोवाल में आईटीआई, हरोली, खड्ड और बीटन में कॉलेजों की स्थापना के साथ-साथ आधुनिक ऑडिटोरियम एवं खेल परिसरों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि अब विधानसभा क्षेत्र में आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

हरोली में 11 पुलों के निर्माण को 132 करोड़

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में कनेक्टिविटी के शेष मिसिंग लिंक को जोड़ने के लिए 11 पुलों के निर्माण के लिए 132 करोड़ रुपये के काम किए जा रहे हैं। इनमें 1.74 करोड़ रुपये की लागत से चंदपुर पुल, 1-1 करोड़ रुपये से ईसपुर-डेरा बाबा भर्तृहरि दमामियां खड्ड पुल, 1.60 करोड़ रुपये से गोंदपुर जयचंद खड्ड पुल, 3.82 करोड़ रुपये से चंदपुर खड्ड पुल, 4.64 करोड़ रुपये से हरोली खड्ड पुल, 8.74 करोड़ रुपये से बढ़ेड़ा खड्ड पुल, 15.04 करोड़ रुपये से कांगड़ खड्ड पुल तथा 6.24 करोड़ रुपये से पालकवाह खड्ड पुल शामिल हैं।इसके अतिरिक्त झलेड़ा-घालूवाल पुल को डबल लेन करने के लिए 37 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे, जबकि 50 करोड़ रुपये की लागत से पंडोगा-त्यूड़ी पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जेजों मोड़ से टाहलीवाल चौक वाया भाई का मोड़ लिंक रोड के स्तरोन्नयन के लिए 48.69 करोड़ रुपये की स्वीकृति केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि के तहत मिली है। इस परियोजना के अंतर्गत 17.50 किलोमीटर सड़क का उन्नयन तथा पालकवाह, कांगड़ और बढ़ेड़ा में तीन पुलों का निर्माण शामिल है।

हरोली के लिए 100 करोड़ की नई पेयजल योजना

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि एमसीएडी कंपोनेंट के तहत हरोली विधानसभा क्षेत्र के लिए 100 करोड़ रुपये की नई पेयजल एवं सिंचाई योजना स्वीकृत की गई है। इसके तहत क्षेत्र को टाहलीवाल, हरोली और खड्ड, तीन क्लस्टरों में विभाजित कर आधुनिक तकनीक के माध्यम से जल प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाएगा।उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध प्रयासों के परिणामस्वरूप हरोली का बीत क्षेत्र, जो कभी जल संकट से जूझता था, आज पेयजल एवं सिंचाई दोनों सुविधाओं से संपन्न होकर नकदी फसलों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि पोलियां में 50 लाख लीटर तथा दुलैहड़ में 25 लाख लीटर क्षमता के जल भंडारण टैंक तैयार किए गए हैं। अमराली में 25 मीटर ऊंचाई पर 25 लाख लीटर क्षमता का टैंक निर्माणाधीन है, जिसके नीचे कॉफी हाउस जैसी सुविधा विकसित की जाएगी। यह 24 करोड़ रुपये की परियोजना है।

इसके अतिरिक्त 75 करोड़ रुपये की लागत से ‘बीत एरिया फेज-2

उठाऊ पेयजल योजना पर कार्य जारी है, जिसके तहत स्वां नदी से पानी उठाकर बीत एवं पालकवाह क्षेत्र के 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। *तालाब संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर 20 करोड़* उपमुख्यमंत्री ने बताया कि तालाबों के संरक्षण, रिचार्जिंग एवं सौंदर्यीकरण के लिए 20 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। हीरां और बीटन पंचायतों में तालाबों के पुनरुद्धार के लिए 2-2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

चिट्टे पर जीरो टॉलरेंस

श्री अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिट्टे जैसे घातक नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों एवं मोबाइल उपयोग पर सतर्क नजर रखने की अपील की।

विकास में अड़ंगा डालने वालों को चेतावनी..ज़ोर लगा लें, नहीं रुकेंगे विकास कार्य

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास में बाधा डालने वाले चाहे जितना भी प्रयास कर लें, हरोली में विकास कार्य रुकने वाले नहीं हैं। यह जनता के साथ किया गया संकल्प है। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना से हरोली का बीत क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी पहचान बनाएगा। दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की यह परियोजना देश की तीन प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। कुछ लोगों ने इसमें अड़ंगा लगाने की कोशिश की, लेकिन परियोजना के लिए पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है और इसके तहत लगभग 1,000 करोड़ रुपये के टेंडर लगाए जा चुके हैं।

विकास की सौगातों के लिए उपमुख्यमंत्री का आभार : संदीप अग्निहोत्री

कार्यक्रम में एसडी पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक तथा पालकवाह के पूर्व प्रधान संदीप अग्निहोत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास का उल्लेख करते हुए पालकवाह में चंडीगढ़ की तर्ज पर बने अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, भव्य स्कूल भवन तथा क्षेत्र में सुदृढ़ की गई उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पालकवाह क्षेत्र को मिली विकास की सौगातों के लिए धन्यवाद प्रकट किया।प्रधानाचार्य ने शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत कियाराजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पालकवाह के प्रधानाचार्य नरेश ठाकुर ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए वर्ष भर की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण, नशा निवारण तथा सामाजिक भागीदारी के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से जीता दिलकार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रेरणादायक, सांस्कृतिक एवं देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।कार्यक्रम में उपायुक्त जतिन लाल, एसडीएम विशाल शर्मा, अन्य अधिकारी, शिक्षाविद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी अशोक ठाकुर, विनोद बिट्टू, कैप्टन शक्ति चंद राणा, कैप्टन राम सिंह, सुमित शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, स्कूल स्टाफ, विद्यार्थी, अभिभावकगण एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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सहकारिता हिमाचल की आत्मा, 20 लाख लोग जुड़े,सहकारिता हिमाचल की आत्मा, 20 लाख लोग जुड़े, 50 हजार करोड़ का कारोबार- मुकेश अग्निहोत्री

पालमपुर, 20 दिसंबर।

पालमपुर के कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के समापन समारोह में अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने सहकार प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा हिमाचल प्रदेश सहकारिता नीति-2025 का अनावरण किया और संक्षिप्त वीडियो के माध्यम से इसका शुभारंभ भी किया। समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सहकारिता आंदोलन का जन्मदाता है और सहकारिता जगत को दिशा देने वाला राज्य रहा है। सहकारिता पर हर घर का विश्वास टिका है। इसकी अलख ऊना से मियां हीरा सिंह ने जगाई थी और वर्ष 1906 में ऊना में ही पहली पंजीकृत सहकारी समिति बनी।उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारिता का लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक साम्राज्य है, जिससे 20 लाख लोग जुड़े हुए हैं। सहकारिता एक वित्तीय संस्था होने के साथ-साथ सामूहिक स्वामित्व का उदाहरण है, जहां सभी सदस्य मालिक होते हैं। सहकारिता से निकले हिमकैप्स जैसे संस्थान नर्सिंग कॉलेज, लॉ कॉलेज चला रहे हैं, जिनसे निकले विद्यार्थी नर्स, वकील और जज बनकर समाज की सेवा कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन हिमाचल प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था का सशक्त आधार है और राज्य सरकार इसे आत्मनिर्भर एवं समावेशी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख माध्यम बना रही है। प्रदेश में सहकारिता आंदोलन का इतिहास 125 वर्षों से अधिक पुराना है। वर्तमान में प्रदेश में 5730 सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनसे लगभग 19 लाख सदस्य जुड़े हैं। पिछले तीन वर्षों में 900 नई सहकारी समितियों का पंजीकरण किया गया है तथा 20,690 पंचायतें सहकारी नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से कृषि, दुग्ध, बैंकिंग एवं उपभोक्ता क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिला है। प्रदेश में 2294 कृषि सहकारी समितियां और 10 सहकारी बैंक कार्यरत हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में 1082 दुग्ध सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनमें महिलाओं की भागीदारी प्रमुख है।डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पीएसीएस के कंप्यूटरीकरण, ई-पेक्स, एम-पेक्स, सीएससी से जोड़ने तथा जीआईएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू की जा रही है। अब तक 1125 पेक्स गो लाईव हो चुकी हैं और मार्च 2026 तक सभी पेक्स के पूर्ण डिजिटलीकरण का लक्ष्य है।हिमाचल प्रदेश सहकारिता नीति-2025 राष्ट्रीय सहकारिता नीति के अनुरूप सहकारी संस्थाओं को सशक्त, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। इससे ग्रामीण रोजगार, महिला एवं युवा सहभागिता, नवाचार और वित्तीय सुदृढीकरण को बढ़ावा मिलेगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और सामूहिक विकास का प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाकर हिमाचल प्रदेश को देश के अग्रणी सहकारी राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर विधायक आशीष बुटेल, कृषि विश्विद्यालय पालमपुर के कुलपति डॉ. अशोक पांडा, हिमफेड अध्यक्ष महेश्वर चौहान, वूलफेड अध्यक्ष मनोज कुमार, जेसीसीबी अध्यक्ष मुकेश शर्मा, उपाध्यक्ष एचआरटीसी अजय वर्मा, मेयर एमसी पालमपुर गोपाल चंद नाग, पंजीयक सहकारी सभाएं डीसी नेगी, सहित अन्य गणमान्य अतिथि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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