
Happy New Year

Mukesh Agnihotri

04 दिसम्बर 2024
सहकारिता क्षेत्र का होगा सुदृढ़ीकरण – उप मुख्यमंत्री
ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है सहकारी समितियां
प्रदेश का पहला राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन आयोजित
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की बतौर मुख्यातिथि शिरकत
प्रदेश सहकारी समितियों और हिमकोफेड के संयुक्त तत्वाधान से राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान मशोबरा में “सहकारिता सभी के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण करती है” पर राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जिस तरह हमारी सरकार ने परिवहन और एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नए कदम उठाए हैं, उसी प्रकार सहकारिता विभाग को भी अधिक कार्यशील बनाना है। आज एचआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें और नई डीजल बसों को शामिल किया जा रहा है। उसी तरह सहकारिता विभाग में नए कदम उठाए जाएंगे।
इस दो दिवसीय सम्मेलन में जिन मुद्दों और सुझावों पर चर्चा होगी, उन्हीं के मुताबिक नए कानून और रणनीतियां बनेगी। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए नए कानून प्रस्तावों को विधानसभा में पारित करवाया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार सहकारी समितियां है। इसी तरह आत्मनिर्भर हिमाचल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोगों का सपना कॉरपोरेटर बनना होता था, क्योंकि उस समय सहकारी समितियों का रुतबा काफी बड़ा होता था। आज प्रदेश का लगभग 4500 करोड़ रुपए सहकारी क्षेत्र में जमा है।
उन्होंने कहा कि देश में सहकारिता आंदोलन का जनक हिमाचल प्रदेश है। ऊना जिला के रहने वाले हीरा सिंह ने पहली सहकारी समिति 1892 में बनाई थी। उन्होंने कहा कि हीरा सिंह की दूरदर्शिता और नेतृत्व को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उनके कार्य को देश ने नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश भर में हर पांच में से एक व्यक्ति सहकारी समिति से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां इस बात का ध्यान रखे कि उनके पास जमा पैसा आम जनता का है, वह किसी सचिव या सोसायटी का पैसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में हिम फेड, वूल फेड, मिल्क फेड जैसी फेडरेशन न आना चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन फेडरेशन पर शिकंजा कसा जाए। इसके साथ ही निजी और सरकारी बैंकों के प्रतिनिधियों को भी इस सम्मेलन में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंकों का आधार सहकारिता समितियां ही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग में रिक्त चल रहे करीब 900 पदों को भरने के लिया भविष्य में रणनीति बनाई जाएगी। 1789 सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण के लिए बजट जारी कर दिया गया है ताकि सभाओं के कार्यप्रणाली में तीव्रता और गुणवत्ता आए। उन्होंने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्य को लेकर संजीदा रहें। जो कार्य आपको दिया गया है उसका निर्वहन ईमानदारी से करें ताकि लोगों के दिलों में आपके कार्य की पहचान बन पाए। इस सम्मेलन में नाबार्ड, सहकारिता विभाग और अन्य हितधारक शामिल रहे।
पहला राज्य स्तरीय सम्मेलन
प्रदेश का पहला राज्य स्तरीय सहकारी समिति सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन दो दिवसीय रहेगा।प्रदेश भर की 5276 सहकारी समिति के करीब 300 प्रतिनिधि इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। प्रदेश भर में पहले चरण में 870 पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समिति) का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है जबकि दूसरे चरण में 919 पैक्स को चयनित किया गया।
सहकारिता आंदोलन में तीव्रता लाए – सी पालरासु
कार्यक्रम के दौरान सहकारिता विभाग के सचिव सी पालरासु ने कहा कि प्रदेश भर में अनेकों सहकारिता सभाएं सफलता के साथ समृद्ध हिमाचल बनने की दिशा में कार्य कर रही हैं। इस दो दिवसीय सम्मेलन में प्रदेश भर की सफल सभाओं के प्रतिनिधि अपनी सफलता को साझा करेंगे। इसके साथ ही आने वाली चुनौतियों के बारे में भी चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां पर सहकारिता आंदोलन पहाड़ों की भौगोलिक परिस्थितियों और क्षमताओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन में तीव्रता लाते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस आंदोलन के साथ जोड़ने की दिशा में सभाएं कार्य करें।
सहकारी समिति की कार्यप्रणाली में होगा सुधार – आर के प्रुथी
रजिस्ट्रार सहकारी समिति हि प्र आर के प्रुथी ने सम्मेलन में कहा कि सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए सहकारी सभाओं के सदस्य अपने सुझाव registrarecooperativehp@gmail.com पर भेज सकते हैं। अगले 15 दिनों के बाद इन सुझावों पर विस्तृत चर्चा के बाद रणनीति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी सहकारी सभाओं का ऑडिट 30 सितंबर तक हर हाल में संपन्न कर लिया जाएगा। इसके लिए विशेष योजना बनाई गई है। इस योजना के अनुसार 31 मार्च 2025 तक सभी सभाएं अपने जनरल हाउस आयोजित करेगी। 15 अप्रैल 2025 तक सभी सभाएं अपना ऑडिटर नियुक्ति करेंगी। अगर कोई सभा ऑडिटर नियुक्ति नहीं करती है तो सहायक पंजीयक सीधे ऑडिटर नियुक्त करेगा। वहीं हमने इस बार 30 मास्टर ट्रेनर तैयार किए है जोकि प्रदेश भर में सभाओं के ऑडिट को लेकर ऑडिटर का मार्गदर्शन करेंगे। विभाग में नए कदम उठाए जाएंगे ताकि सहकारी समिति बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
सहकारी हाट होंगे विकसित
प्रदेश में सहकारी सभाओं के सहयोग से सहकारी हाट विकसित किए जाएंगे। इनके लिए चार स्थानों का चयन किया गया। चयनित स्थानों में चिंतपूर्णी ( ऊना), बाबा बालक नाथ (हमीरपुर),पालमपुर ( कांगड़ा) और सुंदरनगर (मंडी) में सहकारी हाट बनेंगे। सहकारी हाट पर वन स्टॉप सेंटर होंगे यहां पर उन उत्पादों की बिक्री होगी जिनका उत्पादन सहकारी सभाएं कर रही है। पहले चरण में चार स्थानों पर सहकारी हाट कार्य करेंगे। इसके बाद प्रदेश भर में इस तरह के सहकारी हाट स्थापित करने की योजना है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
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02 दिसंबर 2024
प्रदेश हित में लिए निर्णयों से आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य की ओर अग्रसर हिमाचल: उप मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज नवनिर्मित ढली बस अड्डे का लोकार्पण के अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार ने बस अड्डे के निर्माण के लिए लगभग 17 करोड़ रुपये की अनुमानित स्वीकृति प्रदान की थी तथा लगभग 13.25 करोड़ रुपये से पूरा कर लिया गया है। इससे लगभग 3.75 करोड़ रुपये की धनराशि की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड परिसर में 13 दुकानें, कांफ्रेंस हाल, रेस्ट रूम, टिकट काउंटर, शौचालय, प्रतीक्षा कक्ष, एक्टिविटी रूम, कैंटीन जैसी सुविधाएं लोगों को उपलब्ध होंगी।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अभी हाल ही में 250 डीजल बसों की खरीद की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह बसें एक या डेढ माह के भीतर निगम के बेड़े में शामिल की जाएंगी। उन्होंने कहा कि 300 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया अन्तिम चरण में है तथा इलेक्ट्रिक स्टेशनों व वर्कशाप के लिए लगभग 110 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम बस अड्डों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है तथा निगम स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। निगम के कर्मचारियों और पेंशनरों की सभी वित्तीय अदायगियों को हर महीने समय पर पूरा किया जा रहा है।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि बस अड्डे के साथ ही निगम की पुरानी कार्यशाला के जीर्णोद्धार कार्य भी शीघ्र शुरू किया जाएगा। इसके प्रथम चरण के लिए लगभग 24 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण को प्राथमिकता प्रदान कर रही है और हिमाचल को वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर राज्य और वर्ष 2032 तक समृद्धशाली राज्य बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान अनेक ठोस निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाए प्रदेश की विकासात्मक योजनाओं में अडं़गे डालने का कार्य कर रहा है। भाजपा जनता के कल्याण के लिए क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के कार्यान्वयन में बाधा उत्पन्न करने का कार्य कर रही है।
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English
Government saves Rs. 3.75 crore in construction of Dhalli Bus Stand: Deputy Chief Minister·
Bold decisions embarking Himachal towards becoming self-reliant and prosperous stateDeputy Chief Minister Mukesh Agnihotri, who was also present on the occasion of the inauguration of the newly constructed Bus Stand at Dhalli along with Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu stated that the government though had provided administrative approval of Rs. 17 crore for the Bus Stand, but we completed it in Rs. 13.25 crore with all basic amenities including 13 shops, Conference Hall, rest room, waiting and activity rooms, canteen etc. The two Regional managers will also have their office in the newly constructed complex. Giving details about the department, Sh. Agnihotri said that as of late we have received approval of 250 diesel buses which shall be the part of the existing fleet of HRTC within one and a half months. The HRTC has received 110 crore for electric stations and workshops besides 300 electric buses would be procured soon as the process was in the final stage. He said that the HRTC was committed to facilitate the commuters and would ensure that the bus stands have all the basic facilities. As HRTC was celebrating its Golden jubilee, we are also ensuring that the employees get their due financial share including pensions and salaries every month and we are providing them. He said that the old workshops at Dhalli would be refurbished soon and a sum of Rs 24 crore has been released in the first phase.He said that the stated government was committed for the welfare of the people of the state and in its two-years tenure the government has undertaken several bold initiatives under the Vyavastha Parivartan embarking Himachal’s journey to become self-reliant by 2027 and most prosperous by 2032. “Meanwhile, the opposition, instead of playing a crucial role of being a constructive critic of the democratically elected government, was trivializing the development initiatives of the government. The BJP is constantly involved in halting the implementation and progress of various welfare schemes, thereby preventing the benefits from reaching the common man,” stated the Deputy Chief Minister.-0-




01 दिसंबर 2024
ऊना के हर विधानसभा क्षेत्र में लगे ईट राइट मेला – मुकेश अग्निहोत्री
उपमुख्यमंत्री का स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण उत्पादों और पारंपरिक पौष्टिक व्यंजनों को प्रोत्साहित करने पर जोर
ऊना, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को ऊना में आयोजित ‘ईट राइट मेला’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उत्पादों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने पारंपरिक पौष्टिक व्यंजनों के महत्व को उजागर करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये पहल न केवल बेहतर स्वास्थ्य के लिए हितकारी होगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करने में सहायक बनेगी। उन्होंने इस मेले को स्वास्थ्य और जागरूकता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और जिला प्रशासन को ऊना जिले के हर विधानसभा क्षेत्र में इस तरह के आयोजन करने को कहा।यह मेला जिला प्रशासन ऊना और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सहयोग से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र पाठशाला, ऊना में आयोजित किया गया था .मेले का मुख्य उद्देश्य लोगों को सही आहार और बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर प्रदर्शित उत्पादों के बारे में जानकारी ली और पौष्टिक व्यंजनों का स्वाद भी चखा। उन्होंने इस अनूठी पहल के लिए जिला प्रशासन की सराहना की।
*रामपुर पुल को व्यावसायिक केंद्र के रूप में करें विकसित*
*पुल के दोनों ओर बने विशेष फूड मार्केट*
श्री अग्निहोत्री ने प्रदेश के सबसे लंबे ऊना-हरोली पुल को एक व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि यह पुल ‘इंजीनियरिंग मार्वल’ की तरह डिजाइन किया गया है। पैदल यात्रियों के लिए दोनों ओर सुंदर पथ बनाए गए हैं, जिससे यह सैर-सपाटे के लिए एक आकर्षक स्थल बनके उभरा है। उन्होंने सुझाव दिया कि पुल के दोनों ओर विशेष फूड मार्केट विकसित की जाए, जहां स्वयं सहायता समूह अपने उत्पाद बेच सकें और आने-जाने वाले लोगों को खाने-पीने की सुविधा मिले। साथ ही, प्रशासन को नवाचार अपनाते हुए जिले में ऐसी विशेष बाजार विकसित करने की योजना बनाने का सुझाव दिया, जहां लोग अपने परिवार के साथ शाम बिताने और स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने जा सकें।
*जिले में हर खेत तक पानी पहुंचाने को खर्चे जा रहे 2000 करोड़*
*विकास और व्यवस्था में सुधार के अनवरत प्रयास*
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जिले में हो रहे विकास कार्यों की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऊना जिला विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। जिले में 2000 करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके माध्यम से हर खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि 1500 करोड़ रुपये की लागत से स्वा नदी के चौनलाइजेशन कार्य ने बड़ी मात्रा में कृषि योग्य भूमि को पुनः उपयोगी बनाया है, जिससे जिले की कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।बंगाणा में मंदली-लठियाणी पुल के पहले चरण के लिए 400 करोड़ रुपये की योजना तैयार हो चुकी है। शिमला में 2000 करोड़ रुपये की लागत से एशिया की सबसे चुनौतीपूर्ण रोपवे परियोजना का कार्य भी प्रगति पर है। युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए हरोली में 2000 करोड़ रुपये की बल्क ड्रग पार्क परियोजना में सरकार 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।उन्होंने प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि वीआईपी वाहन नंबर प्राप्त करने के लिए अब भुगतान सेवा शुरू की गई है, जिससे पिछले आठ महीनों में 20 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और व्यवस्था में सुधार के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
*आलू आधारित आर्थिकी की मजबूती को प्रतिबद्ध*
उपमुख्यमंत्री ने ऊना में आलू आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए जिला प्रशासन को इस दिशा में एक ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश में सेब आधारित अर्थव्यवस्था ने सफलता हासिल की है, उसी तरह ऊना में आलू आधारित अर्थव्यवस्था को विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं।उन्होंने जोर दिया कि आलू के उत्पादन और विपणन के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके और वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकें।
मंदिरों के समग्र विकास के लिए बनाएं योजना
उपमुख्यमंत्री ने मंदिरों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में माता श्री चिंतपूर्णी जी, माता श्री नैनादेवी जी और बाबा बालकनाथ जी जैसे अनेक प्रसिद्ध और समृद्ध मंदिर हैं, जो करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र हैं। इन मंदिरों को हर वर्ष करोड़ों रुपये का चढ़ावा मिलता है।उन्होंने कहा कि यह संबंधित जिलों के प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे इन मंदिरों के समग्र विकास के लिए उचित और सुदृढ़ योजना तैयार करें। इसके लिए सरकार ने जरूरी निर्देश दिए हैं। इस योजना का उद्देश्य न केवल मंदिर परिसरों को बेहतर बनाना होना चाहिए, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को भी उन्नत करना चाहिए, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सके।
300 करोड़ से बनेगा माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर का भव्य भवन
उपमुख्यमंत्री श्री अग्निहोत्री ने बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य भवन का निर्माण 300 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसकी पूरी योजना तैयार हो चुकी है। उन्होंने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन को नई पहलें करने के निर्देश दिए।उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर दर्शन के मुख्य मार्गों पर सेल्फी प्वाइंट विकसित किए जाएं और महत्वपूर्ण स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को मंदिर से जुड़ी जानकारी और सुविधाएं आसानी से मिल सकें।श्री अग्निहोत्री ने यह भी बताया कि सुगम दर्शन प्रणाली के माध्यम से मंदिर ने अल्प समय में 2 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है, जो मंदिर की समग्र विकास योजनाओं को साकार करने में सहायक होगी।
टिप्परों के अनियंत्रित आवागमन पर हो नियंत्रण
उपमुख्यमंत्री ने जिले में टिप्परों के समय-असमय अनियंत्रित आवागमन पर गंभीरता दिखाते हुए इसे नियंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन से कहा कि टिप्परों की आवाजाही के लिए समय सीमा निर्धारित की जाए। सुबह 7 से 9.30 बजे और शाम 6 से 9 बजे के बीच टिप्परों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए, ताकि स्कूली बच्चों और सैर के लिए निकले लोगों को असुविधा न हो।
ऊना को नशामुक्त और अवैध खनन मुक्त जिला बनाने का आह्वान
श्री अग्निहोत्री ने ऊना को नशामुक्त और अवैध खनन मुक्त जिला बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, अवैध खनन के माध्यम से जिले की प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले माफियाओं पर भी कठोर कदम उठाए जाएं। उन्होंने इस दिशा में सख्ती और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने की बात कही।
शोर मचाने वाले शोर मचाते रहेंगे, हम काम करते रहेंगे
जल शक्ति विभाग में 10 हजार की भर्ती
उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को हर बात में सिर्फ हल्ला करने की आदत होती है। शोर मचाने वाले शोर मचाते रहेंगे और हम जनकल्याण और विकास के कार्यों में लगे रहेंगे।उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। अकेले जल शक्ति विभाग में ही 10,000 पदों पर भर्तियां की जा रही हैं। हाल ही में 2,000 वन रक्षकों और 350 बस कंडक्टरों की भर्ती की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे प्रदेश की युवा शक्ति को सशक्त किया जा सके।
सुदर्शन सिंह बबलू ने सराहे सही खान पान के प्रति जागरूक करने के प्रयास
माता श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक दौर में लोग नई-नई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण जंक फूड का बढ़ता प्रचलन है। उन्होंने ‘ईट राइट मेला’ के माध्यम से सही खानपान के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयासों की सराहना की।उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह के मेले विधानसभा स्तर पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वस्थ जीवन और सही भोजन के महत्व की जानकारी मिल सके। साथ ही, उन्होंने सितंबर में आयोजित माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा दिलाने के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर उपायुक्त जतिन लाल ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया और मेले के आयोजन से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस मेले में जनता को पौष्टिक आहार, स्वस्थ जीवनशैली, और सही खानपान के महत्व को समझाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।*मेले में लगे 30 स्टॉल*मेले में स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों के प्रदर्शन और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल मैदान में 30 आकर्षक स्टॉल और प्रदर्शनियां लगाई गई। इन स्टॉल्स के माध्यम से लोगों को पौष्टिक भोजन की आदतें अपनाने और सही आहार के महत्व को समझाने का प्रयास किया गया। इन स्टॉल्स में कृषि, बागवानी, पशुपालन, आयुर्वेद, डीआरडीए, और खाद्य आपूर्ति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों ने भाग लिया। साथ ही, स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए स्थानीय खाद्य पदार्थ, जैविक उत्पाद और पारंपरिक व्यंजन भी प्रदर्शित किए गए। इस अवसर पर पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मेले में विशेष स्टॉल लगाए गए थे।मेले में विविध सांस्कृति गतिविधियों के अलावा विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।इस अवसर पर कांग्रेस पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. वर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जगदीश धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कांग्रेस नेता रणजीत राणा, अशोक ठाकुर, प्रमोद कुमार, देश राज गौतम व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।.0.





26 नवम्बर, 2024
हिमाचल पथ परिवहन निगम में भरे जाएंगे 189 पद
लगेज पॉलिसी में रियायत, एचआरटीसी की बसों में दूध और सब्जियों का किराया माफ
उप-मुख्यमंत्री ने निदेशक मंडल बैठक की अध्यक्षता की
100 मिनी बसों की खरीद को भी मंजूरी
ऊना पुराने बस अड्डे में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मोड पर बनेगा कार पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां हिमाचल पथ परिवहन निगम निदेशक मंडल की 158वीं और बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण निदेशक मंडल की 70वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि परिहवन निगम में वर्ष 2022 से जेओए (आईटी) के 177 और कम्प्यूटर ऑपरेटर के 12 पद रिक्त हैं। यह परीक्षाएं हमीरपुर चयन आयोग के पेपर लीक होने के कारण स्थगित हुई थीं, अब इन पदों को दोबारा भरने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि निगम के बेड़े में 297 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बैठक में 100 मिनी बसों की खरीद को भी मंजूरी दी गई।
उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि पथ परिवहन निगम सात माह के भीतर यूपीआई क्रेडिट डेबिट एनसीएमसी कार्ड लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के राजघाट के समीप एचआरटीसी के चालकों-परिचालकों के लिए 120 बिस्तर क्षमता के ठहराव स्थल की बेहतर व्यवस्था की गई है। बैठक में लगेज पॉलिसी में रियायत देते हुए एचआरटीसी की बसों में दूध और सब्जियों के किराये को माफ करने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में अवगत करवाया कि एचआरटीसी ने अब तक 66 करोड़ की आय अर्जित की है और आय में लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बैठक में बैजनाथ पुराने बस अड्डे में पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया। सरकाघाट पुराने बस अड्डे को बरछवाड़ स्थित नए बस अड्डे में स्थानातंरित करने की भी मंजूरी दी गई। चंबा पुराने बस अड्डे में कार पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया।
ऊना पुराने बस अड्डे में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मोड पर कार पार्किंग एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लैक्स बनाया जाएगा। बिलासपुर स्थित मंडी भराड़ी में बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा।
प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बैठक का संचालन किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में निगम की कार्य प्रणाली में और सुधार लाया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ निगम की आय में भी वृद्धि की जा सके।
बैठक में निदेशक मण्डल के सदस्य, प्रधान सचिव आर.डी. नजीम, निदेशक डीसी नेगी और विशेष सचिव वित्त रोहित जम्वाल उपस्थित थे।
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मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व मंत्री के परिजनों से संवेदनाएं व्यक्त की
मंडी, 24 नवम्बर।
*उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री आज सायं धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के चोलथरा पहुंचे और उन्होंने पूर्व मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर के दामाद तथा जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया के पति दिनेश गुलेरिया के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया।उन्होंने परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने इस दुःख की घड़ी में शोक संतप्त परिजनों से साहस बनाए रखने एवं दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की भगवान से प्रार्थना की।इस अवसर पर उनके साथ नालागढ़ के विधायक बाबा हरदीप सिंह, पथ परिवहन निगम के संचालन मंडल के सदस्य धर्मेद्र धामी भी मौजूद थे।000



24 नवम्बर 2024
उप-मुख्यमंत्री ने की हि.प्र. राज्य सहकारी विकास संघ के राज्य स्तरीय सहकारी समारोह की अध्यक्षता
· सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने पर विचार कर रही प्रदेश सरकारः मुकेश अग्निहोत्री
· कम्प्यूटरीकरण से सहकारिता क्षेत्र में आएगा बदलवा, 80 करोड़ रुपए व्यय कर रही प्रदेश सरकार
मंडी, 24 नवंबर। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विकास संघ के सौजन्य से कनैड के समीप तरोट गांव में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल सहकारिता का जनक रहा है और यहां से की गई पहल के बाद ही यह देशभर में एक आंदोलन के रूप में उभरा। वर्तमान प्रदेश सरकार सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने और इसमें महिलाओं की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत अनेक ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने पर विचार किया जा रहा है और इस बारे में वे विभाग के माध्यम से मामला प्रदेश मंत्रिमंडल के समक्ष लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी सहकारी सभाएं जिनके निदेशक मंडल में सभी सदस्य हिमाचली हों, उन्हें कार्य करने के लिए भूमि उपलब्ध करवाने का मामला भी प्रदेश मंत्रिमंडल के समक्ष लाया जाएगा।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र का कम्प्यूटरीकरण कर इसमें बदलाव लाया जा रहा है। प्रदेश में सभी प्राथमिक सहकारी सभाएं कंप्यूटरीकृत होंगी, जिससे इनके कार्यों में और तेजी तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटरीकरण के इस कार्य पर लगभग 80 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। इसमें से 40 करोड़ रुपए की राशि कम्प्यूटर इत्यादि की स्थापना पर व्यय होगी। उन्होंने कहा कि आज हर चौथा व्यक्ति सहकारिता से जुड़ा हुआ है और ऐसे में सहकारी सभाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य करें, ताकि लोगों का भरोसा इन पर बना रहे। उन्होंने अनैतिक कार्यों में संलग्न लोगों पर कठोर कार्रवाई करने के भी निर्देश विभाग को दिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में सहकारी बैंकों के पूंजी निवेश लगभग 55 हजार करोड़ रुपए है। यह लोगों का इन सहकारी बैंकों पर भरोसे का भी प्रतीक है। प्रदेश के सर्वोच्च राज्य सहकारी बैंक ही लगभग 26 हजार करोड़ रुपए का है। इसके अतिरिक्त कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक तथा जोगेंद्रा बैंक सहित अन्य छोटे बैंक भी बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सहकारी सभाओं के ऋणधारकों का आह्वान किया कि वे धारणा बदलें और अपनी किश्तों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि सहकारिता क्षेत्र को और सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बैंकिंग प्रणाली में बाहरी दखल न्यूनतम हो। उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि विभाग से संबंधित बैंक खाते सहकारी बैंकों के माध्यम से भी खोले जाएं। उन्होंने बैंकों का आह्वान किया कि वे सहकारी सभाओं को धन उपलब्ध करवाने में और अधिक उदारता के साथ विचार करें। उन्होंने कहा कि खाद्य आपूर्ति निगम के माध्यम से सस्ता राशन लोगों तक पहुंचाने में सहकारी सभाओं की उल्लेखनीय भूमिका रहती है। उन्होंने खाद्य वितरण प्रणाली के सरलीकरण पर बल दिया ताकि लोगों को छिटपुट तकनीकी खामियों के कारण असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में सहकारिता के क्षेत्र में तैयार उत्पादों की मांग वैश्विक स्तर पर है। यहां की टोपी में हिमाचलियत नज़र आती है, वहीं शॉल सहित अन्य उत्पाद भी लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा कि बुनकर क्षेत्र में भुट्टिको, शिक्षा के क्षेत्र में हिमकैप्स कॉलेज, परिवहन के क्षेत्र में बरमाणा ट्रक यूनियन तथा दुग्ध उत्पादन में कामधेनु जैसी संस्थाएं बेहतर कार्य कर रही हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विपक्षी दलों ने हिमाचल के हितों के साथ सदैव खिलवाड़ किया है और जब जनता ने उनके नेतृत्व को नकार दिया तो वे हिमाचल प्रदेश को बदनाम करने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार दिल्ली स्थित हिमाचल भवन सहित प्रदेश की संपदा की रक्षा के लिए दृढ़-संकल्प है। हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों को पेंशन व वेतन समय पर प्रदान किया गया है और विपक्षी दल कर्मचारियों को भड़काना बंद करें। निगम कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लगभग 9 करोड़ रुपए के बिल क्लीयर किए गए हैं जबकि चालक-परिचालकों को ओवरटाईम के भुगतान पर आगामी मार्च माह तक लगभग 100 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परविहन निगम हर रोज लगभग पांच लाख लोगों को दूरदराज क्षेत्रों तक परिवहन सुविधा उपलब्ध करवा रहा है और इसके आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पानी के बिलों पर विपक्ष के दुष्प्रचार पर उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में 100 रुपए की निश्चित राशि इसके लिए निर्धारित की गई है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि इन उपभोक्ताओं से पिछली बकाया राशि की कोई वसूली नहीं की जाए। साथ ही पानी के बिल पर प्रदेश सरकार द्रावा प्रदान किए जा रहे उपदान का उल्लेख बिलों में करना सुनिश्चित करें।
मुकेश अग्निहोत्री ने प्रियंका गांधी को लोक सभा चुनाव की जीत पर सहकारिता जगत की ओर से बधाई भी दी। उन्होंने कर्मचारी यूनियन, हिमकोफैड तथा सहकारी सभाओं से सबंधित अन्य मांगों पर पंजीयक सहकारी सभाएं के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण योजना के तहत सहकारी सभाओं से जुड़ीं 61 महिलाओं को राज्य सहकारी बैंक के माध्यम से कोलेटरल फ्री ऋण भी वितरित किए। इसके अतिरिक्त छह प्रशिक्षुओं को डिप्लोमा कोर्स में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली स्कूली छात्राओं को अपनी ओर से 21 हजार रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की।
इससे पूर्व उन्होंने सहकार सप्ताह के उपलक्ष्य में ध्वजारोहण किया और सहकारी सभाओं की ओर से लगाए गए स्टालों का अवलोकन भी किया।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन देवेंद्र श्याम ने बैंक की गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने प्रदेश में बैंक की 22 नई शाखाएं खोली हैं। सरकार की सशक्त महिला ऋण योजना की सराहना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिक्स देशों ने भी की है और इसे अपने नीति दस्तावेज में शामिल करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि बैंक में आज लगभग 15,700 करोड़ रुपए की जमा पूंजी तथा लगभग 11 हजार करोड़ रुपए का पोर्ट फोलियो है। बैंक का ग्रास एनपीए 3.80 प्रतिशत जबकि नेट एनपीए एक प्रतिशत तक लाने में सफलता प्राप्त की है।
हिमकोफैड संचालन मंडल के सदस्य एवं कार्यक्रम के आयोजक केशव नायक ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और सहकारी सभाओं से जुड़ी मांगें प्रस्तुत कीं।
पंजीयक सहकारी सभाएं डॉ. आर.के. प्रूथी ने सहकारी विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि सहकारी सभाएं एक सफल बिजनेस इकाईयों के रूप में उभरें। सहकारी सभाएं कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा ने भी समारोह को संबोधित किया।
इस अवसर पर नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बाबा, पूर्व विधायक सुरेंद्रपाल ठाकुर व तिलकराज शर्मा, कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी, महेंद्र ठाकुर, अनिल शर्मा, एचआरटीसी संचालन मंडल के सदस्य धर्मेंद्र धामी, अर्बन कोऑपरेटिव बैंक मंडी के चेयरमैन रविकांत वैद्य, कांग्रेस सेवादल के पूर्व अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, चमन राही, प्रेमलता ठाकुर, जगदीश शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, जल शक्ति विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ (परियोजना) धर्मेंद्र गिल, चीफ इंजीनियर मंडी उपेंद्र वैद्य, पुलिस उपाधीक्षक सागर चंद्र, उप पंजीयक गौरव चौहान व कमलेश, हिमकोफैड संचालन मंडल के रघुवीर पठानिया, दौलतराम ठाकुर, विक्रमजीत सिंह तथा संतोष कुमार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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16 नवंबर 2024
तकनीक ने बदला पत्रकारिता का स्वरूप, पत्रकारिता के मूल्य बनाए रखे मीडियाः मुकेश
अग्निहोत्रीराष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर शिमला में राज्यस्तरीय समारोह उप-मुख्यमंत्री मुकेश
अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आज यहां आयोजित राज्यस्तरीय समारोह के अवसर पर कहा कि तकनीक ने पत्रकारिता का स्वरूप पूरी तरह से बदल दिया है। इस बदलाव के कारण पत्रकारिता के मूल्यों को बचाए रखने में मीडिया कर्मियों की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता के समक्ष कई चुनौतियां उभरकर सामने आई हैं, जिनको दूर करते हुए मीडिया समाज तक सटीक और तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाने में मदद कर सकता है।उप-मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय राष्ट्रीय प्रेस दिवस में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।उन्होंने कहा कि इंटरनेट और कृत्रिम मेधा (एआई) के कारण सटीक जानकारी पहुंचाने में जहां नई चुनौतियां और समस्याएं उत्पन्न हुई हैं वहीं इसके कारण त्वरित जानकारी समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में इंटरनेट ने पत्रकारिता के स्वरूप को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है जिसके दृष्टिगत समाचारों की विश्वसनीयता पर भी समय-समय पर प्रश्न चिन्ह उत्पन्न होते रहे हैं।
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि यह मीडिया कर्मियों का नैतिक दायित्व है कि इंटरनेट, एआई और सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों का प्रयोग करते हुए समाज को विश्वनीय और तथ्यात्मक सूचना पहुंचाए। उन्होंने मीडिया कर्मियों से पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों को और दृढ़ता से अपनाने और सोशल मीडिया के इस दौर में भी समाचारों के सभी पक्षों को समाज तक पहुंचाने और विश्लेषण करने का आह्वान किया।
उन्होंने मीडिया कर्मियों से सरकार के जन-कल्याणकारी कार्यों को लाभार्थियों तक पहुंचाने की अपील की। इस दौरान उन्होंने दिवंगत पत्रकारों गौरव बिष्ट, आनंद बौद्ध और विपिन काला के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने पत्रकारिता के दौरान अपने संस्मरण भी साझा किए।
इससे पूर्व, हि.प्र. विश्विद्यालय शिमला के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. शशि कांत शर्मा ने प्रेस के बदलते स्वरूप पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इंटरनेट और एआई के माध्यम से इस क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है तथा प्रत्येक व्यक्ति के हाथ में सूचना के माध्यम उपलब्ध हैं। कार्यक्रम में आउटलुक के ब्यूरो चीफ अश्वनी शर्मा ने कहा कि आभासी दुनिया के कारण पत्रकारिता की प्रकृति में अमूल-चूल परिवर्तन देखने को मिला है। हम सभी का दायित्व है कि इस युग में भी सटीक सूचना को तकनीक के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएं। हिमाचल दस्तक समाचार पत्र के संपादक हेमंत कुमार ने तकनीक के इस दौर में सूचना को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और उसके प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रेस के मूल स्वरूप को तकनीक के साथ सामंजस्य से आगे बढ़ाते हुए विश्वसनीयता बनाए रखनी होगी।इंडिया टुडे के संपादक मनजीत सहगल ने प्रेस के बदलते स्वरूप पर आंकड़े पेश करते हुए कहा कि इंटनेट के माध्यम से समाचार और जानकारी प्राप्त करने वाले लोगों की संख्या लगभग 70 फीसदी है लेकिन तथ्यों को जांचने के लिए कोई पुख्ता तंत्र उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मीडिया कर्मियों का दायित्व है कि पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखते हुए लोगों तक सूचना का संप्रेषण किया जाए।कार्यक्रम में निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार ने अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया। उन्होंने सभी वक्ताओं और उपस्थित मीडिया कर्मियों का कार्यक्रम में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया और मीडिया कर्मियों को प्रेस दिवस की बधाई दी।समारोह में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, सचिव सूचना एवं जन संपर्क राकेश कंवर सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थी उपस्थित थे। .0.
Deputy CM Mukesh Agnihotri Calls for Upholding Ethics and Principles of Journalism
Presides over State level National Press Day Function at Shimla
Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri while presiding over the State-level National Press Day function at Hotel Holiday Home today, emphasized the role of media in preserving the ethics and principles of journalism.
Addressing the media, he highlighted how emerging technologies have significantly transformed the landscape of journalism. He noted that in an era dominated by social media, journalists face unprecedented challenges and have a greater responsibility to disseminate accurate and reliable information to the public.
The identity of the newspaper or any journal is due to the credibility of the news content and at the same time the stature of a journalist among its readers. This is only the biggest achievement of a journalist. He said that truth, objectivity, transparency and impartiality are expected in journalism and the media has the responsibility of presenting important social events, information related to the work of the government and other information to the society on the basis of truth and facts.
Speaking on the theme ‘Changing nature of Press’ he said that the impact of digitalization can be clearly seen in the field of journalism, particularly during the last two decades. The role of social media is fast expanding day by day however the freedom of Press should be protected at all cost.
The Deputy Chief Minister also narrated his experiences as a journalist and the challenges the media persons faced during that era.
He suggested media persons to maintain the credibility of the content and should develop the habit of reading the newspapers and not only their own written news the next day to evaluate and review their stories. He said that now most journalists depend on Artificial Intelligence (AI) and Google services which won’t make them true professionals in the field of journalism. The basis of human intellect is acquired via the process of learning through a variety of experiences and situations. He also shared his experiences when he started his journalistic journey.
He also exhorted to disseminate the policies of the State Government citing the example that the Sukh Aashray Yojna scheme started by the Government to adopt 6000 children as the ‘Children of the State’ was the first of its kind in the entire country and should be widely publicized. Similarly, he also mentioned about other welfare schemes of the Government.
Professor and Chairman, Department of Journalism and Mass Communications, Himachal Pradesh University, Dr. Shashi Kant Sharma highlighting the changing role of the media stated that that in the present scenario everyone has become a journalist with a mobile in hand. Social media, though can be treated as a medium of information, but can’t be purely relied upon, he stated. Human brain finds ways to exceed our physical capabilities, the combination of mathematics, algorithms, computational methods, and statistical models is accelerating our scientific pursuit. AI is a friend who can shake your hand, hug you, but cannot embrace you.The Press needs to reform itself, reform its working and keep pace with the modern technologies. He also briefed about the changing trends in journalism.
Editor, Himachal Dastak Hemant Kumar in his address stated that due to expansion in journalism, a vast change has been witnessed. Even those not related with media or understand the ethical values have jumped for glamour in Media world.
The fourth pillar, which once was known for its sanctity has witnessed rapid changes. Changes have led to increased stress. It is pathetic that as of today there is no such debate on the waning of media. The fake news which is a biggest threat, also needs to be detected and many initiatives have been taken by the government at all levels to do the same.
Media houses have adopted commercial practices, they have fixed some guidelines for the media which the media persons have to abide, though which doesn’t go well with the people. Time has come to rethink and rebuild the positivity and ethical values of media. He said that to learn more, one has to read and must read any magazine, journal, newspaper or books thoroughly to expand one’s vision and thinking.
Manjeet Sehgal, Editor India Today from Chandigarh while speaking on the occasion gave a detailed comparison between social, electronic and Print media. He emphasised on detecting fake news for which many initiatives have been taken.
While assimilating this period of change, we will have to remain firm on our values and ideals. He said that the discussion organized on National Press Day provides us an opportunity to discuss the contemporary issues as well.
He said that the human mind is capable of adjusting its perspectives in response to the changing conditions of its surroundings. Because of this, people are able to remember information and excel in a variety of activities. Proliferation of Internet and consumer shift towards digital media can be seen. He also made comparison of readership and viewership, wherein 66 percent Indians like short stories, 49 % rely on social media and 40% Indians trust Print media for news, he said.
Ashwani Sharma, a senior journalists and Bureau Chief, Outlook, said that that due to the expansion of information technology, every person has become a medium of information and communication. Presently with the use of technology, there has been an increase in the facility and means of dissemination of information. But many new challenges have also emerged. He advised not to depend on desk stories, rather a journalist should visit the spots to prepare his story, adding that a journalists should not depend solely on the hear say.
Principal Media Advisor to the Chief Minister, Naresh Chauhan was also present on the occasion.
Earlier, Secretary Information and Public Relations, Rakesh Kanwar welcomed and honoured the Chief Guest.
Director, Information and Public Relations Rajiv Kumar also welcomed and honoured the keynote speakers on the occasion and thanked the media fraternity for participating in numbers.
The students of Journalism and Mass Communications from Himachal Pradesh University (HPU) also participated in the event.





उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ज्वाली में 2.80 करोड़ से निर्मित जल शक्ति विभाग के निरीक्षण कुटीर का किया लोकार्पण
बोले… क्षेत्र में बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पहनाया जाएगा अमली जामा
जवाली,13 नवंबर। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज (बुधवार) को जवाली विधानसभा के नक्की में 2 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से निर्मित जलशक्ति विभाग के निरीक्षण कुटीर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि इस निरीक्षण कुटीर का निर्माण कार्य पिछले 20 वर्षों से लटका हुआ था। कृषि मंत्री प्रो.चन्द्र कुमार द्वारा पिछले वर्ष अगस्त माह में उपमुख्यमंत्री के ज्वाली दौरे के दौरान उनको इस प्रोजेक्ट बारे अवगत करवाया था। इसके बाद उपमुख्यमंत्री के निर्देशानुसार एक वर्ष में इस निरीक्षण कुटीर का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर करवाकर इसे पूरा किया गया है।
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ज्वाली शहर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु लगभग 16 करोड़ रूपये की लागत से शहरी जलापूर्ति योजना बनाई गई है जिसके तहत 4 ट्यूबवेल, 6 जल भंडारण टैंक, राइजिंग मेन तथा घरों तक डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाने के साथ नल लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ज्वाली शहर में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए 15.50 करोड़ रुपये व्यय कर अमृत -2 स्कीम के तहत कार्य को जल्द शुरू किया जाएगा,जिसके टेंडर कर दिया गया है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई के लिए भी करोड़ों रूपये खर्च किये जा रहे हैं ताकि किसानों के खेतों में अच्छी पैदावार होने से अच्छी आमदनी हो पाए। उन्होंने बताया कि ज्वाली विधानसभा में सिंचाई योजना के तहत 5.50 करोड़ रुपये की लागत से 9 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे, जिनमें से 5 ट्यूबवेल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है ।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जवाली विधानसभा के कोटला क्षेत्र की देहर खड्ड के पानी से लोगों के घरों तथा खेतों को नुक्सान पहुंचता है। इसलिए इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए खड्ड के तटीकरण कार्य के लिए 5.74 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिसका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कोटला शहर में फ्लड प्रोटेक्शन वॉल, क्रेट तथा डंगों के लिए 4.90 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है, जिसका टेंडर आवंटित कर दिया गया है और आगामी माह में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा बूहल तथा देहर खड्ड क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर सात-सात करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे।
उन्होंनें कहा कि 247 करोड़ रुपये लागत की सुखाहर सिंचाई योजना की मंजूरी के लिए भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसके निर्माण से जिला कांगड़ा के नगरोटा सूरियां, शाहपुर, प्रगोड, हारचक्कियां और देहरा क्षेत्र के 22 पंचायतों के करीब आठ हजार किसानों की 2,186 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। इसके अलावा जिला कांगड़ा में निर्माणाधीन फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना का कार्य अब तेज गति से आगे बढ़ेगा। इसके निर्माण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 300 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जा चुकि है। लगभग 646 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार से भी 287 करोड़ रूपये की स्वीकृति मिल गई है।
बकौल उपमुख्यमंत्री, ज्वाली और नगरोटा सूरियां विधानसभा क्षेत्र के बीच में गज्ज खड्ड पर बनने वाले पुल के लिए 87 करोड़ रूपये स्वीकृत कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को स्वीकृत करवाने में कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार की महती भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रो. चन्द्र कुमार प्रदेश के वरिष्ठ नेता हैं और क्षेत्र के विकास के लिए इनके जो भी निर्देश होंगे उसे अक्षरशः माना जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रो. चन्द्र कुमार के प्रयासों से जिला कांगड़ा के ढगवार में 350 करोड़ रूपये की लागत से दुग्ध संयत्र का निर्माण हो रहा है। उन्होंने बोला कि यह परियोजना क्षेत्र के पशुपालकों के भाग्य को बदल देगा।
पहली बार किसी ने सिंचाई परियोजनाओं को भी दी प्राथमिकता : प्रो.चन्द्र कुमार
कृषि मंत्री प्रो.चन्द्र कुमार ने उपमुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि ज्वाली के हर घर तक शुद्ध पेयजल तथा हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य चला हुआ है। उन्होंने कहा कि पेयजल की आपूर्ति पर तो सभी ध्यान देते हैं लेकिन उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने सिंचाई परियोजनाओं को भी प्रदेश में प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि सूखाहार और फिन्ना सिंह ऐसी सिंचाई परियोजनाएं हैं जो क्षेत्र के किसानों का भाग्य बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजनाएं भी पिछले कई वर्षों से लंबित पड़ी थीं लेकिन उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्नीहोत्री के प्रयासों से यह अब आगे बड़ी हैं।
यह रहे उपस्थित
इस अवसर पर एसडीएम बचित्र सिंह, एएसपी डीसी वर्मा, जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता सुरेश महाजन, अधिक्षण अभियंता विकास बक्शी, अधिशासी अभियंता अजय शर्मा,
पूर्व प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनमोहन कटोच, पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता संसार सिंह गुलेरिया, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चौन सिंह गुलेरिया, स्थानीय पंचायतो के जनप्रतिनिधि व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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शिमला 11 नवम्बर, 2024
उप-मुख्यमंत्री ने केवी मोहन कुमार की पुस्तक ‘जलराशि’ का किया विमोचन
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां केवी मोहन कुमार द्वारा लिखित पुस्तक ‘जलराशि’ का विमोचन किया। वह केरल स्थित साहित्यिक संस्था भाषा समन्वय वेदी केे सदस्य हैं। इस पुस्तक में 24 कहानियों का संकलन है और केरल की इन कहानियों को मलयालम से हिन्दी में रूपान्तरित किया गया है।
इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. आरसु के नेतृत्व में भाषा समन्वय वेदी संस्था के बीस सदस्यीय दल ने उप-मुख्यमंत्री के साथ शिष्टाचार भेंट की।
भाषा समन्वय वेदी एक सांस्कृतिक साहित्यिक संगठन है। यह संस्था भाषाओं के बीच सांस्कृतिक समन्वय, अनुवाद के माध्यम से भाषायी मैत्री को प्रोत्साहन, विश्व साहित्य और भारतीय साहित्य को बढ़ावा और युवा अनुवादकों को प्रोत्साहन प्रदान करती है। इस सस्था ने हिमाचल की कहानियों को पहाड़ी भाषा को हिन्दी और हिन्दी से मलयालम भाषा में भी रूपान्तरण किया है।
उप-मुख्यमंत्री ने भाषा समन्वय बेदी संस्था के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से भाषायी संस्कृति का आदान-प्रदान सुनिश्चित होता है। संस्था द्वारा भाषाओं के बीच भाईचारा बढ़ाकर सांस्कृतिक स्तर पर सराहनीय प्रयास किए जा रहें हैं।
हिमाचल प्रदेश की भाषा, संस्कृति और सभ्यता अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर अन्तरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा, मंडी की शिवरात्री, चम्बा के मिंजर मेले जैसे सांस्कृतिक आयोजनों से देश-विदेश की संस्कृति का आदान-प्रदान होता है। देव भूमि हिमाचल प्रदेश में मंदिर और शक्ति पीठों में श्रद्धालु अपनी आस्था का प्रदर्शन करते हैं।
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