28 Feb 2026










Mukesh Agnihotri
01 मार्च 2026
ऊना ने बनाई विकास की नई पहचान : मुकेश अग्निहोत्री
ऊना, 1 मार्च. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना जिले ने बीते वर्षों में विकास की नई पहचान बनाई है। औद्योगिक, शैक्षणिक तथा आधारभूत ढांचे सहित विकास के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। उन्होंने सभी से सामूहिक प्रयास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जिले की पहचान को देश-विदेश में और ऊंचा उठाने का आह्वान किया।
वे रविवार को हिमोत्कर्ष साहित्य, संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद ऊना के 52वें राज्य स्तरीय वार्षिक अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
संस्थापक स्वर्गीय कंवर हरि सिंह को श्रद्धांजलि, परिषद की भूमिका सराही
उपमुख्यमंत्री ने परिषद के संस्थापक स्वर्गीय कंवर हरि सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें दूरदर्शी एवं कर्मठ व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, समाज सेवा और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी सोच ने नई दिशा प्रदान की। हिमोत्कर्ष कॉलेज की स्थापना कर उसे दो दशकों तक सफलतापूर्वक संचालित करना उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। अब सरकार इस कॉलेज का संचालन कर रही है। उन्होंने परिषद के जनकल्याण और सेवा के कार्यों की खुले मन से तारीफ की। कार्यक्रम में परिषद ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 1 लाख 1 हजार रुपये का अंशदान भी भेंट किया।
2500 करोड़ की बल्क ड्रग पार्क परियोजना गति पर
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में लगभग 2500 करोड़ रुपये लागत की बल्क ड्रग पार्क परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। भूमि समतलीकरण कार्य आरंभ हो चुका है तथा अन्य निर्माण कार्यों के टेंडर जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश में स्थापित हो रही तीन राष्ट्रीय बल्क ड्रग पार्क परियोजनाओं में से एक का ऊना में स्थापित होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इससे न केवल औद्योगिक परिदृश्य को नया आयाम मिलेगा, बल्कि हिमाचल प्रदेश फार्मा क्षेत्र में वैश्विक मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करेगा। परियोजना के माध्यम से एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स के क्षेत्र में चीन पर निर्भरता कम होगी और औषधीय आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर विकास एवं विस्तारीकरण को पहले चरण में 130 करोड़
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विकास, विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए प्रथम चरण में लगभग 130 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवा दी गई है। प्रशासन को सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर कार्य तुरंत प्रभाव से आरंभ करवाने के निर्देश दिए हैं। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इसकी दैनिक मॉनिटरिंग हो, ताकि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार माता वैष्णो देवी मंदिर का भव्य एवं सुव्यवस्थित स्वरूप विकसित हुआ है और श्री वृंदावन धाम में व्यापक स्तर पर आधारभूत ढांचे का विस्तार किया गया है, उसी तर्ज पर माता श्री चिंतपूर्णी धाम का भी सुनियोजित एवं भव्य विकास किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिले।
विकास पथ पर अग्रसर ऊना
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना में पीजीआई का सैटेलाइट सेंटर निर्माणाधीन है, इंडियन ऑयल का डिपो स्थापित हो चुका है तथा गैस पाइपलाइन जिले तक पहुंच चुकी है। ये सब परियोजनाएं जिले विकास की कहानी कहती हैं ।
उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गोविंद सागर झील में जल परिवहन की संभावनाओं पर कार्य जारी है, जिसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जल क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व कार्यों से अब घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध हैं तथा खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंची है। नकदी फसलों के उत्पादन में वृद्धि हुई है। ऊना नगर निगम का गठन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिले में अनेक अन्य पुलों का निर्माण भी प्रगति पर है।वहीं हरोली सोमभद्र सेतु ने कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया है।
शिक्षा क्षेत्र की मजबूती से बेटियों की उड़ान
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय जिले में शिक्षण संस्थानों की कमी थी, लेकिन आज स्थिति बदली है। बेटियां राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। ट्रिपल आईटी में देशभर के विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जिससे जिले की शैक्षणिक पहचान सुदृढ़ हुई है।
उन्होंने कहा कि ऊना की अनेक हस्तियां अमेरिका सहित विभिन्न देशों में साइबर टेक्नोलॉजी, चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। ऐसे प्रवासी भारतीयों से वे लगातार संवाद करते हैं और उन्हें अपनी मातृभूमि से जुड़े रहने तथा समय-समय पर यहां आकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने का आग्रह करते हैं।
शूरवीरों-कर्मवीरों का सम्मान
उपमुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों और संस्थाओं को वर्ष 2025-26 के हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता पुरस्कार तथा हिमोत्कर्ष हिमाचल श्री पुरस्कार प्रदान किए।
हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता पुरस्कार 2025-26 के अंतर्गत कांगड़ा जिला के शाहपुर से संबंधित शहीद सूबेदार मेजर पवन कुमार (सेना मेडल) को अमर शहीद कैप्टन अमोल कालिया स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता शौर्य पुरस्कार (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी माता, पत्नी और पुत्र ने ग्रहण किया।
ऊना जिला के बाथू गांव से बीएसएफ के सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक व्यास देव को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में प्रदर्शित अदम्य साहस के लिए अमर शहीद कैप्टन अमोल कालिया स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता (राष्ट्र समर्पण एवं प्रेरणास्त्रोत) पुरस्कार प्रदान किया गया।
सिरमौर जिला के शिलाई की भारतीय महिला कबड्डी टीम की उपकप्तान पुष्पा राणा को स्व. इंजीनियर मनमोहन सिंह कुंवर एवं प्रोमिला कुंवर स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता (श्रेष्ठ युवा प्रतिभा – खेल) पुरस्कार से अलंकृत किया गया।
हमीरपुर जिला से पंजाब केसरी टीवी हिमाचल के राज्य प्रमुख डॉ. संजीव शर्मा को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए अमर शहीद लाला जगत नारायण स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता श्रेष्ठ पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया गया।
बिलासपुर जिला के घुमारवीं से संबंधित तथा डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिकेता शर्मा को समाज के प्रति उत्कृष्ट चिकित्सीय सेवाओं के लिए स्व. इंजीनियर पंडित राम शर्मा स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता (उत्कृष्ट चिकित्सक) पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
हिमाचल मंडी जनकल्याण सभा (पंजीकृत), दिल्ली को नेत्र चिकित्सा एवं समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्व. डॉ. डी.आर. गर्ग स्मारक हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता उत्कृष्ट नेत्र आयुर्विज्ञान पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसी प्रकार हिमोत्कर्ष हिमाचल श्री पुरस्कार 2025-26 के अंतर्गत झारखंड राज्य न्यायिक सेवा में जिला जज (वरिष्ठ न्यायिक सेवा) पद पर चयनित ऊना जिला के डंगोली गांव के शिव करण राणा को स्व. रोशन लाल शर्मा स्मारक हिमोत्कर्ष हिमाचल श्री शान-ए-ऊना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके भाई बहादुर सिंह राणा ने प्राप्त किया।
हिमाचल महासभा, चंडीगढ़ को स्व. संतोष कंवर एवं स्व. कंवर हरिसिंह स्मारक हिमोत्कर्ष हिमाचल श्री (उत्कृष्ट समाजसेवी संस्था) पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त बिलासपुर के साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त संयुक्त सचिव, हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला, श्याम लाल शर्मा को राणा शमशेर सिंह स्मारक हिमोत्कर्ष हिमाचल श्री श्रेष्ठ लेखन, साहित्य एवं संस्कृति पुरस्कार से अलंकृत किया गया।
इसके अतिरिक्त बीएससी माइक्रोबायोलॉजी में प्रदेश टॉपर दीपिका को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया । 10वीं और 12वीं कक्षा में मेरिट में रहे विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया तथा जरूरतमंदों को सहायक सामग्री वितरित की गई।
कार्यक्रम में हिमोत्कर्ष साहित्य, संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद ऊना के राज्य अध्यक्ष जितेंद्र कंवर ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए परिषद की अब तक की स्वर्णिम यात्रा का विवरण और कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया।
सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर राजीव ठाकुर ने परिषद के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर पूर्व विधायक ओपी रतन, शहीद अमोल कालिया के पिता सतपाल कालिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, परिषद के पदाधिकारियों सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
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28 फरवरी 2026
उपमुख्यमंत्री ने किया माता श्री चिंतपूर्णी जी उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण
श्री चिंतपूर्णी विस में जलशक्ति विभाग के 150 करोड़ के विकास कार्य प्रगति पर : मुकेश अग्निहोत्री
श्री चिंतपूर्णी (ऊना), 28 फरवरी. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर क्षेत्र के लिए निर्मित 12.42 करोड़ रुपये लागत की उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया। इस योजना से मंदिर क्षेत्र सहित पांच पंचायतों के 19 गांवों में नियमित एवं स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुदर्शन बबलू भी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना से 10 हजार से अधिक स्थानीय नागरिक, 4 हजार से अधिक विद्यार्थी तथा प्रतिवर्ष आने वाले हजारों श्रद्धालु लाभान्वित होंगे। कलरूही खड्ड से लगभग 17 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर पानी पहुंचाया गया है तथा तीन भंडारण टैंक और आधुनिक पंपिंग मशीनरी स्थापित की गई है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र लंबे समय से इस योजना की प्रतीक्षा कर रहा था। इसे समयबद्ध पूर्ण करने पर विभागीय अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन स्थल चिंतपूर्णी में पेयजल व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा भविष्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित होगा।
प्रदेश में युद्धस्तर पर चल रहे हैं जल योजनाओं के कार्य
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेयजल योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है तथा विभिन्न योजनाओं के कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक समय जिला ऊना में पानी की गंभीर समस्या रही है, परंतु आज विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हर क्षेत्र तक पेयजल पहुंचाया जा रहा है। जिले में व्यापक स्तर पर 600 से अधिक ट्यूबवेल स्थापित किए जा चुके हैं तथा भभौर साहिब और पौंग डैम से जलापूर्ति की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 150 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं।
‘माता का बाग’ योजना छह माह में पूर्ण करने का लक्ष्य
उपमुख्यमंत्री ने 4 करोड़ रुपये लागत की ‘माता का बाग’ पेयजल योजना के कार्य को युद्धस्तर पर आरंभ करने के निर्देश देते हुए इसे छह माह में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। योजना के तहत कलरूही से माता का बाग तथा वहां से भरवाई होते हुए मंदिर क्षेत्र को जोड़ा जाएगा। साथ ही मुबारिकपुर सहित प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए प्याऊ निर्माण भी किए जाएंगे।
मंदिर विकास के लिए प्रथम चरण में 130 करोड़ उपलब्ध
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विकास, विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए पहले चरण में लगभग 130 करोड़ रुपये उपलब्ध करवा दिए गए हैं। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि कार्य तत्काल आरंभ करवाया जाए तथा दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जब देश के अन्य प्रमुख मंदिरों का विकास हो सकता है तो माता चिंतपूर्णी के कार्य में विलंब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि केंद्र की प्रसाद योजना के अंतर्गत प्राप्त 56 करोड़ रुपये की धनराशि के लिए प्रदेश सरकार को न्यायालय का सहारा लेना पड़ा, जबकि अतिरिक्त 75 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने उपलब्ध करवाए हैं, ताकि मंदिर परिसर को भव्य स्वरूप दिया जा सके।
100 करोड़ की रोपवे परियोजना को दें गति
उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के लिए स्वीकृत 100 करोड़ रुपये की रोपवे परियोजना को शीघ्र सिरे चढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगी।
उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा सुविधा से मंदिर क्षेत्र की आय में लगभग 12.50 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने भरवाईं चौक के चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण, संपूर्ण मंदिर क्षेत्र में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं निर्मित करने के लिए युद्धस्तर पर काम अकड़ने के निर्देश दिए।
जल परिवहन से जुड़ेगा नैना देवी मंदिर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए जल परिवहन की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। बिलासपुर से जलमार्ग के माध्यम से नैना देवी मंदिर को जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने जल परिवहन में केरल मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विधायक सुदर्शन बबलू की सक्रियता की सराहना करते हुए विकास कार्यों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को आवश्यक बताया।
विधायक सुदर्शन बबलू ने जताया आभार
स्थानीय विधायक सुदर्शन बबलू ने माता श्री चिंतपूर्णी जी उठाऊ पेयजल योजना के लोकार्पण पर उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात बताया।
उन्होंने कहा कि मंदिर क्षेत्र एवं आसपास के गांवों में स्थायी पेयजल समाधान की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो अब पूरी हुई है। मंदिर के विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 130 करोड़ रुपये की उपलब्धता को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताते हुए विश्वास जताया कि इससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नया बल मिलेगा। उन्होंने श्री चिंतपूर्णी विस क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई योजनाओं के कार्य की प्रगति पीके लिए भी उपमुख्यमंत्री का आभार जताया।
इस अवसर पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, राजेश पराशर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रविंद्र, विकास कश्यप, प्रमोद कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, जलशक्ति विभाग के मुख्य अभियंता रोहित दूबे और अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान, एसडीएम पारस अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।






उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में टेका माथा, प्रस्तावित विकास कार्यों का लिया जायजा
श्री चिंतपूर्णी, 28 फरवरी.
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर क्षेत्र के लिए 12.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ पेयजल योजना के लोकार्पण के उपरांत मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विधायक सुदर्शन बबलू भी उनके साथ उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में प्रस्तावित विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों से संबंधित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मंदिर के भव्य एवं सुव्यवस्थित स्वरूप के लिए सरकार प्रतिबद्ध है तथा प्रथम चरण में विकास कार्यों हेतु 130 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि मंदिर विकास से जुड़े सभी कार्यों की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता एवं आधारभूत ढांचे से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध पूरा किया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भरवाई पहुंचते ही श्रद्धालुओं को यह अनुभव होना चाहिए कि वे एक विशिष्ट एवं पवित्र धाम में प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए आकर्षक प्रवेश द्वार, समुचित सौंदर्यीकरण, थीम आधारित प्रकाश व्यवस्था, धार्मिक आस्था को प्रतिबिंबित करती कलाकृतियों तथा सेल्फी प्वाइंट्स का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। विभागीय समन्वय के साथ सभी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर एवं सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।


विकास परियोजनाओं की हो सतत निगरानी और नियमित समीक्षा, कोताही बर्दाश्त नहीं : उपमुख्यमंत्री
माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर निर्माण परियोजना में विलंब पर जताई नाराज़गी
बोले…मंदिर कागजों पर नहीं, धरातल पर उतरे
27 फरवरी. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिले में निर्माणाधीन प्रमुख विकास परियोजनाओं की सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को विशेष गति की आवश्यकता है, उनकी उपायुक्त की अध्यक्षता में नियमित समीक्षा की जाए। विभागीय स्तर पर मासिक बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित हों तथा प्रत्येक माह उपायुक्त स्वयं प्रगति की विस्तृत समीक्षा करें, ताकि सभी जनोपयोगी कार्य तय समयसीमा में पूर्ण हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में उतरकर कार्यों की प्रगति की प्रत्यक्ष निगरानी करें।
वे शुक्रवार को जिला परिषद सभागार, ऊना में आयोजित जिला जन शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में श्री चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू सहित समिति के गैर सरकारी सदस्य एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर निर्माण परियोजना में विलंब पर जताई नाराज़गी
श्री अग्निहोत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर भवन निर्माण एवं परिसर सौंदर्यीकरण कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए।
उन्होंने कहा कि जब माता वैष्णो देवी मंदिर का भव्य स्वरूप विकसित हो सकता है, जब श्री वृंदावन धाम में व्यापक विकास कार्य संभव हैं, तो फिर माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में कार्यों में विलंब क्यों । उन्होंने कहा कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्य आरंभ न होना अस्वीकार्य है।
उन्होंने दो टूक कहा कि मंदिर कागजों पर नहीं, धरातल पर बनना चाहिए। यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति प्रशासनिक स्तर पर परिलक्षित न हो, तो योजनाएं मूर्त रूप कैसे लेंगी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के अंतर्गत प्राप्त 56 करोड़ रुपये तथा जिला प्रशासन के 75 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के प्रबंधन एवं विकास मॉडल का अध्ययन करने हके लिए एक टीम भेजे, ताकि वहां हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और अभिनव व्यवस्थाओं से सीख ली जा सके। उसी तर्ज पर आधुनिक और नवाचारपूर्ण कार्य यहां भी लागू किए जाएं और उन्हें निश्चित समयसीमा में पूरा किया जाए।
मंदिर परिसर और मार्ग में सेल्फी पॉन्ट्स, अंब रेलवे स्टेशन पर मंदिर की प्रतिकृति वाला सेल्फी पॉन्ट्स बनाने को लेकर भी विचार करें। उन्होंने मंदिर से भरवाई तक सीसीटीवी कैमरों, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ एवं सुलभ शौचालयों तथा रेन शेल्टर की व्यवस्था को तत्काल सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने माता श्री चिंतपूर्णी मुख्य बाजार में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड डक्ट बनाने को कहा ताकि अटकी श्रद्धालुओं को राहत मिले।
जल्द शुरू हो श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर रोपवे परियोजना
उपमुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को नई उंचाई देने के उद्देश्य से श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर से संबंधित रोपवे परियोजना को शीघ्र सिरे चढ़ाने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि यह लगभग 100 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगी।
उन्होंने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने को कहा ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
पंडोगा में 12 करोड़ से बनेगा रोपवे परियोजना
उपमुख्यमंत्री ने हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंडोगा में रोपवे परियोजना को पूरी गति से आगे बढ़ाने को कहा । उन्होंने बताया कि पंडोगा क्षेत्र में वनखंडी के समीप रेस्ट हाउस के पास वनखंडी माता मंदिर के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। यह रोपवे होशियारपुर सीमा से पंडोगा तक निर्मित किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। इसी साल अक्टूबर माह तक रोपवे निर्माण कार्य पूर्ण कर इसे जनता को समर्पित करने केंलक्ष्य से काम करने को कहा, ताकि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिल सके।
प्राथमिकता पर हो पुलों के काम, कोई मिसिंग लिंक न छूटे
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में सड़कों एवं पुलों पर अरबों रुपये की परियोजनाएं पूर्ण होने से कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार आया है। लेकिन जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों के अधिशासी अभियंता यह सुनिश्चित करें कि कहीं कोई ‘मिसिंग लिंक’ शेष न रह जाए। कहां कहां काम पूरे हो गए, कहां कहां चले हैं और क्या कोई ऐसी जगह है जहां पुल निर्माण की आवश्यकता अभी भी भी बाकी है उसका समग्र डाटा विभाग एवं जिला प्रशासन के पास उपलब्ध होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन पुलों के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध पूरा किया जाए ताकि कनेक्टिविटी निर्बाध बनी रहे। उन्होंने कहा कि पूर्व में स्वां नदी में बाढ़ आने पर दोनों किनारों के लोग कट जाते थे, यातायात बाधित हो जाता था, लेकिन अब अनेक पुलों के निर्माण से आमजन को बड़ी राहत मिली है।
उन्होंने जिले में निर्माणाधीन पांच प्रमुख पुलों के कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें प्राथमिकता पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। ऊना-संतोषगढ़ मार्ग पर रामपुर में वर्ष 2024 में क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर स्थापित बैली ब्रिज की बजाय स्थायी पक्का पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर इसे आगामी बजट में हर हाल में शामिल कराने के निर्देश दिए। इसके लिए उपायुक्त को व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने लाठियानी-मंदली पुल परियोजना की प्रगति की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण किसी भी एजेंसी द्वारा किया जा रहा हो, किंतु जिला प्रशासन के पास इसकी अद्यतन जानकारी एवं प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त पंडोगा-त्यूड़ी पुल, लोहारली-चुरड़ू पुल तथा स्वां नदी पर अंब रेलवे स्टेशन एवं गगरेट को जोड़ने वाले पुल के निर्माण कार्यों को भी समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए ।
ट्यूबवेलों के जीर्णोद्धार के लिए तैयार हो समेकित डीपीआर
उपमुख्यमंत्री ने जल प्रबंधन से संबंधित विषयों पर चर्चा करते हुए बताया कि ऊना जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 600 ट्यूबवेल संचालित हैं। जिन ट्यूबवेलों की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की आवश्यकता है, उन्हें चिह्नित कर एक समेकित डीपीआर तैयार की जाए, ताकि वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव एकमुश्त भेजा जा सके और आवश्यक रिमॉडलिंग कार्य संपन्न हो सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ट्यूबवेलों को नवीन क्रम संख्या देकर विधानसभा-वार अद्यतन डाटा तैयार किया जाए, जिससे वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप समग्र योजना निर्माण संभव हो सके।
जल परिवहन को बढ़ावा, बंगाणा में संभावनाएं तलाशने के निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में जल परिवहन को सशक्त बनाने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। इस दिशा में 68 करोड़ रुपये का एमओयू भी किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि ऊना जिले के बंगाणा क्षेत्र में गोविंद सागर झील के कारण जल परिवहन और जल-आधारित पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। यदि बंगाणा क्षेत्र के लिए कोई व्यवहारिक एवं नवाचार आधारित प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाता है तो यह क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि इस संबंध में संभावनाओं का अध्ययन कर ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए।
आलू प्रोसेसिंग प्लांट का कार्य शीघ्र आरंभ हो
उपमुख्यमंत्री ने श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित आलू प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण कार्य को शीघ्र आरंभ करने के निर्देश दिए। इसके लिए भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी, उपायुक्त तथा स्थानीय विधायक संयुक्त रूप से बैठक कर प्लांट के लेआउट पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दें, ताकि कार्य प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि परियोजना की आधारशिला मुख्यमंत्री के हाथों रखवाने का आग्रह किया जाएगा।
ईको-टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं पर काम करें
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऊना जिले में ईको-टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को चिन्हित कर योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें। इस दिशा में संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार करें।
श्री अग्निहोत्री ने लावारिस पशुओं की समस्या को देखते हुए कृषि विभाग के माध्यम से संचालित बाड़बंदी योजना के प्रचार प्रसार पर जोर दिया। इस योजना के तहत बजट बढ़ाने को उपायुक्त के माध्यम से प्रपोजल भेजें। ताकि किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकें और योजना का दायरा अधिक प्रभावी ढंग से विस्तारित किया जा सके।
दूषित जल निकासी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने बैठक में टाहलीवाल क्षेत्र में कुछ औद्योगिक इकाइयों द्वारा दूषित जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की तथा प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित औद्योगिक इकाइयों द्वारा पर्यावरणीय मानकों एवं नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि नाले का निर्माण आबादी क्षेत्र से बाहर तक सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े तथा दूषित जल की निकासी आबादी से दूर सुरक्षित रूप से हो सके। इस कार्य की समस्त लागत भी संबंधित एवं जिम्मेदार औद्योगिक इकाइयों द्वारा वहन की जाए।
चिंतपूर्णी माता मंदिर पेयजल योजना का लोकार्पण 28 को
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि श्री चिंतपूर्णी माता मंदिर एवं साथ लगती पंचयतों के लिए करीब 12.25 करोड़ से 100 फीसदी तैयार कर ली गई है। इस पेयजल योजना का 28 फरवरी शनिवार को लोकार्पण किया जाएगा।
विधायक सुदर्शन बबलू ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे
श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन बबलू ने बैठक में विभिन्न जनहित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने समिति की बैठक हर तीन महीने के अंतराल में आयोजित कराने का आग्रह किया ताकि विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा नियमित हो सके। विधायक ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विकास के लिए दिए गए निर्देशों पर आभार जताते हुए कहा कि बड़े मंदिरों की तर्ज पर समग्र विकास कार्य शीघ्र आरंभ करने और आधारशिला जल्द रखने का आग्रह किया।
उपायुक्त जतिन लाल ने उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिया कि उपमुख्यमंत्री द्वारा बैठक में दिए सभी निर्देशों का पूरा पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देशराज गौतम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वरिष्ठ रणजीत राणा, जल प्रबंधन बोर्ड के सदस्य पवन ठाकुर, राज्य परिवहन निगम के सदस्य विवेक मिंका, हिमाचल प्रदेश के रोपवे एवं रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के निदेशक अजय शर्मा , मेहताब ठाकुर सहित अन्य गैर सरकारी सदस्य, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा समेत सभी एसडीएम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ग़रीब कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री
ऊना में डेढ़ साल में सामाजिक सुरक्षा पर 186 करोड़ व्यय, 70 हज़ार से अधिक परिवारों को सीधा लाभ
ऊना, 27 फरवरी. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। ऊना जिले में बीते डेढ़ वर्ष के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर 186 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जिससे 70 हजार से अधिक पात्र परिवारों को सीधा लाभ पहुंचा है।
वे शुक्रवार को जिला परिषद सभागार ऊना में आयोजित जिला कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में श्री चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, समिति के गैर-सरकारी सदस्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिले में वर्ष 2024-25 में 121 करोड़ रुपये तथा चालू वित्त वर्ष में अब तक 64.65 करोड़ रुपये व्यय कर 70 हजार से अधिक लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की गई है।
वर्तमान वित्त वर्ष में वृद्धावस्था पेंशन के तहत 44,818 लाभार्थियों को 41.97 करोड़ रुपये वितरित किए गए। विधवा पेंशन के अंतर्गत 9,412 महिलाओं को 8.98 करोड़ रुपये तथा 6,065 दिव्यांगजनों को दिव्यांग राहत भत्ते के रूप में 5.7 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 5,451 पात्र महिलाओं को 5.17 करोड़ रुपये तथा इंदिरा गांधी विधवा पेंशन योजना के अंतर्गत 2,055 महिलाओं को 1.9 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है।
सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 76 दंपत्तियों को 38 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। अत्याचार से पीड़ित 32 व्यक्तियों को 12.75 लाख रुपये की राहत प्रदान की गई।
कौशल विकास के क्षेत्र में 162 युवाओं को कंप्यूटर एप्लीकेशन योजना के तहत 79.73 लाख रुपये का कौशल विकास भत्ता दिया गया। दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 11 लाभार्थियों को 1.41 लाख रुपये तथा दिव्यांग विवाह अनुदान योजना के तहत 7 दंपत्तियों को 2.75 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त 26 एससी, एसटी एवं ओबीसी परिवारों को गृह अनुदान योजना के तहत 8.25 लाख रुपये की सहायता दी गई।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा की भावना से जुड़ी संवेदनशील पहल हैं।
विधायक सुदर्शन बबलू ने बैठक में विभिन्न जनहित मुद्दों को उठाते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया।
उपायुक्त जतिन लाल ने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाएगी। जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित ने विभागीय योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष देशराज गौतम, वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, जल प्रबंधन बोर्ड सदस्य पवन ठाकुर, राज्य परिवहन निगम सदस्य विवेक मिंका, मेहताब ठाकुर सहित अन्य गैर-सरकारी सदस्य, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा तथा जिले के सभी एसडीएम एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कुंगड़त पंचायत सामुदायिक केन्द्र का किया लोकार्पण, बीटन पंचायत सामुदायिक केन्द की रखी आधारशिला
कहा….ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला, इन्हें सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता
ऊना, 26 फरवरी
ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं और पंचायत सामुदायिक केन्द्र ग्रामीण विकास गतिविधियों के सशक्त केंद्र के रूप में कार्य करते हैं। यह बात उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरवार को हरोली विधानसभा की ग्राम पंचायत कुंगड़त में 33 लाख रुपये की लागत से निर्मित नए पंचायत सामुदायिक केन्द्र भवन के लोकार्पण अवसर पर कही। इस सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री द्वारा कुल 1.14 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई थी, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 33 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है, जबकि दूसरे तल का निर्माण कार्य दूसरे चरण में किया जाएगा।इससे पहले उन्होंने लगभग 1.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बीटन पंचायत सामुदायिक केन्द्र, भवन की आधारशिला भी रखी। इस भवन में पंचायत प्रधान कक्ष के अतिरिक्त आधुनिक मीटिंग हॉल, ग्रामसभा सभागार, लोकमित्र केन्द्र तथा पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे पंचायत कार्यों को और अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा।उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को अधिक संसाधन, आधुनिक सुविधाएं और प्रशासनिक मजबूती प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं और पंचायत घर ग्रामीण विकास गतिविधियों के सशक्त केंद्र के रूप में कार्य करते हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। पंचायत सामुदायिक केन्द्रों के निर्माण से जहां जनप्रतिनिधियों को कार्य निष्पादन में सुविधा मिलेगी, वहीं आम नागरिकों को भी विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर सुलभ हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है तथा सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
विकास का केंद्र बनकर उभर रहा हरोली विस का बीत क्षेत्र
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली का बीत क्षेत्र तीव्र गति से विकास के केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां ट्रैफिक पार्क, 5 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर, 13.50 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट तथा 10 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक रनिंग ट्रैक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर रोड़ा क्षेत्र एक आधुनिक एवं विकसित नगर के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।
हरोली क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल व्यवस्था सुदृढ़
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत से ‘बीत एरिया फेज-2’ उठाऊ पेयजल योजना पर कार्य प्रगति पर है। इस योजना के अंतर्गत स्वां नदी से जल उठाकर बीत एवं पालकवाह क्षेत्र के 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से वर्ष 2027 तक हरोली क्षेत्र को शत-प्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा से संपन्न करने की दिशा में ठोस उपलब्धियां हासिल होंगी। इसके अतिरिक्त भवौर साहिब से भी पानी उठाने की योजना का कार्य प्रगति पर है। इसके निर्मित होने पर इस क्षेत्र में कृषि गतिविधियों के विकास को तेजी मिलेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में आए व्यापक परिवर्तन का सर्वाधिक लाभ नारी शक्ति को मिला है। बढ़ेड़ा में हिमकैप्स लॉ कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के बाद अब आयुर्वेद कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है। ट्रिप्पल आई टी और कई स्कूलों को अपग्रेड कर वरिष्ठ माध्यमिक बनाया गया है। जिसकी वजह से आज यहां की बेटियां जज, वकील, नर्स और डॉक्टर बनकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। यह शिक्षा क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण है।
परमिट अवधि 12 से 15 वर्ष करने पर टैक्सी ऑपरेटरों ने जताया आभार
इस मौके पर वाहन के परमिट अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष किए जाने के निर्णय पर हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष रामरतन शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भेंट कर इस कार्य के लिए आभार जताया।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एसोसिएशन की मांग पर इस विषय को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया गया था। सरकार बनने के बाद जब मामले की समीक्षा की गई तो पाया गया कि यह विषय राज्य सरकार के बजाय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस विसंगति को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने गंभीरता से प्रयास करते हुए मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया और प्रभावी पैरवी की। परिणामस्वरूप न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे देश के टैक्सी ऑपरेटरों को इसका लाभ मिला। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही राष्ट्रीय स्तर की विसंगति को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ट्रांसपोर्ट विभाग की उल्लेखनीय उपलब्धि
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य ट्रांसपोर्ट विभाग ने वित्तीय प्रबंधन में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि विभाग ने विभिन्न माध्यमों से लगभग एक हजार करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार द्वारा 93 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है।उन्होंने बताया कि विभाग ने केवल ‘मनचाहा वाहन नंबर’ (चॉइस नंबर) की प्रक्रिया के माध्यम से ही लगभग 100 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है, जो विभाग की पारदर्शी और प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार परिवहन क्षेत्र को सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे निर्णय लिए जाते रहेंगे, जिससे आम जनता और परिवहन से जुड़े हितधारकों को सीधा लाभ मिल सके।कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने विभिन्न मांगें एवं समस्याएं उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिनके शीघ्र समाधान का उन्होंने आश्वासन दिया।
ये रहे उपस्थित पूर्व विधायक बिलासपुर सदर बंबर ठाकुर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत सिंह राणा, ब्लॉक कांग्रेस हरोली के अध्यक्ष विनोद बिट्टू, प्रमोद कुमार, बीटन के प्रधान सोमनाथ सहित अन्य मौजूद रहे।


