17 February 2025









Mukesh Agnihotri
चिट्टा मुक्त हिमाचल के संकल्प को मिला जनसमर्थन
नए सुकेती पुल पर 100 फुट लंबा हस्ताक्षर बैनर, उपमुख्यमंत्री ने लिखकर दिया संदेश
16 फरवरी 2026
अंतरार्ष्टारीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान चिट्टा मुक्त अभियान के तहत नए सुकेती पुल पर 100 फुट लंबा हस्ताक्षर बैनर लगाया गया, जिस पर कोई भी नागरिक अपने हस्ताक्षर कर इस जनअभियान से जुड़ सकता है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्वयं दीवार पर संदेश लिखकर अभियान का शुभारंभ किया तथा बैनर पर हस्ताक्षर कर हिमाचल को चिट्टा मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने लोगों, विशेषकर युवाओं से इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी की अपील की।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिट्टा सहित अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री व उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठा रही है, ताकि भावी पीढ़ी को इसके चंगुल से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने में जन जागरूकता एक महत्वपूर्ण कारक है। स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के सामाजिक अभियान नशामुक्त हिमाचल की संकल्पना को साकार करने में अपनी सार्थक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज की भागीदारी से ही इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस अभियान से जुड़कर नशे जैसी बुराई को समाज से दूर भगाने में अपना सक्रिय सहयोग दें।हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चिट्टा के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान की कड़ी में जिला प्रशासन मंडी ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के साथ मिलकर यह हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया। अभियान के तहत लगाए गए 100 फुट लंबे बैनर पर लोगों ने नशामुक्त समाज बनाने का संदेश लिखते हुए हस्ताक्षर किए।इस अवसर पर विधायक चंद्रशेखर, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, चंपा ठाकुर, उपायुक्त मंडी, पुलिस अधीक्षक मंडी तथा अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने भी हस्ताक्षर कर अभियान में भागीदारी निभाई।-0-

टारना मंदिर में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने लिया कमरूनाग और माता श्यामाकाली का आशीर्वाद
मंडी, 16 फरवरी। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने टारना मंदिर पहुंचकर मंडी जनपद के आराध्य देव कमरूनाग का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने माता श्यामाकाली की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इसके उपरांत उन्होंने बाबा भूतनाथ मंदिर तथा भीमाकाली मंदिर में भी पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी शिवरात्रि महोत्सव में पधारे सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद समस्त प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे तथा प्रदेश निरंतर उन्नति और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़ता रहे।



मंडी का सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव शुरू,
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने महोत्सव का किया विधिवत शुभारम्भ,
श्री राज माधो राय की प्रथम जलेब में हुए शामिल, प्रदर्शनियों का किया शुभारम्भ और स्मारिका का किया विमोचन
मंडी, 16 फरवरी। श्री राज माधोराय की अगवानी में निकली प्रथम जलेब एवं ऐतिहासिक पड्डल मैदान में ध्वजारोहण के साथ विश्व विख्यात सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी-2026 का आज औपचारिक शुभारम्भ हुआ। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और इस अवसर पर मंडी नगर के 500 वर्ष पूर्ण होने पर तैयार विशेष लोगो जारी किया, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया तथा मेला समिति की स्मारिका का विमोचन भी किया।
उप-मुख्यमंत्री मंडी जनपद के अधिष्ठाता श्री राज माधो राय की पारंपरिक प्रथम जलेब में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने श्री राज माधो राय मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर से पड्डल मैदान तक निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में अपने स्थानीय देवी-देवताओं के साथ नृत्य करते हुए शामिल हुए। इस बार 200 से अधिक देवी-देवताओं की महोत्सव में शामिल होने के लिए मंडी पहुंच चुके हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने परंपरानुसार पगड़ी समारोह में भी भाग लिया और पड्डल में आयोजित शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रदेशवासियों तथा जिला के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मंडी का पांच सौ साल का इतिहास यहां की समृद्ध विरासत का प्रतीक है और अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव केवल उत्सव नहीं बल्कि देव संस्कृति, लोक आस्था और सामूहिक पहचान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा मंडी शिवरात्रि और कुल्लू दशहरा मेले को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने से इन मेलों की प्रतिष्ठा विश्व स्तर तक पहुंची और आज यह हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान बन चुके है। विदेशी कलाकार यहां आ रहे हैं और मंडी के लोगों ने इस देवसमागम की परंपरा को सदियों से सहेज कर रखा है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान और जीएसटी क्षतिपूर्ति बंद किया जाना उचित नहीं है और यह संघीय ढांचे के विपरीत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर हिमाचल का अधिकार बहाल करवाने का आग्रह किया और आश्वस्त किया कि किसी का वेतन, पेंशन या ओपीएस बंद नहीं होगी तथा विकास कार्य जारी रहेंगे।
इससे पहले उपायुक्त एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि इस वर्ष पहली बार पैगोडा शैली में देवी-देवताओं के लिए विशेष देव स्थल तैयार किए गए हैं, जिससे देव परंपरा की गरिमा और बेहतर रूप में दिखाई दे सके। उन्होंने शिवरात्रि महोत्सव में आयोजित किए जा रहे अन्य कार्यक्रमों का भी ब्यौरा दिया।
उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर विधायक एवं अध्यक्ष महाशिवरात्रि महोत्सव आम सभा चन्द्रशेखर, पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह, रंगीला राम राव और प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, अनुसूचित जाति जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चम्पा ठाकुर, निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह, एचपीएमसी निदेशक मंडल सदस्य जोगिन्द्र गुलेरिया, धर्मेंद्र धामी, केशव नायक, पूर्व प्रत्याशी पवन ठाकुर, जीवन ठाकुर व नरेश चौहान, जगदीश रेड्डी, मेयर विरेन्द्र भट्ट, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, सर्वदेवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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07-02-2026
कर्मचारी महासंघों के संयुक्त सम्मेलन में जलशक्ति कर्मियों को उपमुख्यमंत्री ने दिया भरोसा…
“मैं आपके साथ, हर जायज़ मुद्दे का होगा समाधान”
ऊना, 7 फरवरी. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जलशक्ति विभाग के कर्मचारी महासंघों के संयुक्त सम्मेलन में कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनकी सभी जायज़ समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
यह सम्मेलन शनिवार को हरोली स्थित पालकवाह ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान संभव न हो। आप विश्वास रखें, मैं आपके साथ हूं और आपके सभी जायज़ मुद्दों का समाधान किया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान कर्मचारियों ने नियमितीकरण, पदोन्नति, पेंशन, नीति निर्माण, ड्यूटी व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों से संबंधित अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। उपमुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और प्रत्येक जायज़ मांग के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों में नीति की आवश्यकता होगी, वहां सरकार नई नीति बनाएगी और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग में प्रक्रियागत तरीके से पक्की भर्तियां सुनिश्चित की जा रही हैं,जिससे कर्मचारियों को पेंशन लाभ से जोड़ा जा सके।
उन्होंने बताया कि जलशक्ति विभाग में 419 करुणामूलक भर्तियां की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम लागू कर कर्मचारियों को बुढ़ापे की गारंटी दी है। एचआरटीसी में भी ओपीएस लागू की जा चुकी है और जो कर्मचारी अभी इस व्यवस्था से वंचित हैं, उन्हें भी इसमें शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था की उपयोगिता अथवा अनुपयोगिता पर भी गंभीरता से मंथन किया जा रहा है ।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जलशक्ति विभाग के कर्मचारी अत्यंत कठिन और विपरीत परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देते हैं। प्रदेश के हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना कोई छोटा कार्य नहीं है और इसके लिए विभाग के कर्मचारियों का योगदान सराहनीय है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सीमित राजस्व संसाधनों के बावजूद सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी व्यवस्था हिमाचल प्रदेश के लिए पहले ही नुकसानदेह रही है और अब राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को समाप्त कर केंद्र सरकार ने प्रदेश को धोखा दिया है। लेकिन राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार का धोखा नहीं होने देगी।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में हिमाचल प्रदेश को लगभग 38 हजार करोड़ रुपये आरडीजी के रूप में प्राप्त हुए थे। वर्तमान परिस्थितियों में यह अपेक्षा थी कि यह सहायता बढ़ेगी, लेकिन इसके विपरीत आरडीजी को ही समाप्त कर दिया गया, जिससे प्रदेश के समक्ष गंभीर वित्तीय चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा करीब साढ़े बारह सौ करोड़ रुपये की राशि अभी तक जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद इस मिशन के तहत नियुक्त कर्मचारियों का वेतन राज्य सरकार अपने संसाधनों से वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित योजनाओं को पूरा करने के लिए धन का प्रबंध किया गया है। फिना सिंह योजना के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कार्य आगे बढ़ा। मंडी जिला के धर्मपुर क्षेत्र की लंबित जल योजनाओं के लिए भी धनराशि प्राप्त की गई है।
उन्होंने कहा कि जलशक्ति विभाग में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी ईश्वर द्वारा एक विशेष दायित्व के लिए चुने गए सेवक हैं। पहले समाज में प्याऊ लगाना पुण्य माना जाता था, आज वही सेवा जलशक्ति विभाग के माध्यम से हो रही है। उन्होंने कर्मचारियों से जल से जुड़े कार्य को ईश्वर का दिया अवसर मानकर पूरी निष्ठा से निभाने का आह्वान किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कभी हरोली क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत रहती थी, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और यह क्षेत्र नकदी फसलों का गढ़ बन चुका है। एक समय पीने के लिए पानी नहीं होता था, आज खेत लहलहा रहे हैं। यह परिवर्तन जलशक्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है।
कार्यक्रम में आईटीआई प्रशिक्षित पंप ऑपरेटर कल्याण महासंघ के राज्य अध्यक्ष मनजीत सिंह और महासचिव बहादुर सिंह, जलशक्ति विभाग कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राजीव अग्निहोत्री पाठक, पैरा पंप ऑपरेटर-पैराफिटर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अमन शर्मा, जल रक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ज्वालू राम तथा पैरा मल्टीपर्पस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक कुमार ने अपने-अपने संगठनों की मांगों से उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया।
कार्यक्रम में कांग्रेस नेता रणजीत राणा, विनोद बिट्टू, संदीप अग्निहोत्री, अधीक्षण अभियंता जलशक्ति विभाग नरेश धीमान, एसडीएम विशाल शर्मा, डीएसपी मोहन रावत सहित अन्य अधिकारी तथा प्रदेशभर से आए जलशक्ति विभाग के विभिन्न महासंघों के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने आईआईआईटी ऊना के वार्षिक टेक्निकल फेस्टिवल ‘मेराकी-2026’ का किया शुभारंभ
ड्रोन व रोबोटिक्स में कार्य विस्तार पर जोर, युवाओं से अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान
ऊना, 7 फरवरी.
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना के वार्षिक टेक्निकल फेस्टिवल ‘मेराकी-2026’ का शुभारंभ किया। यह टेकफेयर 7 से 9 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने मेराकी-2026 के लोगों तथा संस्थान की पत्रिका ‘प्रगति परिमल’ का भी विमोचन किया।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने ड्रोन तकनीक और रोबोटिक्स के क्षेत्र में कार्य करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन तकनीक की आवश्यकता स्पष्ट रूप से महसूस हुई। ऐसे अनुभव यह दर्शाते हैं कि भविष्य में सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक की भूमिका अत्यंत निर्णायक होगी। उन्होंने युवाओं और तकनीकी संस्थानों से आह्वान किया कि वे इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें, ताकि भारत ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बन सके।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि टेकफेयर जैसे मंच युवाओं को नवाचार, सृजनशीलता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार एक सशक्त डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना भी कठिन था कि ऊना की धरती पर ट्रिपल आईटी जैसा प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान किसी तश्तरी में परोसकर नहीं मिला, बल्कि लंबे संघर्ष और अनेक बाधाओं को पार करते हुए स्थापित हुआ है। आज यहां हिमाचल के अनेक बच्चे अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने संस्थान में एमएससी गणित पाठ्यक्रम के आरंभ की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में इसकी लंबे समय से मांग थी। अब इस पाठ्यक्रम के शुरू होने से स्थानीय विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिला है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान द्वारा स्थानीय युवाओं के लिए जो नए अवसर खोले गए हैं, उनका दीर्घकालीन लाभ क्षेत्र और प्रदेश दोनों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि तकनीक, ज्ञान और अनुसंधान का आदान-प्रदान विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है।
उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि आईआईआईटी ऊना द्वारा ऊना-हरोली क्षेत्र के लगभग एक हजार युवाओं के कौशल विकास के लिए विशेष पहल की जा रही है, जिस पर लगभग एक करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने संस्थान से अपेक्षा जताई कि यह पहल जमीनी तौर पर दिखाई दे व परिणामोन्मुख हो।
क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पानी की समस्या से जूझने वाला यह क्षेत्र आज सिंचाई सुविधाओं से सशक्त हो रहा है। किसान नकदी फसलें उगा रहे हैं तथा शिक्षा, सड़क और आधारभूत ढांचे में व्यापक सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि हरोली में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत का बल्क ड्रग पार्क स्थापित किया जा रहा है, जो देश के तीन बल्क ड्रग पार्कों में से एक है। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त बाथू में 18 करोड़ रुपये की लागत से टूल रूम तथा पंडोगा में 10 करोड़ रुपये की लागत से टेक्नोलॉजी पार्क का निर्माण किया जा रहा है।
तीन महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईआईआईटी ऊना द्वारा शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। ये एमओयू सीएसआईआर सीएसआईओ चण्डीगढ़, सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी गुरदासपुर तथा सिद्धार्था इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी हैदराबाद के साथ किए गए। इन समझौतों से संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान, कौशल विकास और नवाचार के नए अवसर सृजित होंगे।
उपमुख्यमंत्री ने संस्थान के स्पोर्ट्स इवेंट ‘यलगार’, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं एवं नवाचार स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इसके उपरांत उन्होंने इनोवेशन एक्सपो का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नवाचारी परियोजनाओं की सराहना की। उन्होंने परिसर में बरगद का पौधा भी रोपित किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के निदेशक प्रोफेसर हीरालाल मुरलीधर सूर्यवंशी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी तकनीक को सशक्त करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर बनने, असफलताओं से सीखने और रचनात्मकता व आत्मविश्वास विकसित करने का आह्वान किया।
सीएसआईआर सीएसआईओ के निदेशक प्रोफेसर शांतनु भट्टाचार्य ने मेराकी को युवा मस्तिष्कों का मंच बताते हुए नवाचारी सोच, एमएसएमई समाधान और लैब-टू-प्रोडक्ट मॉडल पर बल दिया।
सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. सुशेंद्र कुमार मिश्रा ने युवाओं से स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर आगे बढ़ने तथा 2047 तक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रोफेसर मनीष गौड़ ने उपमुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप संस्थान के द्वार हरोली क्षेत्र के युवाओं के लिए और अधिक व्यापक रूप से खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग एक हजार युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि आईआईआईटी ऊना आज देश में नवाचार और नए विचारों की प्रयोगशाला के रूप में विकसित हो रहा है।
मेराकी समन्वयक डॉ. तनु वढेरा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि डॉ. भामती दास ने पत्रिका प्रगति परिमल की सामग्री की जानकारी दी। इस अवसर पर कांग्रेस नेता रणजीत राणा, अशोक ठाकुर, संस्थान के प्रोफेसर, विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थी, शिक्षक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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