प्रेस नोट

रोपवे से यात्रा व सामान ढुलाई होगी निःशुल्क : उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री

मंडी, 4 जुलाई। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि बाढ़ और भूस्खलन से पूरी तरह से कट चुके सराज क्षेत्र में लोगों की सुविधा और राहत को ध्यान में रखते हुए रोपवे से यात्रा और सामान ढुलाई आगामी 7 से 10 दिनों तक पूर्णतः निःशुल्क होगी। शुक्रवार देर सायं मंडी पहुंचने के बाद उप मुख्यमंत्री ने बगलामुखी रोपवे के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस समय यह क्षेत्र पूरी तरह से बाहरी संपर्क से कटा हुआ है और रोपवे ही यहां की एकमात्र जीवनरेखा बनकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि रोपवे निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आमजन की सुविधा के लिए अगले 10 दिनों तक किसी भी प्रकार का कोई शुल्क न लिया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा के समय मुनाफा नहीं, जनसेवा प्राथमिकता होनी चाहिए।

पेयजल योजनाएं बुरी तरह प्रभावित, शीघ्र बहाली के निर्देश

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सराज क्षेत्र की 121 करोड़ रुपये की पेयजल योजना को गंभीर नुकसान हुआ है। मंडी जिले में कुल 75 से 100 करोड़ तथा पूरे प्रदेश में 300 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का अनुमान है। जल शक्ति विभाग को ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया अपनाकर कार्यों की तत्काल शुरुआत करने की अनुमति दी गई है, ताकि बहाली कार्यों में देरी न हो। पाइपों की उपलब्धता न होने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर खरीद की भी छूट दी गई है।
उन्होंने बताया कि बहाली कार्यों की निगरानी के लिए दोनों मुख्य अभियंता सराज में तैनात रहेंगे, जबकि शिमला से चार अधिशाषी अभियंता विशेष रूप से डिप्युट किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को भी सड़क बहाली हेतु ऑफलाइन टेंडर आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार दे रही है हर संभव सहायता

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि सेना, प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें क्षेत्र में लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। इस अवसर पर चेत राम ठाकुर सहित जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उप मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।

प्रेस नोट

प्रभावित पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं की बहाली शीर्ष प्राथमिकताः मुकेश अग्निहोत्री

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जल शक्ति विभाग की 3,698 परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें 2,786 जलापूर्ति, 733 सिंचाई और 41 सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं। विभाग द्वारा अब तक लगभग 240 करोड़ रुपये की क्षति का आकलन किया गया है।मुकेश अग्निहोत्री ने हालात की गंभीरता को देखते हुए जल शक्ति विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं तथा विभाग ने युद्धस्तर पर बहाली का कार्य आरंभ कर दिया है। उन्होंने विभाग को प्राथमिकता के आधार पर पेयजल और सीवरेज सेवाओं को बहाल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।उन्होंने कहा कि अब तक 1,591 जलापूर्ति परियोजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है। विभागीय अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी दिन-रात कार्य में जुटे हुए हैं ताकि शेष परियोजनाओं की बहाली भी शीघ्र सुनिश्चित की जा सके।उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा के इस मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़ी है और जल शक्ति विभाग हर संभव संसाधन का उपयोग कर परियोजनाओं की बहाली में जुटा है। .0.

English

Restoring water supply and irrigation schemes a top priority: Mukesh Agnihotri

The recent spell of heavy rains and landslides in the state has severely disrupted normal life. A total of 3,698 schemes of the Jal Shakti department have been damaged, including 2,786 drinking water supply schemes, 733 irrigation schemes and 41 sewerage schemes. The department has so far assessed damage amounting to over Rs. 240 crore.
Deputy Chief Minister Shri Mukesh Agnihotri, who also holds the portfolio of Jal Shakti, has issued urgent directives in view of the seriousness of the situation. The department has launched restoration efforts on a war footing. He said the priority was being given to restoring drinking water and sewerage services to provide immediate relief to the public.
He said so far, 1,591 drinking water supply schemes have been temporarily restored, bringing relief to the affected areas. The departmental officers and technical staff are working round the clock to ensure the remaining schemes are restored at the earliest.
Shri Agnihotri stated, “The government stands firmly with the people, and the Jal Shakti department is deploying all possible resources to ensure the swift restoration of services. Our priority is public service and timely relief in this crisis.”
-0-

प्रेस नोट

01 July 2025

“ऑनलाइन हो हिमाचल विधानसभा की कार्यवाही: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री”धर्मशाला, 2 जुलाई:उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज धर्मशाला विधानसभा में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को अब ऑनलाइन किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश और देशभर के नागरिक देख सकें कि लोकतंत्र का यह मंदिर कैसे कार्य करता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की विधानसभा देश की पहली डिजिटल विधानसभा बनी थी, और अब समय आ गया है कि इसे पूर्ण रूप से ऑनलाइन कर एक नई मिसाल पेश की जाए।उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से विशेष आग्रह किया कि प्रदेश की विधानसभा की कार्यवाही को ऑनलाइन किया जाए ताकि पूरे देश में यह एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत हो सके। उन्होंने कहा, “जमाना बदल रहा है, तकनीक के इस दौर में पारदर्शिता और जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए विधानसभा की कार्यवाही को ऑनलाइन करना समय की मांग है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पूरे प्रदेश का दौरा कर नशे के खिलाफ एक सशक्त वातावरण तैयार किया है। उन्होंने सराहना की कि राज्यपाल द्वारा नशे के विरुद्ध शुरू की गई मुहिम को प्रदेश सरकार के प्रयासों के साथ समन्वय मिला है, जिससे यह अभियान और अधिक प्रभावशाली हुआ है। कानून निर्माण से लेकर अपराधियों की धरपकड़ तक, राजभवन का सहयोग सराहनीय रहा है।डॉ. वाई. एस. परमार को याद करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश के निर्माता रहे हैं, जिन्होंने इस पहाड़ी राज्य को आकार देने के लिए अथक संघर्ष किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के योगदान को भी ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आधुनिक हिमाचल के निर्माण में उनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है।उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए स्पष्ट किया कि हिमाचल जैसे छोटे पहाड़ी राज्यों के पास सीमित संसाधन हैं। हाईड्रो पावर, पर्यटन और आबकारी जैसे क्षेत्रों से आय होती है।धर्मशाला में स्थित विधानसभा भवन को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन सिर्फ कुछ दिनों के लिए उपयोग में आने के बावजूद अपनी गरिमा और उद्देश्य में पूर्ण है। उन्होंने कहा कि जैसे शिमला में राष्ट्रपति भवन साल में कुछ समय ही सक्रिय रहता है, वैसे ही देश के अन्य राज्यों—जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर आदि—में भी विधानसभा सत्र सीमित अवधि के लिए ही चलते हैं। ऐसे में कम अवधि के लिए उपयोग में आने पर तपोवन विधानसभा की महत्वत्ता पर सवाल करना उपयुक्त नहीं है।उन्होंने कहा कि धर्मशाला की इस विधानसभा का उपयोग विधायकों के प्रशिक्षण के लिए किया जाना चाहिए और इसके लिए पूर्व में एक प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन वह आगे नहीं बढ़ पाया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस ऐतिहासिक स्थल को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शक्तिपीठ माँ चिंतपूर्णी के दरबार में नवाया शीश

ऊना,01 जुलाई।  उपमुख्यमंत्री  मुकेश अग्निहोत्री ने आज श्रद्धा और भक्ति भाव से माँ चिंतपूर्णी मंदिर में शीश नवाकर पूजा-अर्चना की। वे धर्मशाला में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन (सीपीए) भारत क्षेत्र ज़ोन-2 के दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ऊना से धर्मशाला जा रहे थे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने माँ चिंतपूर्णी से प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने प्रदेश में खुशहाली, जनता की सेवा के लिए संकल्पबद्ध भाव, तथा प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा की प्रार्थना की।

प्रेस नोट

29 June 2025

*भगवद् संबंध का बोध करवाते हैं गुरुदेव : स्वामी राजेंद्र दास*

*श्रीमद् भागवत कथा का गोंदपुर जयचंद में भव्य समापन*

*उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने क्षेत्रवासियों का जताया आभार*

ऊना, 29 जून। हरोली उपमंडल के गोंदपुर जयचंद में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा एवं ज्ञान महायज्ञ रविवार को दिव्य वातावरण और भावपूर्ण पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की पुण्य स्मृति में करवाया गया।कथा के अंतिम दिवस पर कथा व्यास परम पूज्य जगतगुरु स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ने श्रीकृष्ण पुत्र प्रद्युम्न जन्म कथा, स्यमंतक मणि प्रसंग, परीक्षित मोक्ष संवाद और भागवत श्रवण महात्म्य जैसे प्रसंगों के माध्यम से जीवन के गूढ़ संदेश प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि मानव जीवन को आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर करने वाला परम मार्गदर्शक है।स्वामी जी ने तामसिक जीवनशैली पर भी चेताया और मांसाहार को आत्मिक अधोगति का कारण बताया। उन्होंने कहा कि आज का समाज भौतिकता की दौड़ में मूल्यों से विमुख होता जा रहा है, जिसे केवल आध्यात्मिकता ही पुनः संतुलित कर सकती है।  उन्होंने कहा कि जीव का नित्य सम्बन्ध परमात्मा से है, लेकिन माया के जाल में फंस कर वह भगवद संबंध को विस्मृत कर देता है। उस शाश्वत सम्बद्ध का बोध गुरुदेव करवाते  हैं। उन्होंने माता को ही प्रथम और श्रेष्ठ गुरु बताया जो जीवन को सही दिशा देती है। श्रीमद् भागवत कथा के समापन के उपरांत गोन्दपुर में परम पूज्य स्वामी श्री राजेन्द्र दास देवाचार्य जी महाराज  के पावन कर कमलों द्वारा एक वट वृक्ष का पौधा रोपित किया गया। उन्होंने स्वर्गीय डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री द्वारा अपनी सुपुत्री डॉ. आस्था अग्निहोत्री को व्यावहारिक ज्ञान के साथ प्रदान किए आध्यात्मिक ज्ञान और परमार्थ के रास्ते पर चलने की सीख की भूरि भूरि प्रशंसा की।समापन अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सप्ताह उनके जीवन का अत्यंत पावन, शांतिपूर्ण और प्रेरणादायक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के सान्निध्य में इस कथा को सुनना उनके समेत सभी क्षेत्रवासियों और अन्यान्य स्थलों से आए श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक सौभाग्य रहा। उन्होंने आयोजन में योगदान देने वाले श्रद्धालुओं, संतजनों और सहयोगियों का भी विशेष आभार जताया।उपमुख्यमंत्री की सुपुत्री डॉ. आस्था अग्निहोत्री ने भी इस अवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्हें मां ने हमेशा जीवन के हर मोड़ पर सही राह दिखाई, यही उनकी सबसे बड़ी विरासत है। उन्होंने कथा व्यास महाराज जी के प्रति कृतज्ञता जताते हुए आयोजन में पधारे सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया।समापन अवसर पर स्वामी कृष्णानंद जी महाराज व अन्य संत समाज के साथ साथ राजनीतिक और समाज जीवन के अनेक ख्यातिलब्ध गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस मौके स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, श्री ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न,दून के विधायक राम कुमार चौधरी, चम्बा के विधायक नीरज नैयर, नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, श्री चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, पूर्व मंत्री एवं  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश पठानिया, पूर्व विधायक अजय महाजन, एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को भव्यता प्रदान की।

प्रेस नोट

श्रीमद् भागवत कथा में बही आध्यात्मिक-सामाजिक समरसता की रसधार, स्वामी राजेंद्र दास बोले…दस पुत्रों के समान होती है एक कन्या

*नारी सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का दिया पावन संदेश*

ऊना, 28 जून। हरोली उपमंडल के गोंदपुर क्षेत्र में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के छठे दिवस पर भक्तिमय वातावरण में धर्म, भक्ति एवं अध्यात्म की वर्षा हुई। यह सात दिवसीय कथा हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की पुण्य स्मृति में आयोजित की जा रही है।कथाव्यास जगतगुरु स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण, श्री राधारानी एवं बाल सखाओं की लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए जीवन मूल्यों एवं सामाजिक सरोकारों की ओर ध्यान आकर्षित किया।स्वामी जी ने कहा कि शास्त्रों में “दश पुत्र सम कन्या” कहा गया है, अर्थात् एक कन्या दस पुत्रों के समान होती है। वर्तमान समय में भी कई परिवारों में पुत्र-पुत्री के बीच भेदभाव देखा जाता है, जबकि बेटियां न केवल शिक्षा में आगे हैं, बल्कि माता-पिता की सेवा-संवेदना में भी अग्रणी रहती हैं।उन्होंने कहा कि एक वृक्ष की तुलना दस कन्याओं के समान पुण्यदायी मानी गई है। तालाबों व जलस्रोतों के किनारे पीपल, वट, आम जैसे वृक्ष लगाने से न केवल पर्यावरण संतुलित होता है, बल्कि यह असंख्य प्राणियों को आश्रय भी प्रदान करता है।स्वामी जी ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले पेयजल की भारी समस्या थी, जिसके चलते यहां विवाह संबंधों में भी संकोच होता था। लेकिन आज क्षेत्र के कर्मठ नेतृत्व श्री मुकेश आअग्निहोत्री व उनके  योजनाबद्ध प्रयासों से यह क्षेत्र जल समृद्ध हो गया है, और अनेक तालाबों का निर्माण कर उनमें जल संचयन सुनिश्चित किया गया है।उन्होंने कहा कि जलाशयों के चारों ओर वृक्षारोपण से जल स्तर में वृद्धि हुई है और यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।स्वामी जी ने उपमुख्यमंत्री श मुकेश अग्निहोत्री से आग्रह किया कि श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर एक वट वृक्ष का रोपण स्वर्गीय सिम्मी अग्निहोत्री जी की स्मृति में किसी सार्वजनिक स्थान पर किया जाए, जिससे यह कथा युगों तक स्मरणीय बनी रहे। साथ ही, उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से भी कम से कम एक वृक्ष लगाने का संकल्प लेने का अनुरोध किया।स्वामी जी ने कहा कि हर व्यक्ति को परिश्रमी होना चाहिए, और समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं सबको समान रूप से मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति स्वयं मेहनत नहीं करता, उसे मुफ्त में सहायता देना राष्ट्र के विकास में बाधा उत्पन्न करता है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, उनकी सुपुत्री डॉ. आस्था अग्निहोत्री, विधायक सतपाल सत्ती, कुलदीप राठौर, विवेक शर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी, राकेश कालिया, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप शर्मा, हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान सहित अनेक विशिष्ट अतिथि एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे और कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

YouTube
YouTube
Instagram