Media Coverage

27 September 2025

प्रेस नोट

उपमुख्यमंत्री ने किया चिंतपूर्णी हिल्स में ‘1971 कैफ़े एवं रेस्टोरेंट’ का शुभारंभ

बोले…धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन, आतिथ्य और स्वरोज़गार को नई दिशा देगा यह प्रयास250 करोड़ से बनेगा माता श्री चिंतपूर्णी का भव्य भवन

श्री चिंतपूर्णी (ऊना), 27 सितंबर.

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नए आयाम देने और आतिथ्य एवं सेवा क्षेत्र में युवाओं के लिए स्वरोज़गार के अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।शनिवार को मुबारिकपुर स्थित चिंतपूर्णी हिल्स में नव-स्थापित ‘1971 कैफ़े एवं रेस्टोरेंट’ का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए स्थानीय उद्यमशीलता और रोजगार को भी बढ़ावा देगी।यह कैफ़े माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति पर आउटसोर्सिंग मॉडल के तहत संचालित होगा। उद्घाटन अवसर पर विधायक सुदर्शन बबलू, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र शर्मा, एसडीएम अंब सचिन शर्मा, कैफे संचालक दक्ष नेगी व लक्ष्य वैद्य सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।उपमुख्यमंत्री ने प्रबंधन को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि कैफ़े अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से श्रद्धालुओं को सुखद अनुभव प्रदान करेगा।मंदिर में की पूजा-अर्चना, विकास कार्यों की ली जानकारीकैफ़े उद्घाटन के उपरांत उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में मातारानी की पावन पिंडी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उनकी पुत्री डॉ. आस्था अग्निहोत्री भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।मंदिर ट्रस्ट के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम सचिन शर्मा ने उपमुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।उपमुख्यमंत्री ने मंदिर के विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।250 करोड़ से बनेगा मंदिर का भव्य भवनउपमुख्यमंत्री ने बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य भवन के निर्माण पर 250 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए देवभूमि हिमाचल के पावन मंदिरों का संरक्षण, सौंदर्यकरण और आधुनिकीकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।उन्होंने बताया कि मंदिर में लागू सुगम दर्शन प्रणाली ने भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को बड़ी सुविधा प्रदान की है। ऑनलाइन लंगर बुकिंग और ऑनलाइन दर्शन जैसी डिजिटल सेवाएं भी शुरू की गई हैं।इसके अतिरिक्त प्रसाद योजना के अंतर्गत मंदिर के लिए 56.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। फरवरी 2025 में मंदिर से जुड़े पुजारियों को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि पूजा-पद्धति की पवित्रता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।-0-

Published
Categorized as Press Notes

Media Coverage

14 September 2024

प्रेस नोट

13 सितम्बर, 2025

उप-मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन 2025 का किया शुभारंभ

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन 2025 का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सहकारिता के पुनर्जागरण का उत्सव है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सहकारिता अब एक जनदृआंदोलन का रूप ले चुकी है।इस अवसर पर कॉपरेटिव फेयर और फिनटेक कॉर्पाेरेट प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि सहकारिता भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और आने वाले समय में तकनीकी नवाचार इसे और सशक्त बनाएगी। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल देश में सहकारिता का जनक है। हिमाचल से जली यह अलख अब पूरे देश में फैल चुकी है। वर्ष 1892 में हिमाचल प्रदेश के पंजावर में सहकारिता समिति गठित की गई जिसका पंजीकरण वर्ष 1906 में हुआ था। वर्तमान में पंजावर क्षेत्र हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। उन्होंने सहकारिता के जनक मियां हीरा सिंह को याद करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान प्रदान करते हुए उन्हीं के नाम पर सहकारिता से संबंधित संस्थान स्थापित किया जा रहा है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 5544 सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनमें 2287 कृषि सहकारी समितियां और 10 सहकारी बैंक किसानों व ग्रामीणों की आर्थिक जरूरतें पूरी कर रहे हैं। कॉपरेटिव बैंक में लोगों के 27 से 28 हजार करोड़ रुपये जमा हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कॉपरेटिव बैंक सराहनीय कार्य कर रहे हैं। कॉपरेटिव बैंकों में लोगों का विश्वास बनाए रखने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं। कॉपरेटिव बैक 6 जिलों का, और कांगड़ा कॉपरेटिव बैक 5 जिलों को और जोगिन्द्रा बैक जिला सोलन का प्रतिनिधित्व कर रहा है। हर हिमाचली का खाता प्रदेश के बैंक में होना चाहिए। प्रदेश सरकार जिम्मेदारी से इनका संचालन सुनिश्चित करेगी। कॉपरेटिव क्षेत्र में हिमाचल उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। कॉपरेटिव समितियों और बैकों में 60 हजार करोड़ रुपये की जमा पूंजी है। उन्होंने कहा कि जिला कुल्लू की शॉल और टोपी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। हरोली में हिमकैप कॉपरेटिव सहकारिता के माध्यम से हिमकैप इस्टीट्यूट स्थापित किया गया है। इस संस्थान में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चे हिमाचल का नाम देश और विदेश में रोशन कर रहे हैं। सहकारिता क्षेत्र में प्रदेश की महिलाएं सफल उदाहरण पेश कर रहे हैं। ऊना में हाल ही में 5000 महिलाओं ने स्वां वुमेन फेडरेशन बनाई। महिलाओं की यह समिति कम समय में बेहतरीन कार्य करते हुए अब लगभग 25 करोड़ रूपये तक पहंुच गई है।उन्होंने यह भी कहा कि सहकारी संस्थाएं आधुनिक तकनीक को अपनाकर डिजिटल पेमेंट से लेकर साइबर सुरक्षा समाधान तक की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन भारत की सहकारिता की यात्रा का एक मील पत्थर साबित होगा। यह पारंपरिक संस्थाओं और आधुनिक तकनीकी समाधानों के बीच नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। कार्यक्रम के दौरान देशभर से आई सहकारी संस्थाओं ने अपनी उपलब्धियां और नवाचार प्रदर्शित किए।एचपीएससीबी के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम द्वारा मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया। उन्होंने दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन के बारे मे विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी, राष्ट्रीय राज्य सहकारिता बैंक महासंघ लिमिटेड के अध्यक्ष कोंडुरु रविंदर राव, रजिस्ट्रार ऑफ कोपरेटिव सोसायटी डीसी नेगी, हिमफैड के अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, राष्ट्रीय राज्य सहकारिता बैंक महासंघ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भीमा सुब्रह्मण्यम, एआरडीबी के अध्यक्ष संजय चौहान व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।.0.

Published
Categorized as Press Notes
YouTube
YouTube
Instagram